{"_id":"602446fe8ebc3ee9702be7fa","slug":"jamrani-dam-economic-evaluation-started-with-international-expert-haldwani-news-hld414338116","type":"story","status":"publish","title_hn":"जमरानी बांध: अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ के साथ शुरू हुआ आर्थिक मूल्यांकन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जमरानी बांध: अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ के साथ शुरू हुआ आर्थिक मूल्यांकन
विज्ञापन
हल्द्वानी। जमरानी बांध परियोजना का आर्थिक मूल्यांकन शुरू हो गया है। जमरानी परियोजना की ओर से नियुक्त राष्ट्रीय आर्थिक विशेषज्ञ ए राजगोपाल और एडीबी की ओर से अंतरराष्ट्रीय आर्थिक विशेषज्ञ माइक कोपलैंड परियोजना का आर्थिक मूल्यांकन कर रहे हैं। परियोजना का आर्थिक मूल्यांकन एडीबी के अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत होगा। आर्थिक मूल्यांकन चार महीने में पूरा होगा। इसमें परियोजना से सिंचाई, बिजली, पेयजल, पर्यटन, रोजगार आदि बिंदुओं पर विस्तृत अध्ययन किया जाएगा और परियोजना के आर्थिक लाभ का आकलन किया जाएगा। आर्थिक मूल्यांकन रिपोर्ट एडीबी को सौंपी जाएगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर एडीबी के साथ ऋण अनुबंध पर हस्ताक्षर होंगे।
जमरानी बांध परियोजना के अधिशासी अभियंता बीबी पांडे ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय आर्थिक विशेषज्ञ और राष्ट्रीय आर्थिक विशेषज्ञ की ओर से मूल्यांकन शुरू कर दिया गया है। इधर, जमरानी परियोजना के महाप्रबंधक प्रशांत विश्नोई ने बताया कि जमरानी पीआईयू के लिए सिंचाई विभाग के पांच सहायक अभियंताओं संजय कुमार सिंह, प्रतिभा शंकर संत, पंकज ढौडियाल, अजय पंत, हिमांशु पंत को प्रबंधक सिविल के पद पर तैनात किया गया है। संजय कुमार सिंह और पंकज ढौढियाल पहले से ही जमरानी परियोजना में कार्यरत हैं जबकि तीन प्रबंधक अन्य सिंचाई खंडों से भेजे गए हैं। नियुक्ति का आदेश सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता मुकेश मोहन न जारी किया है।
14 फरवरी की महापंचायत में तय होंगे प्रतिनिधि
हल्द्वानी। जमरानी बांध परियोजना के डूब क्षेत्रवासियों को कुमाऊं कमिश्नर की ओर से डूब क्षेत्र के एक-एक प्रतिनिधि नामित कर जमरानी परियोजना के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए एक कमेटी का गठन करने की सलाह दी गई है। जमरानी बांध निर्माण संघर्ष समिति ने डूब क्षेत्र के प्रत्येक गांव से एक-एक प्रतिनिधि नामित करने के लिए 14 फरवरी को एक महापंचायत बुलाई है। समिति के अध्यक्ष नवीन पलड़िया ने बताया कि समन्वय समिति के लिए डूब क्षेत्र के सभी छह गांवों में से एक-एक प्रतिनिधि का चयन किया जाना है। इस महापंचायत में एक-एक सदस्य का चयन किया जाएगा। छह सदस्यीय यह टीम सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाएगी। इधर, जमरानी परियोजना के अधिशासी अभियंता (पुनर्वास) बीबी पांडे ने कहा कि डूब क्षेत्रवासियों को प्रस्तावित और चयनित भूमि का निरीक्षण कराने के लिए तैयार हैं। उनके साथ बैठक कर निर्णय लिया जाएगा।
विज्ञापन
पीआईयू गठित मगर नहीं भेजे गए हैं पूर्णकालिक अधिकारी
हल्द्वानी। जमरानी बांध परियोजना कार्यक्रम क्रियान्वयन इकाई में महाप्रबंधक की तैनाती के साथ ही पीआईयू गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। पीआईयू में पूर्णकालिक अधिकारियों के नहीं भेजे जाने से पुनर्वास का काम सुस्त गति से चल रहा है। पीआईयू के गठन के बाद पुनर्वास के कार्य में तेजी आने की संभावनाएं जताई जा रही हैं लेकिन पीआईयू में द्वैत प्रभार पर अधिकारियों को भेजे जाने से पुनर्वास के काम को गति नहीं मिल पा रही है। जमरानी परियोजना के ईई बीबी पांडे बताते हैं पीआईयू के पूरी तरह अस्तित्व में आते ही जमरानी परियोजना के काम में तेजी आ जाएगी।
विज्ञापन
जमरानी बांध परियोजना के अधिशासी अभियंता बीबी पांडे ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय आर्थिक विशेषज्ञ और राष्ट्रीय आर्थिक विशेषज्ञ की ओर से मूल्यांकन शुरू कर दिया गया है। इधर, जमरानी परियोजना के महाप्रबंधक प्रशांत विश्नोई ने बताया कि जमरानी पीआईयू के लिए सिंचाई विभाग के पांच सहायक अभियंताओं संजय कुमार सिंह, प्रतिभा शंकर संत, पंकज ढौडियाल, अजय पंत, हिमांशु पंत को प्रबंधक सिविल के पद पर तैनात किया गया है। संजय कुमार सिंह और पंकज ढौढियाल पहले से ही जमरानी परियोजना में कार्यरत हैं जबकि तीन प्रबंधक अन्य सिंचाई खंडों से भेजे गए हैं। नियुक्ति का आदेश सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता मुकेश मोहन न जारी किया है।
विज्ञापन
14 फरवरी की महापंचायत में तय होंगे प्रतिनिधि
हल्द्वानी। जमरानी बांध परियोजना के डूब क्षेत्रवासियों को कुमाऊं कमिश्नर की ओर से डूब क्षेत्र के एक-एक प्रतिनिधि नामित कर जमरानी परियोजना के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए एक कमेटी का गठन करने की सलाह दी गई है। जमरानी बांध निर्माण संघर्ष समिति ने डूब क्षेत्र के प्रत्येक गांव से एक-एक प्रतिनिधि नामित करने के लिए 14 फरवरी को एक महापंचायत बुलाई है। समिति के अध्यक्ष नवीन पलड़िया ने बताया कि समन्वय समिति के लिए डूब क्षेत्र के सभी छह गांवों में से एक-एक प्रतिनिधि का चयन किया जाना है। इस महापंचायत में एक-एक सदस्य का चयन किया जाएगा। छह सदस्यीय यह टीम सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाएगी। इधर, जमरानी परियोजना के अधिशासी अभियंता (पुनर्वास) बीबी पांडे ने कहा कि डूब क्षेत्रवासियों को प्रस्तावित और चयनित भूमि का निरीक्षण कराने के लिए तैयार हैं। उनके साथ बैठक कर निर्णय लिया जाएगा।
विज्ञापन
पीआईयू गठित मगर नहीं भेजे गए हैं पूर्णकालिक अधिकारी
हल्द्वानी। जमरानी बांध परियोजना कार्यक्रम क्रियान्वयन इकाई में महाप्रबंधक की तैनाती के साथ ही पीआईयू गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। पीआईयू में पूर्णकालिक अधिकारियों के नहीं भेजे जाने से पुनर्वास का काम सुस्त गति से चल रहा है। पीआईयू के गठन के बाद पुनर्वास के कार्य में तेजी आने की संभावनाएं जताई जा रही हैं लेकिन पीआईयू में द्वैत प्रभार पर अधिकारियों को भेजे जाने से पुनर्वास के काम को गति नहीं मिल पा रही है। जमरानी परियोजना के ईई बीबी पांडे बताते हैं पीआईयू के पूरी तरह अस्तित्व में आते ही जमरानी परियोजना के काम में तेजी आ जाएगी।