{"_id":"96b9d3b1d410e7a7a21fe58c1b463fcb","slug":"it-was-just-a-cover-up-inspection-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिर्फ लीपापोती भरा रहा निरीक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिर्फ लीपापोती भरा रहा निरीक्षण
ब्यूरो/अमर उजाला,हल्द्वानी
Updated Sat, 31 Jan 2015 01:57 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (रमसा) के तहत वर्ष 2009 से अब तक कराए गए कार्यों की जांच के लिए पहुंची ज्वाइंट रिव्यू मिशन (जेआरएम) टीम ने शुक्रवार को यहां आधा दर्जन विद्यालयों का निरीक्षण किया, लेकिन इसकी पूर्व सूचना होने के कारण यह निरीक्षण सिर्फ लीपापोती जैसा ही रहा।
विज्ञापन
विद्यालयों में कई कमियां होने के बावजूद टीम ने उन्हें क्लीन चिट दे दी, जबकि जीजीआईसी धौलाखेड़ा में क्लासों में छात्राएं फटी हुई दरी पर बैठीं मिली, लेकिन टीम ने इस पर कोई गौर नहीं किया।
विज्ञापन
हल्द्वानी में रमसा के कार्यों की चेकिंग करने पहुंची केंद्रीय टीम ने पहले जीजीआईसी बनभूलपुरा को देखा। इसके उपरांत टीम जीजीआईसी धौलाखेड़ा पहुंची तो विद्यालय इसके लिए पहले से तैयार था। रंगाई पुताई कर चमका दिया गया था। पैसा खर्च करने का ब्यौरा भी बोर्ड पर लिखा था। टीम के अधिकारियों ने लैब को देखा, उसमें मेजों पर सामग्री सजाकर लगाई गई थी। इसी तरह टीम को क्लासरूम में छात्राएं फटी हुई दरी पर बैठी मिलीं। छुट्टी के वक्त पहुंचने के कारण टीम के लोग बच्चों से बातचीत नहीं कर सके। विभिन्न कार्यों की जानकारी करने के बाद टीम लौट गई।
विज्ञापन
जेआरएम टीम में भारत सरकार के प्रतिनिधि के रूप में सीमेट इलाहाबाद के विभागाध्यक्ष अमित खन्ना, विश्व बैंक के चार्टेड अकाउंटेंट सिद्धार्थ कोहली और राज्य के रमसा के सहायक परियोजना निदेशक डा. मोहन सिंह बिष्ट शामिल थे। साथ में जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) एचपी विश्वकर्मा एवं जिला समन्वयक रमसा पीसी तिवारी भी थे।
इससे पहले भीमताल में अधिकारियों ने सीडीओ ललित मोहन रयाल की मौजूदगी में शिक्षा अधिकारियों ने जेआरएम टीम को जिले में रमसा के तहत कराए गए कार्यों की जानकारी दी। बाद में टीम ने सरस्वती पांडे बालिका इंटर कालेज, राजकीय लीलावती पंत इंटर कालेज और राइंका अमिया पहुंचकर रमसा के तहत बनाए गए भवनों की गुणवत्ता, पुस्तकालय, शैक्षिक गुणवत्ता आदि की स्थिति जांची।
एजूकेशन क्वालिटी में सुधार की जरूरत : खन्ना
केंद्रीय टीम के लीडर एवं सीमेट के विभागाध्यक्ष अमित खन्ना ने कहा कि विद्यालयों में रमसा के कार्यों में कोई खास गड़गड़ी तो नहीं मिली, लेकिन एजूकेशन क्वालिटी में सुधार की जरूरत है। विद्यालयों में टीचर्स की कमी है। पत्रकारों ने जब उनसे इंटर कालेजों में बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर तक न होना तथा फटी दरी पर बैठे बच्चों के बारे में पूछा तो उन्होंने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की और राज्य के सहायक परियोजना निदेशक मोहन सिंह बिष्ट को बुला लिया। श्री बिष्ट ने कहा कि रमसा से केवल नए कक्षा कक्ष का निर्माण होने पर ही उसके लिए फर्नीचर दिए जाने का प्रावधान है, पुराने कक्षा कक्ष के लिए नहीं। नैनीताल में रमसा के तहत इस वर्ष जो 13 विद्यालय उच्चीकृत हुए हैं, वहां मुख्य भवन से लेकर फर्नीचर पूरी व्यवस्था होगी।