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जिला पंचायत अध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस का एक सप्ताह में जवाब देने के निर्देश
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नैनीताल। हाईकोर्ट ने हरिद्वार में दुकानों के आवंटन मामले में जिला पंचायत अध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस का एक सप्ताह के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। हरिद्वार जिला पंचायत अध्यक्ष सविता चौधरी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर शासन के कारण बताओ नोटिस को चुनौती देते हुए निरस्त करने की मांग की थी। बता दें कि हरिद्वार जिला पंचायत की दुकानों के आवंटन में धांधली के मामले में पिछले साल अक्तूबर में तत्कालीन डीएम दीपक रावत की ओर से प्रारंभिक जांच की गई फिर कमिश्नर गढ़वाल की ओर से जांच की गई।
इसमें गड़बड़ियों की पुष्टि के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष को शासन की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इस नोटिस को अध्यक्ष ने याचिका दायर कर चुनौती दी थी, जिसमें कहा था कि कारण बताओ नोटिस गलत है। सरकार की ओर से कहा गया कि जांच सही ढंग से हुई है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने जिला पंचायत अध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस का एक सप्ताह के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
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न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। हरिद्वार जिला पंचायत अध्यक्ष सविता चौधरी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर शासन के कारण बताओ नोटिस को चुनौती देते हुए निरस्त करने की मांग की थी। बता दें कि हरिद्वार जिला पंचायत की दुकानों के आवंटन में धांधली के मामले में पिछले साल अक्तूबर में तत्कालीन डीएम दीपक रावत की ओर से प्रारंभिक जांच की गई फिर कमिश्नर गढ़वाल की ओर से जांच की गई।
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इसमें गड़बड़ियों की पुष्टि के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष को शासन की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इस नोटिस को अध्यक्ष ने याचिका दायर कर चुनौती दी थी, जिसमें कहा था कि कारण बताओ नोटिस गलत है। सरकार की ओर से कहा गया कि जांच सही ढंग से हुई है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने जिला पंचायत अध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस का एक सप्ताह के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
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