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Nainital News: पूर्व राज्यसभा सदस्य मेहरा को प्रतिशपथपत्र पेश करने के निर्देश
Sat, 11 Nov 2023 02:15 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Sat, 11 Nov 2023 02:15 AM IST
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नैनीताल। हाईकोर्ट ने सांसद निधि से विकास कार्यों की संशोधित सूची के अनुसार भुगतान करने को लेकर पिथौरागढ़-चंपावत से पूर्व राज्यसभा सदस्य महेंद्र सिंह मेहरा की याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने उन्हें इस मामले में प्रति शपथपत्र पेश करने के लिए कहा है। याचिकाकर्ता ने कहा था कि विकास कार्यों की संशोधित सूची के अनुसार विकास कार्यों का भुगतान कराया जाए।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी व न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ के सम मामले की सुनवाई हुई। पूर्व राज्यसभा सदस्य महेंद्र सिंह मेहरा ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि कोविडकाल के दौरान केंद्र सरकार ने उनकी सांसद निधि बंद कर दी थी। इसे केंद्र सरकार ने 2022 फिर से सुचारु कर दिया। सुचारु करने पर उनकी ओर से प्रेषित विकास कार्यों के लिए ढाई करोड़ दिया गया। याचिकाकर्ता का कहना था कि पूर्व में दी गई विकास कार्यों की सूची में से कई कार्य सरकार ने अन्य मदों से कर दिए। 2022 में उनके द्वारा फिर से केंद्र सरकार को विकास कार्यों की संशोधित सूची जिले के नोडल अधिकारी के माध्यम से भेजी संशोधित सूची जिले के नोडल अधिकारी ने केंद्र सरकार को नही भेजी। याचिकाकर्ता ने जनहित याचिका में कोर्ट से प्रार्थना की कि संशोधित सूची के अनुसार सांसद निधि का भुगतान किया जाए।
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कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी व न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ के सम मामले की सुनवाई हुई। पूर्व राज्यसभा सदस्य महेंद्र सिंह मेहरा ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि कोविडकाल के दौरान केंद्र सरकार ने उनकी सांसद निधि बंद कर दी थी। इसे केंद्र सरकार ने 2022 फिर से सुचारु कर दिया। सुचारु करने पर उनकी ओर से प्रेषित विकास कार्यों के लिए ढाई करोड़ दिया गया। याचिकाकर्ता का कहना था कि पूर्व में दी गई विकास कार्यों की सूची में से कई कार्य सरकार ने अन्य मदों से कर दिए। 2022 में उनके द्वारा फिर से केंद्र सरकार को विकास कार्यों की संशोधित सूची जिले के नोडल अधिकारी के माध्यम से भेजी संशोधित सूची जिले के नोडल अधिकारी ने केंद्र सरकार को नही भेजी। याचिकाकर्ता ने जनहित याचिका में कोर्ट से प्रार्थना की कि संशोधित सूची के अनुसार सांसद निधि का भुगतान किया जाए।
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