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पार्टी में राष्ट्रीय स्तर तक थी इंदिरा की धमक, वर्ष 2005 में नैनीताल में कराया था कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों का सम्मेलन

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 14 Jun 2021 01:39 AM IST
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Indira's threat was up to the national level in the party, in the year 2005, a conference of Chief Ministers of Congress ruled states was held in Nainital.
नैनीताल। उत्तराखंड ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश की कांग्रेस पार्टी में खासी धमक थी। सितंबर 2005 में उन्होंने इसे न केवल साबित किया, बल्कि नैनीताल में कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों का सफल सम्मेलन कराकर अपनी क्षमताओं को भी जग जाहिर कर दिखाया था।
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उत्तर प्रदेश से अलग होने के बाद भी उत्तराखंड में कांग्रेस का अच्छा दबदबा था। इसे देखते हुए ही 2005 में कांग्रेस पार्टी ने कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों का तीन दिवसीय सम्मेलन प्रस्तावित किया। इसकी सफलता का जिम्मा तत्कालीन लोनिवि और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. इंदिरा हृदयेश को सौंपा गया। जैसे ही तत्कालीन लोनिवि मंत्री पता चला कि उन्हें इस कार्यक्रम का मुख्य संयोजक बनाया गया है। वह कार्यक्रम की सफलता में जी जान से जुट गई। उनके ही प्रयासों के बाद सम्मेलन के लिए नैनीताल स्थित राज्य अतिथि गृह को चुना गया।
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इस सम्मेलन में डॉ. हृदयेश बतौर संयोजक तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी को भी नैनीताल बुलाने में सफल रहीं। यही नहीं इस सम्मेलन में देशभर के कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों, सांसदों, विधायकों व अन्य बड़े नेताओं ने हिस्सा लिया था। पूर्व सांसद डॉ. महेंद्र सिंह पाल को इस कार्यक्रम का स्वागत समिति का अध्यक्ष बनाया गया था।
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कांग्रेस जिलाध्यक्ष सतीश नैनवाल बताते हैं कि मुख्यमंत्रियों के इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य देश में विकास के एजेंडे को तय करना था। तीन दिन तक चले इस सम्मेलन में देश के चहुंमुखी विकास के लिए कांग्रेस ने कई बड़े फैसले लिए। उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अलावा यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री एनडी तिवारी समेत दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अहमद पटेल, कांग्रेस के तत्कालीन राष्ट्रीय महामंत्री संगठन जनार्दन द्विवेदी, अंबिका सोनी समेत सभी कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने हिस्सा लिया।
तत्कालीन दर्जा राज्यमंत्री डॉ. गणेश उपाध्याय बताते हैं कि मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन की सफलता पर तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह और यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने डॉ. इंदिरा हृदयेश के प्रयासों की सराहना कर पीठ थपथपाई थी। डॉ. हृदयेश ने यह सब तब कर दिखाया था जब पार्टी के भीतर ही कई नेता उनके घुर विरोधी थे। इससे पार्टी में डॉ. हृदयेश का कद काफी बढ़ गया था।
शैले हाल में पहली बार लगा था ब्राडबैंड
नैनीताल। नैनीताल क्लब में आयोजित मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन के लिए इंदिरा हृदयेश के प्रयासों पर ही नैनीताल क्लब ने भी सुविधाओं का जबरदस्त इजाफा हुआ। राज्य अतिथि गृह के सेवानिवृत्त व्यवस्था अधिकारी नवीन उप्रेती बताते हैं कि यह पहला मौका था जब राज्य अतिथि गृह के शैले हॉल में पहली बार ब्राडबैंड लगाया गया। इसके अलावा प्रधानमंत्री की प्रेस कान्फ्रेंस के लिए अलग से रूम की व्यवस्था की गई। साथ ही प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी के लिए अलग-अलग दफ्तर भी तैयार किए गए, जो संचार सुविधाओं से लैस थे। उप्रेती बताते हैं कि इसके अतिरिक्त डॉ. हृदयेश के प्रयासों से ही तब नैनीताल क्लब के कमरों का जीर्णोद्धार भी स्वीकृत हुआ था, हालांकि यह कार्य मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन के संपन्न होने के कई दिनों के बाद किया गया।
रात रात तक कामों की करती थी मानिटरिंग
नैनीताल। कांग्रेस जिलाध्यक्ष सतीश नैनवाल बताते हैं कि सीएम सम्मेलन के दौरान डॉ. इंदिरा हृदयेश स्वयं रात रात दो तीन बजे तक नैनीताल क्लब में खड़े रहकर व्यवस्थाओं का जायजा लेती रहती थीं। इससे उनकी अपने कार्य के प्रति कर्मठता का पता चलता है।

इंदिरा की बनाईं सड़कें देखकर हैरान थे सभी : पांडे
नैनीताल। नैनीताल में जब 2005 में कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों का सम्मेलन हुआ था तब तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी आए थे। तब इंदिरा हृदयेश लोक निर्माण मंत्री थीं। 2000 तक यूपी में रहने के दौरान यहां की सड़कें बहुत खस्ता हाल थीं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. रमेश पांडे बताते हैं कि राज्य बनने पर इंदिरा हृदयेश ने सड़क सुधारीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और वे ही हॉट मिक्स निर्माण की कांसेप्ट यहां लाईं। पांडे बताते हैं कि तब स्वयं प्रधानमंत्री सहित सभी मुख्यमंत्री यहां की सड़कों के कायल हो गए थे और इंदिरा को भरपूर सराहना मिली थी। पांडे ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि आज की राजनीति में ऐसी नेता की कल्पना भी नहीं की जा सकती।
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