Uk: वक्त पर इंतजाम होते तो बेवक्त नहीं आती मौत, तीन बच्चों के सिर से उठा मां का साया; ग्रामीणों में आक्रोश
नैनीताल जिले के पहाड़पानी में वन विभाग ने अगर समय रहते बाघ को क्षेत्र से भगाने के लिए ठोस कदम उठा लिए होते तो आज हेमा हमारे बीच जिंदा होती और तीन बच्चों के सिर से मां का साया नहीं उठा होता।
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नैनीताल जिले के पहाड़पानी में वन विभाग ने अगर समय रहते बाघ को क्षेत्र से भगाने के लिए ठोस कदम उठा लिए होते तो आज हेमा हमारे बीच जिंदा होती और तीन बच्चों के सिर से मां का साया नहीं उठा होता। यह गुस्सा शुक्रवार को हेमा देवी की मौत के बाद ग्रामीणों में देखने को मिला। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभाग ने वन्य जीवों की शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा विभाग सिर्फ मुआवजा देकर अपना पल्ला झाड़ लेता है।
दूसरी ओर मां की मौत के बाद हेमा के तीन बच्चे करीना, दीक्षा और कुनाल का रो-रोकर बुरा हाल है। तीनों अपनी मां को पुकारते रहे। मृतका के पति गोपाल सिंह खेतीबाड़ी कर अपनी आजीविका चलाते हैं। गोपाल के साथ उनके मां-बाप, तीन बच्चे और छोटा भाई आन सिंह रहता है। बड़े भाई वीरेंद्र सिंह अपने परिवार के साथ दीनी तल्ली में रहते हैं।
क्षेत्र में लगातार बाघ दिखने से लोगों में भय का माहौल है। बाघ को भगाने के लिए अगर कार्रवाई पहले हो जाती तो हेमा आज जिंदा होती। विभाग को जल्द बाघ को पकड़ना चाहिए।-मोहन सिंह बर्गली, ग्रामीण
घटना के बाद से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वन विभाग को बाघ को जल्द से जल्द पकड़ना चाहिए ताकि ग्रामीणों में दहशत खत्म हो सके।-बालम सिंह बर्गली, ग्रामीण
बाघ के हमले से गोपाल सिंह का परिवार बेघर से हो गया है। महिला की मौत से उसके तीन बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। वन विभाग जल्द बाघ को पकड़े।-कृष्णा चंद्र, ग्रामीण
हेमा की मौत से लोग घरों से अकेले बाहर निकलने में डर रहे हैं। क्षेत्र में लंबे समय से बाघ दिखाई दे रहे हैं। विभाग अगर समय से कार्रवाई कर लेता तो गांव में मातम का माहौल नहीं होता।-रमेश चंद्र, ग्रामीण