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उत्तराखंड में हुआ मेरा पुनर्जन्म : चौबे
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रामनगर (नैनीताल)। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि 2013 में आई केदारनाथ त्रासदी में वह अपने परिवार सहित केदारनाथ में फंस गए थे। तब उन्हें बाबा केदारनाथ और मां भगवती ने बचाया था। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की धरती पर उनका पुनर्जन्म हुआ है। इसलिए वह उत्तराखंड के ऋणी हैं। उत्तराखंड के लिए जो भी हो सकेगा, उसे करेंगे।
रामनगर के एक रिजॉर्ट में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि वह 2013 में परिवार के 17 लोगों के साथ पहले बदरीनाथ और यहां से केदारनाथ धाम पहुंचे। केदारनाथ धाम में त्रासदी आने पर उन्हें मंदिर के गर्भगृह में शरण लेनी पड़ी। तब वह बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री थे। उनके साथ गए 17 लोगों में से सिर्फ आठ लोग इस त्रासदी में बचे थे। उनके कुछ परिजन और सुरक्षा कर्मियों को भी जान गंवानी पड़ी थी। उन्होंने कागज की तरह लोगों को बहते देखा और यह देख वह बेहोश हो गए थे। चार दिन तक मंदिर में शरण लेनी पड़ी। उन्हें आज भी याद है कि जब वे केदारनाथ से निकले तभी रास्ते में मां भगवती की सवारी बाघ सड़क के बीचोंबीच खड़ा हो गया। बाघ काफी देर तक सड़क पर खड़ा रहा और हम भी वहीं खड़े रहे, जब बाघ सड़क हटा तब पता चला कि कुछ ही दूरी पर भूस्खलन हुआ था। यदि बाघ हमें नहीं रोकता तो हम भी गहरी खाई में गिर जाते। उत्तराखंड में केदारनाथ और बाघ ने हमें बचाया, इसलिए उनका उत्तराखंड में पुनर्जन्म हुआ। उन्होंने कहा कि संघ संचालक मोहन भागवत के दिशा निर्देश में केदारनाथ त्रासदी पर किताब लिखी है।
दुधवा से निकली रैली का कार्बेट में समापन
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की ओर से अमृत महोत्सव के तहत इंडिया फॉर टाइगर ए रैली ऑन व्हील्स देश के 51 टाइगर रिजर्व में निकाली जा रही है। यह रैली सभी टाइगर रिजर्व में 7500 किमी की यात्रा तय करेगी। अलग-अलग जगह टाइगर रिजर्व से निकाली रैली 1973 में स्थापित देश के नौ अलग-अलग टाइगर रिजर्व में जाकर समाप्त होगी। इसी के तहत 29 सितंबर को उत्तर प्रदेश के दुधवा टाइगर रिजर्व से रैली का शुभारंभ हुआ था। यह रैली दुधवा से पीलीभीत होते हुए राजाजी टाइगर रिजर्व पहुंची, जिसका समापन रविवार को कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में हुआ।
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कॉर्बेट का धनगढ़ी म्यूजियम भी देखा
रामनगर। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे तड़के ट्रेन से रामनगर स्टेशन पहुंचे। सुबह उन्होंने ढेला में जंगल सफारी की और बाघ संरक्षण के लिए आई रैली का स्वागत किया। बाद में कॉर्बेट सहित अन्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। शाम को धनगढ़ी स्थित म्यूजियम का निरीक्षण किया।
वन कर्मियों के आश्रितों को दिए 25-25 हजार के चेक
रामनगर। कॉर्बेट में वन्यजीवों की सुरक्षा में मारे गए वन कर्मियों के आश्रितों को 25-25 हजार रुपये के चेक दिए। इनमें राकेश शर्मा की पत्नी संध्या शर्मा, किशन पाल की पत्नी ममता देवी व वीर सिंह की पत्नी सरिता देवी शामिल है। दूसरी ओर, कॉर्बेट पार्क में जिप्सी रोटेशन प्रणाली का विरोध करने वाले गुट के गिरीश धस्माना के नेतृत्व में पर्यटन कारोबारी चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन जेएस सुहाग एवं कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत से मिले। उन्होंने रोटेशन प्रणाली लागू नहीं करने की मांग की है।
वन अधिनियमों में होना चाहिए सुधार: वन मंत्री
प्रदेश के वनमंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने वन अधिनियमों में सुधार लाने की जरूरत पर जोर दिया। कार्यक्रम में विधायक दीवान सिंह बिष्ट, एनटीसीए के आईसी डॉ. अमित मलिक, चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन जेएस सुहाग, कॉर्बेट निदेशक राहुल, राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक डीके सिंह, पार्क वार्डन आरके तिवारी, ब्लॉक प्रमुख रेखा रावत, सांसद प्रतिनिधि इंदर रावत, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष भावना भट्ट, नरेंद्र शर्मा, मदन जोशी आदि मौजूद रहे।
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रामनगर के एक रिजॉर्ट में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि वह 2013 में परिवार के 17 लोगों के साथ पहले बदरीनाथ और यहां से केदारनाथ धाम पहुंचे। केदारनाथ धाम में त्रासदी आने पर उन्हें मंदिर के गर्भगृह में शरण लेनी पड़ी। तब वह बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री थे। उनके साथ गए 17 लोगों में से सिर्फ आठ लोग इस त्रासदी में बचे थे। उनके कुछ परिजन और सुरक्षा कर्मियों को भी जान गंवानी पड़ी थी। उन्होंने कागज की तरह लोगों को बहते देखा और यह देख वह बेहोश हो गए थे। चार दिन तक मंदिर में शरण लेनी पड़ी। उन्हें आज भी याद है कि जब वे केदारनाथ से निकले तभी रास्ते में मां भगवती की सवारी बाघ सड़क के बीचोंबीच खड़ा हो गया। बाघ काफी देर तक सड़क पर खड़ा रहा और हम भी वहीं खड़े रहे, जब बाघ सड़क हटा तब पता चला कि कुछ ही दूरी पर भूस्खलन हुआ था। यदि बाघ हमें नहीं रोकता तो हम भी गहरी खाई में गिर जाते। उत्तराखंड में केदारनाथ और बाघ ने हमें बचाया, इसलिए उनका उत्तराखंड में पुनर्जन्म हुआ। उन्होंने कहा कि संघ संचालक मोहन भागवत के दिशा निर्देश में केदारनाथ त्रासदी पर किताब लिखी है।
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दुधवा से निकली रैली का कार्बेट में समापन
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की ओर से अमृत महोत्सव के तहत इंडिया फॉर टाइगर ए रैली ऑन व्हील्स देश के 51 टाइगर रिजर्व में निकाली जा रही है। यह रैली सभी टाइगर रिजर्व में 7500 किमी की यात्रा तय करेगी। अलग-अलग जगह टाइगर रिजर्व से निकाली रैली 1973 में स्थापित देश के नौ अलग-अलग टाइगर रिजर्व में जाकर समाप्त होगी। इसी के तहत 29 सितंबर को उत्तर प्रदेश के दुधवा टाइगर रिजर्व से रैली का शुभारंभ हुआ था। यह रैली दुधवा से पीलीभीत होते हुए राजाजी टाइगर रिजर्व पहुंची, जिसका समापन रविवार को कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में हुआ।
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कॉर्बेट का धनगढ़ी म्यूजियम भी देखा
रामनगर। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे तड़के ट्रेन से रामनगर स्टेशन पहुंचे। सुबह उन्होंने ढेला में जंगल सफारी की और बाघ संरक्षण के लिए आई रैली का स्वागत किया। बाद में कॉर्बेट सहित अन्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। शाम को धनगढ़ी स्थित म्यूजियम का निरीक्षण किया।
वन कर्मियों के आश्रितों को दिए 25-25 हजार के चेक
रामनगर। कॉर्बेट में वन्यजीवों की सुरक्षा में मारे गए वन कर्मियों के आश्रितों को 25-25 हजार रुपये के चेक दिए। इनमें राकेश शर्मा की पत्नी संध्या शर्मा, किशन पाल की पत्नी ममता देवी व वीर सिंह की पत्नी सरिता देवी शामिल है। दूसरी ओर, कॉर्बेट पार्क में जिप्सी रोटेशन प्रणाली का विरोध करने वाले गुट के गिरीश धस्माना के नेतृत्व में पर्यटन कारोबारी चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन जेएस सुहाग एवं कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत से मिले। उन्होंने रोटेशन प्रणाली लागू नहीं करने की मांग की है।
वन अधिनियमों में होना चाहिए सुधार: वन मंत्री
प्रदेश के वनमंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने वन अधिनियमों में सुधार लाने की जरूरत पर जोर दिया। कार्यक्रम में विधायक दीवान सिंह बिष्ट, एनटीसीए के आईसी डॉ. अमित मलिक, चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन जेएस सुहाग, कॉर्बेट निदेशक राहुल, राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक डीके सिंह, पार्क वार्डन आरके तिवारी, ब्लॉक प्रमुख रेखा रावत, सांसद प्रतिनिधि इंदर रावत, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष भावना भट्ट, नरेंद्र शर्मा, मदन जोशी आदि मौजूद रहे।