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होटल कर्मचारी बोले, काम पर रखो वरना आंदोलन
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नैनीताल के होटल के समाने नारेबाजी करते निकाले गए कर्मी व अन्य नेता।
- फोटो : NAINITAL
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नैनीताल। नगर के मन्नु महारानी होटल से निकाले गए 33 कर्मचारियों ने फिर मोर्चा खोल दिया है। नौकरी पर दोबारा रखने की मांग को लेकर सोमवार को कर्मचारियों ने होटल के गेट पर प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
बता दें कि लाकडाउन के बाद सितंबर में होटल प्रबंधन ने 33 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था। कर्मियों के अनुसार तक हालात ठीक होने के बाद उन्हें दोबारा काम पर रखने की बात कही गई थी। अब कामकाज पटरी पर आने के बाद कर्मचारी फिर नौकरी पर रखने की मांग करने लगे हैं। इधर सोमवार को भारतीय मजदूर संगठन और कर्मचारियों ने होटल के गेट पर एकत्र होकर प्रबंधन से वार्ता की मांग की। इस पर प्रबंधन ने वार्ता के लिए मना कर दिया। इससे गुस्साए कर्मचारियों ने होटल के गेट पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने कहा कि दिसंबर से होटल का संचालन शुरू कर दिया गया है, लेकिन पुराने कर्मचारियों को काम पर नहीं रखा जा रहा है, जबकि प्रबंधन ने नए कर्मचारियों की भर्ती कर दी है। यदि प्रबंधन ने जल्द ही निकाले गए कर्मचारियों को नौकरी पर नहीं रखा तो आंदोलन किया जाएगा। धरने पर भारतीय मजबूत संघ के रमेश जोशी, संरक्षक मदन सिंह, जिला अध्यक्ष मदन सिंह, वीरेंद्र, विकास जोशी, नरेंद्र पपोला, जगदीश प्रसाद, प्रकाश, किशन आदि थे।
वार्ता के लिए उन्होंने कर्मियों को मना नहीं किया। पर बातचीत के लिए अंजान लोग आए थे। इनका होटल से कोई संबंध नहीं था इसलिए वार्ता नहीं की गई। कर्मियों को लॉकडाउन में नौकरी से निकालने के बाद श्रम कानून के अनुसार पूर्ण भुगतान कर दिया गया था। वर्तमान में होटल के मात्र 20 कमरे खोले गए हैं। इसके लिए प्रधानमंत्री रोजगार कौशल योजना के अंतर्गत ट्रेनी रखे गए हैं। होटल पूर्ण रूप से खुलने और हालात सामान्य होने पर निकाले गए कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
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नरेश गुप्ता, महाप्रबंधक मनु महारानी
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बता दें कि लाकडाउन के बाद सितंबर में होटल प्रबंधन ने 33 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था। कर्मियों के अनुसार तक हालात ठीक होने के बाद उन्हें दोबारा काम पर रखने की बात कही गई थी। अब कामकाज पटरी पर आने के बाद कर्मचारी फिर नौकरी पर रखने की मांग करने लगे हैं। इधर सोमवार को भारतीय मजदूर संगठन और कर्मचारियों ने होटल के गेट पर एकत्र होकर प्रबंधन से वार्ता की मांग की। इस पर प्रबंधन ने वार्ता के लिए मना कर दिया। इससे गुस्साए कर्मचारियों ने होटल के गेट पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने कहा कि दिसंबर से होटल का संचालन शुरू कर दिया गया है, लेकिन पुराने कर्मचारियों को काम पर नहीं रखा जा रहा है, जबकि प्रबंधन ने नए कर्मचारियों की भर्ती कर दी है। यदि प्रबंधन ने जल्द ही निकाले गए कर्मचारियों को नौकरी पर नहीं रखा तो आंदोलन किया जाएगा। धरने पर भारतीय मजबूत संघ के रमेश जोशी, संरक्षक मदन सिंह, जिला अध्यक्ष मदन सिंह, वीरेंद्र, विकास जोशी, नरेंद्र पपोला, जगदीश प्रसाद, प्रकाश, किशन आदि थे।
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वार्ता के लिए उन्होंने कर्मियों को मना नहीं किया। पर बातचीत के लिए अंजान लोग आए थे। इनका होटल से कोई संबंध नहीं था इसलिए वार्ता नहीं की गई। कर्मियों को लॉकडाउन में नौकरी से निकालने के बाद श्रम कानून के अनुसार पूर्ण भुगतान कर दिया गया था। वर्तमान में होटल के मात्र 20 कमरे खोले गए हैं। इसके लिए प्रधानमंत्री रोजगार कौशल योजना के अंतर्गत ट्रेनी रखे गए हैं। होटल पूर्ण रूप से खुलने और हालात सामान्य होने पर निकाले गए कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
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नरेश गुप्ता, महाप्रबंधक मनु महारानी