Haldwani: खून की सफाई के लिए पानी का इंतजाम अधूरा... तरसे लोग, जानिए पूरा मामला
हल्द्वानी बेस अस्पताल आने वाले मरीजों को इन दिनों बीमारी के साथ पानी के संकट से भी लड़ना पड़ रहा है। खासकर डायलिसिस सेंटर में आने वाले मरीजों को पेयजल संकट के चलते इंतजार करना पड़ रहा है।
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हल्द्वानी बेस अस्पताल आने वाले मरीजों को इन दिनों बीमारी के साथ पानी के संकट से भी लड़ना पड़ रहा है। खासकर डायलिसिस सेंटर में आने वाले मरीजों को पेयजल संकट के चलते इंतजार करना पड़ रहा है। रविवार को भी बेस अस्पताल में पांच टैंकर पानी मंगवाना पड़ा। इसके बाद मरीजों की डायलिसिस प्रक्रिया पूरी हो सकी।
बेस अस्पताल में लंबे समय से पेयजल संकट बना हुआ है। बेस अस्पताल में रविवार सुबह एक घंटा पानी आया जो पर्याप्त नहीं था। गौरतलब है कि डायलिसिस मरीजों को हफ्ते में दो दिन इलाज के लिए बेस अस्पताल आना पड़ता है। करीब 200 मरीज यहां रोजाना पहुंचते हैं। रविवार तड़के चार बजे से मरीजों की डायलिसिस शुरू हुई। प्रत्येक शिफ्ट में 20 से 25 मरीजों का इलाज हुआ। पेयजल संकट से डायलिसिस मरीजों को भी दिक्कत उठानी पड़ी। डायलिसिस केंद्र प्रभारी महेंद्र बिष्ट ने बताया कि अस्पताल में पानी की समस्या बनी हुई है। इससे मरीजों के इलाज में देर हो रही है। रविवार को दो प्राइवेट और तीन सरकारी टैंकर मंगवाकर मरीजों का इलाज हो सका।
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कार्य के चलते अस्पताल का मुख्य गेट रहा बंद
अतिक्रमण की जद में आ रहे बेस अस्पताल के कुछ हिस्से में तोड़फोड़ का कार्य जारी है। रविवार को बेस अस्पताल का शौचालय तोड़ा गया। इस कारण अस्पताल का मुख्य गेट बंद रहा। पेयजल टैंकर के लिए तीसरे नंबर गेट से अंदर जाने के लिए रास्ता मिला।
एसटीएच की सीटी स्कैन मशीन खराब
सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) की सीटी स्कैन मशीन दो दिन से खराब चल रही है। इस कारण मरीजों को आज दिक्कत होना तय है। एसटीएच में औसतन 70 मरीजों की सीटी स्कैन जांच होती है। सोमवार को अस्पताल में 1700 से अधिक ओपीडी होती है। सीटी स्कैन मशीन ठीक नहीं होने के कारण जांच के लिए पहुंचने वाले मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जीएस तितियाल ने बताया कि तकनीशियन मशीन ठीक करने में लगे हैं। जल्द मशीन ठीक होने की उम्मीद है।