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Nainital News: कैंट में होम्योपैथी, नेत्र अस्पताल और लैब बंद, दो विभाग पीपीपी मोड पर
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नैनीताल। तल्लीताल स्थित छावनी परिषद में मरीज कम होने से होम्योपैथी विभाग, नेत्र विभाग और लैब की सुविधा बंद हो गई है। दंत और फिजियोथेरेपी विभाग पीपीपी मोड पर संचालित होने लगे हैं। बोर्ड की ओर से अस्पताल में केवल फिजिशियन की तैनाती है। दवा वितरण बोर्ड खुद करा रहा है।
वर्ष 1878 में स्थापित नैनीताल का छावनी परिषद अस्पताल भी संचालित करता है। यहां पहले फिजिशियन, नेत्र रोग विशेषज्ञ, दंत रोग विशेषज्ञ, फिजियोथेरेपी, पैथोलॉजी, लैब, होम्योपैथी इलाज की सुविधा थी। दंत विभाग व फिजियोथेरेपी विभाग को छावनी परिषद की ओर से पीपीपी मोड पर दे दिया गया है। पीपीपी मोड में जाने के बाद दंत विभाग में पर्चा शुल्क 30 से 50 रुपये कर दिया गया है। दांत के इलाज की दरों में बढ़ोतरी नहीं की गई है। बताया जाता है कि यह सेवा पीपीपी मोड पर जाने के बाद मरीजों की संख्या लगभग आधी हो गई है।
सीईओ वरुण कुमार ने बताया कि बोर्ड स्वायत्त संस्था है। मरीजों की कमी से नेत्र रोग, होम्योपैथी व पैथोलॉजी लैब को बंद किया गया है। पीपीपी मोड में बीपीएल श्रेणी के मरीजों के लिए दरें नहीं बढ़ाई गई हैं। अन्य के लिए भी आंशिक बढ़ोतरी की गई है। मरीजों की संख्या के सापेक्ष सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। संवाद
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वर्ष 1878 में स्थापित नैनीताल का छावनी परिषद अस्पताल भी संचालित करता है। यहां पहले फिजिशियन, नेत्र रोग विशेषज्ञ, दंत रोग विशेषज्ञ, फिजियोथेरेपी, पैथोलॉजी, लैब, होम्योपैथी इलाज की सुविधा थी। दंत विभाग व फिजियोथेरेपी विभाग को छावनी परिषद की ओर से पीपीपी मोड पर दे दिया गया है। पीपीपी मोड में जाने के बाद दंत विभाग में पर्चा शुल्क 30 से 50 रुपये कर दिया गया है। दांत के इलाज की दरों में बढ़ोतरी नहीं की गई है। बताया जाता है कि यह सेवा पीपीपी मोड पर जाने के बाद मरीजों की संख्या लगभग आधी हो गई है।
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सीईओ वरुण कुमार ने बताया कि बोर्ड स्वायत्त संस्था है। मरीजों की कमी से नेत्र रोग, होम्योपैथी व पैथोलॉजी लैब को बंद किया गया है। पीपीपी मोड में बीपीएल श्रेणी के मरीजों के लिए दरें नहीं बढ़ाई गई हैं। अन्य के लिए भी आंशिक बढ़ोतरी की गई है। मरीजों की संख्या के सापेक्ष सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। संवाद
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