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उत्तराखंड: विधानसभा सचिवालय से बर्खास्त कर्मचारियों की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई, अगली तारीख 15 अक्टूबर तय

Thu, 17 Sep 2026 11:56 PM IST
Heera अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: Heera Updated Thu, 17 Sep 2026 11:56 PM IST
सार

नैनीताल हाईकोर्ट ने विधानसभा सचिवालय से बर्खास्त कर्मचारियों के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के बाद कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 15 अक्टूबर की तिथि नियत कर दी है। 

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Hearing in the High Court on the petition of the employees dismissed from the Legislative Assembly Secretariat
उत्तराखंड हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नैनीताल हाईकोर्ट ने विधान सभा सचिवालय से बर्खास्त कर्मचारियों के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए 15 अक्टूबर की तिथि नियत की है। सुनवाई के दौरान बर्खास्त कर्मचारियों की तरफ से प्रार्थना पत्र देकर कहा गया कि 2016 से पहले नियुक्त कर्मचारियों के नियुक्ति के संबंधित दस्तावेज कोर्ट में पेश करने की अनुमति दी जाए।

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कोर्ट ने कहा कि 2016 से पहले नियुक्त कर्मचारियों के दस्तावेज शपथपत्र के माध्यम से पेश करने व विधान सभा सचिवालय को उस पर अपनी आपत्ति दाखिल करने को कहा।न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार अपनी बर्खास्तगी के आदेश को बबिता भंडारी, भूपेंद्र सिंह बिष्ट, कुलदीप सिंह व 225 अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुनौती देते हुए कहा था कि विधान सभा अध्यक्ष के द्वारा लोकहित को देखते हुए उनकी सेवाएं 27, 28 व 29 सितंबर 2022 को समाप्त कर दी थी। बर्खास्तगी आदेश में उन्हें किस आधार पर किस कारण की वजह से हटाया गया कहीं इसका उल्लेख नही किया गया और ना ही उन्हें सुना गया। जबकि उनके द्वारा सचिवालय में नियमित कर्मचारियों की भांति कार्य किया है।
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एक साथ इतने कर्मचारियों को बर्खास्त करना लोकहित नही है इसलिए यह आदेश विधि विरुद्ध है। विधान सभा सचिवालय में 396 पदों पर बैक डोर नियुक्तियां 2001 से 2015 के बीच में भी हुई है जिनको नियमित किया जा चुका है। याचिकाओं में कहा गया कि 2014 तक हुई तदर्थ नियुक्त कर्मचारियों को चार वर्ष से कम की सेवा में नियमित नियुक्ति दे दी गई लेकिन उन्हें नियमित नहीं किया अब उन्हें हटा दिया गया।

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