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हल्द्वानी के क्रेशर अनिशिचतकाल के लिए बंद

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 06 Oct 2019 01:51 AM IST
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Haldwani's crusher closed indefinitely
stone crusher
हल्द्वानी। प्रशासन द्वारा स्टोन क्रशरों पर की जा रही छापेमारी के विरोध में शनिवार को कुमाऊं स्टोन क्रशर एसोसिएशन ने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में प्रशासन पर क्रेशर उद्योग की वास्तविक स्थिति से शासन को अवगत नहीं कराने का आरोप लगाकर अनिश्चितकाल के लिए क्रशर बंद करने की घोषणा की है।
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एसडीएम विवेक राय को सौंपे ज्ञापन में क्रशर स्वामियों का कहना है कि बीते वर्ष गौला नदी में उपखनिज की मात्रा कम आने के कारण क्रशरों द्वारा मिट्टी युक्त उपखनिज क्रय किया गया। इससे उपखनिज की गुणवत्ता गिरी और उपखनिज की ब्रिकी में 60 से 70 प्रतिशत की गिरावट आ गई। इसके साथ ही प्रशासन द्वारा क्रशर उद्योग की वास्तविक स्थिति से भी शासन को अवगत नहीं कराया गया। क्रशरों में उपखनिज कम होने का मुख्य कारण उपखनिज में मिट्टी का होना है लेकिन प्रशासन ने इस समस्या को दरकिनार करते हुए क्रेशरों के खिलाफ चालान की कार्रवाई कर दी। जिससे सभी संचालकों में रोष है।
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क्रशर संचालकों का कहना है कि उनके क्रेशरों में नियमानुसार गौला से उपखनिज आता है इसके बाद भी नियमों की आड़ में प्रशासन द्वारा उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। इस दौरान लालकुंआ स्टोन क्रशर, पाल स्टोन क्रशर, उत्तराखंड स्टोन क्रशर, सागर स्टोन क्रशर, जगदंबा स्टोन क्रशर, कृष्णा स्टोन क्रशर, हिमालया स्टोन क्रशर, हिमालया ग्रिड, श्री बाजाली स्टोन क्रशर, विंध्यवासिनी स्टोन क्रशर, आकृति स्टोन क्रशर, गौरापड़ाव स्टोन क्रशर, देवभूमि स्टोन क्रशर, विनोद स्टोन क्रशर, सुभाष स्टोन क्रशर, जेपी स्टोन क्रशर, केसीएस स्टोन क्रशर, और जय श्री राम स्टोन क्रशर, के संचालक शामिल थे।
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50 हजार की आबादी होगी प्रभावित
हल्द्वानी। स्टोन क्रशर की हड़ताल से 50 हजार की आबादी सीधे प्रभावित होगी। हड़ताल के चलते भवन निर्माण और सड़क निर्माण भी पूरी तरह प्रभावित हो जाएगा। हड़ताल लंबी खिंचती है तो नैनीताल जिले को प्रतिदिन दो करोड़ से अधिक का नुकसान भी होगा।

स्टोन क्रशर व्यवसाय से सीधे तौर पर जिसमें क्रशर में काम करने वाले करीब तीन हजार कर्मचारी, पांच हजार मजदूर, ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुडे़ लोग प्रभावित होंगे। उधर उपखनिज नहीं मिलने और इसके दाम बढ़ने के भी आसार हैं। हड़ताल लंबी खिंची तो फोरलेन सड़क निर्माण, पुल निर्माण, लोनिवि की सड़क, नहरें, सरकारी काम भी प्रभावित होंगे। सागर स्टोन क्रशर के स्वामी विवेक मिश्रा ने बताया कि 20 स्टोन क्रशर एक दिन में करीब दो करोड़ का ट्रांजेक्शन करते हैं।
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