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हल्द्वानी-ज्योलीकोट-कर्णप्रयाग हाईवे नहीं खुल सका
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ज्योलीकोट में वीरभट्टी पुल के पास से मलबा हटाती जेसीबी। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BHIMTAL
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ज्योलीकोट (नैनीताल)। वीरभट्टी पुल के पास पहाड़ी के दरकने से मलबा सड़क पर आने के कारण बंद ज्योलीकोट-कर्णप्रयाग राष्ट्रीय राजमार्ग शनिवार को भी नहीं खुल सका। इस रूट पर वाहनों की आवाजाही बंद रही। छोटे वाहनों को भीमताल-रानीबाग मार्ग होते हुए भेजा जा रहा है जबकि बड़े वाहन टनकपुर-चंपावत और रामनगर होते हुए जा रहे हैं।
शुक्रवार को बलियानाला की पहाड़ी से पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा मलबे के रूप में टूट कर हाईवे में आकर गिर गया था जिससे कुमाऊं की लाइफ लाइन में यातायात ठप हो गया था। एनएच के अधिकारियों ने शनिवार को मलबे हटाने का काम सुबह नौ बजे से शुरू किया लेकिन बारिश की वजह से काम प्रभावित हुआ। मलबा हटाने के लिए एक जेसीबी और एक पोकलैंड मशीन को लगाया गया है। एनएच के सहायक अभियंता एमसी जोशी ने बताया कि रविवार सुबह तक मलबा हटाने के साथ यातायात सुचारु होने की उम्मीद है।
अतिरिक्त सफर तय करने से वाहन चालक परेशान
भीमताल। इस सड़क पर यातायात ठप होने से यात्रियों, वाहन चालकों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। भीमताल मार्ग में बड़े वाहनों का संचालन पहले से ही रोका गया है ऐसे में पहाड़ से आने और जाने वाले वाहनों को वाया ज्योलीकोट-नैनीताल-भवाली-से आना जाना पड़ रहा है। उन्हें 11 किलोमीटर दूरी तय करनी पड़ रही है
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किसानों में गुस्सा
भीमताल। आसपास के किसान मलबे को बलियानाला में डाले जाने से नाराज हैं। उनका कहना है कि यह देवूवाजाला, ढाकाखेत, बकरीखोड, सरियाताल की नहरों और कृषि भूमि के लिए नुकसानदायक होगा। इससे खेतों की सिंचाई के लिए जाने वाले पानी से बजरी खेतों में जमा हो जाएगी।
पेयजल लाइन आपूर्ति ठप
भीमताल। भूस्खलन के कारण देबुवजाला, बकरीखोड, ढाकाखेत, सरियाताल की पेयजल आपूर्ति लाइन टूट गई है। इससे इन गांवों में पेयजल संकट हो गया है। सरियाताल के ग्राम प्रधान हरगोविंद रावत ने जलसंस्थान के ईई संजय उपाध्याय से पेयजल आपूर्ति सुचारु करने की मांग की।
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शुक्रवार को बलियानाला की पहाड़ी से पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा मलबे के रूप में टूट कर हाईवे में आकर गिर गया था जिससे कुमाऊं की लाइफ लाइन में यातायात ठप हो गया था। एनएच के अधिकारियों ने शनिवार को मलबे हटाने का काम सुबह नौ बजे से शुरू किया लेकिन बारिश की वजह से काम प्रभावित हुआ। मलबा हटाने के लिए एक जेसीबी और एक पोकलैंड मशीन को लगाया गया है। एनएच के सहायक अभियंता एमसी जोशी ने बताया कि रविवार सुबह तक मलबा हटाने के साथ यातायात सुचारु होने की उम्मीद है।
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अतिरिक्त सफर तय करने से वाहन चालक परेशान
भीमताल। इस सड़क पर यातायात ठप होने से यात्रियों, वाहन चालकों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। भीमताल मार्ग में बड़े वाहनों का संचालन पहले से ही रोका गया है ऐसे में पहाड़ से आने और जाने वाले वाहनों को वाया ज्योलीकोट-नैनीताल-भवाली-से आना जाना पड़ रहा है। उन्हें 11 किलोमीटर दूरी तय करनी पड़ रही है
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किसानों में गुस्सा
भीमताल। आसपास के किसान मलबे को बलियानाला में डाले जाने से नाराज हैं। उनका कहना है कि यह देवूवाजाला, ढाकाखेत, बकरीखोड, सरियाताल की नहरों और कृषि भूमि के लिए नुकसानदायक होगा। इससे खेतों की सिंचाई के लिए जाने वाले पानी से बजरी खेतों में जमा हो जाएगी।
पेयजल लाइन आपूर्ति ठप
भीमताल। भूस्खलन के कारण देबुवजाला, बकरीखोड, ढाकाखेत, सरियाताल की पेयजल आपूर्ति लाइन टूट गई है। इससे इन गांवों में पेयजल संकट हो गया है। सरियाताल के ग्राम प्रधान हरगोविंद रावत ने जलसंस्थान के ईई संजय उपाध्याय से पेयजल आपूर्ति सुचारु करने की मांग की।