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Nainital News: चौबटिया उद्यान में ओलावृष्टि से बागवानी को हुआ भारी नुकसान
Wed, 06 May 2026 10:09 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Wed, 06 May 2026 10:09 PM IST
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। चौबटिया उद्यान में भी नवरोपित फल पौधों को नुकसान पहुंचा है। ओलों की वजह से कई पौधों की टहनियां टूट गईं और फूल झड़ गए। मौसम की मार से बागवानी क्षेत्र में चिंता का माहौल बना हुआ है। ऊंचाई वाले क्षेत्र चौबटिया में मंगलवार को हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि ने बागवानी व कृषि को व्यापक नुकसान पहुंचाया है। तेज ओलों की मार से क्षेत्र में सेब, प्लम, खुबानी समेत कई फलदार पेड़ों के फूल झड़ गए, जबकि फलत में आए फलों पर दाग पड़ गए हैं। कई स्थानों पर सब्जी फसलें भी प्रभावित हुई हैं। काश्तकार मोहन बेलवाल ने बताया कि ओलावृष्टि से फल और फूलों को काफी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि कई पेड़ों में फल आ चुके थे, लेकिन ओलों की चोट से उनमें दाग पड़ गए हैं, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों प्रभावित होंगी। उनका कहना है कि स्थानीय किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है और प्रशासन को नुकसान का आंकलन कर मुआवजा देना चाहिए।
समय पर राहत नहीं मिली तो बढ़ेंगी किसानों की मुश्किलें
ग्रामीणों और बागवानों का कहना है कि लगातार बदलते मौसम और प्राकृतिक आपदाओं से खेती-बागवानी का जोखिम बढ़ता जा रहा है। ओलावृष्टि से फलों और सब्जियों को हुए नुकसान के बाद अब किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा होने लगा है। बागवानों ने प्रशासन से जल्द नुकसान का सर्वे कराने, प्रभावित किसानों को मुआवजा देने और भविष्य में फसलों की सुरक्षा के लिए एंटी हेल नेट व अन्य आधुनिक तकनीकों पर अनुदान उपलब्ध कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि समय पर सहायता नहीं मिली तो आने वाले सीजन में बागवानी और कृषि कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
कोट
ओलावृष्टि की वजह से कई फलों की बाहरी सतह प्रभावित हुई है, जिससे उनकी गुणवत्ता और विकास पर असर पड़ सकता है। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव को देखते हुए बागवानों को एंटी हेल नेट जैसी सुरक्षा तकनीकों का इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि फलों को ओलों से होने वाले नुकसान से बचाया जा सके। - - मनोज धर्मसक्तू उद्यान अधीक्षक उद्यान चौबटिया
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समय पर राहत नहीं मिली तो बढ़ेंगी किसानों की मुश्किलें
ग्रामीणों और बागवानों का कहना है कि लगातार बदलते मौसम और प्राकृतिक आपदाओं से खेती-बागवानी का जोखिम बढ़ता जा रहा है। ओलावृष्टि से फलों और सब्जियों को हुए नुकसान के बाद अब किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा होने लगा है। बागवानों ने प्रशासन से जल्द नुकसान का सर्वे कराने, प्रभावित किसानों को मुआवजा देने और भविष्य में फसलों की सुरक्षा के लिए एंटी हेल नेट व अन्य आधुनिक तकनीकों पर अनुदान उपलब्ध कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि समय पर सहायता नहीं मिली तो आने वाले सीजन में बागवानी और कृषि कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
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कोट
ओलावृष्टि की वजह से कई फलों की बाहरी सतह प्रभावित हुई है, जिससे उनकी गुणवत्ता और विकास पर असर पड़ सकता है। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव को देखते हुए बागवानों को एंटी हेल नेट जैसी सुरक्षा तकनीकों का इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि फलों को ओलों से होने वाले नुकसान से बचाया जा सके। - - मनोज धर्मसक्तू उद्यान अधीक्षक उद्यान चौबटिया
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