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Nainital News: इंग्लैंड की घड़ी का अच्छा समय लौटेगा... नैनीताल में फिर बताएगी समय
Thu, 16 Jul 2026 01:17 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Thu, 16 Jul 2026 01:17 AM IST
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नैनीताल। नगर के पालिका भवन में लगी ब्रिटिशकालीन ऐतिहासिक घड़ी का अच्छा समय लौटने वाला है। लंबे समय से बंद पड़ी इंग्लैंड की यह धरोहर जल्द ही एक नए और आधुनिक अवतार में नजर आएगी। पालिका प्रशासन इस ऐतिहासिक घड़ी को डिजिटल रूप में बदलेगा। इससे सरोवर नगरी के लोगों को इतिहास और आधुनिकता के संगम से समय का अहसास होगा।
देश की आजादी के बाद के शुरुआती वर्षों में नगरपालिका ने इंग्लैंड से चार बड़ी टावर क्लॉक मंगवाई थीं। दशकों तक स्थानीय लोग और पर्यटक इन घड़ियों से समय देखते थे। इस जटिल मैकेनिकल घड़ी को चालू रखने का हुनर नगर में एकमात्र कारीगर बच्चन के पास था। उनके निधन के बाद दूसरा हुनरमंद कारीगर नहीं मिला। मैकेनिक न मिलने के कारण पिछले चार वर्षों से ये घड़ियां पूरी तरह बंद पड़ी थीं। देखरेख के अभाव में इसके अंदरूनी गियर (रोल) भी घिस चुके थे।
इस ऐतिहासिक धरोहर को हमेशा के लिए बंद होने से बचाने के लिए नगर पालिका ने इसे डिजिटल तकनीक से अपग्रेड करने का फैसला लिया है। नई योजना के तहत क्लॉक टावर के चारों हिस्सों में लगभग 80 हजार प्रति घड़ी की लागत से चार शानदार डिजिटल घड़ियां लगाई जाएंगी। संवाद
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कोट...
क्लॉक टावर शहर की एक ऐतिहासिक धरोहर है। वर्तमान में इसके मुख्य पुर्जे घिस चुके हैं और पुरानी तकनीक को ठीक करने वाले कारीगर उपलब्ध नहीं हैं। ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए इसे ऐसे ही बंद नहीं छोड़ा जा सकता। हम इसे डिजिटल तकनीक से अपग्रेड करने की योजना बना रहे हैं ताकि यह सुचारु रूप से चल सके और शहर की खूबसूरती बनी रहे।
- रोहिताश शर्मा, ईओ, नगर पालिका
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देश की आजादी के बाद के शुरुआती वर्षों में नगरपालिका ने इंग्लैंड से चार बड़ी टावर क्लॉक मंगवाई थीं। दशकों तक स्थानीय लोग और पर्यटक इन घड़ियों से समय देखते थे। इस जटिल मैकेनिकल घड़ी को चालू रखने का हुनर नगर में एकमात्र कारीगर बच्चन के पास था। उनके निधन के बाद दूसरा हुनरमंद कारीगर नहीं मिला। मैकेनिक न मिलने के कारण पिछले चार वर्षों से ये घड़ियां पूरी तरह बंद पड़ी थीं। देखरेख के अभाव में इसके अंदरूनी गियर (रोल) भी घिस चुके थे।
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इस ऐतिहासिक धरोहर को हमेशा के लिए बंद होने से बचाने के लिए नगर पालिका ने इसे डिजिटल तकनीक से अपग्रेड करने का फैसला लिया है। नई योजना के तहत क्लॉक टावर के चारों हिस्सों में लगभग 80 हजार प्रति घड़ी की लागत से चार शानदार डिजिटल घड़ियां लगाई जाएंगी। संवाद
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कोट...
क्लॉक टावर शहर की एक ऐतिहासिक धरोहर है। वर्तमान में इसके मुख्य पुर्जे घिस चुके हैं और पुरानी तकनीक को ठीक करने वाले कारीगर उपलब्ध नहीं हैं। ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए इसे ऐसे ही बंद नहीं छोड़ा जा सकता। हम इसे डिजिटल तकनीक से अपग्रेड करने की योजना बना रहे हैं ताकि यह सुचारु रूप से चल सके और शहर की खूबसूरती बनी रहे।
- रोहिताश शर्मा, ईओ, नगर पालिका