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अभी नही चेते तो विलुप्त हो जाएंगे लोकगीत
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हल्द्वानी एफटीआई सभागार में आयोजित लोक उत्सव आह्वान की गोष्ठी में मंचासीन फिल्म अभिनेता हेमंत
हल्द्वानी। अभिव्यक्ति कार्यशाला की ओर से आयोजित तीन दिवसीय लोक उत्सव आवाहन 2019 के दूसरे दिन हुई गोष्ठी में विशेषज्ञों ने लोकनृत्य और लोकगीतों से नई पीढ़ी के विमुख होने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लोक विधा, लोक गीत, लोक नृत्य, लोक परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रयास नहीं किए गए तो अपनी संस्कृति की पहचान बनाए रखना मुश्किल हो जाएगा। संस्कृति कर्मियों, रंग कर्मियों, लोक गायकों, लोक कलाकारों ने अपनी जड़ों को मजबूत करने की दिशा में ठोस प्रयास करने होंगे। सरकार को भी इस दिशा में पहल करनी होगी।
लोक उत्सव आवाहन 2019 के दूसरे दिन वानिकी प्रशिक्षण अकादमी में ‘उत्तराखंड के लोकनृत्य, लोकगीतों की परंपरा और भविष्य’ विषय पर हुई गोष्ठी में गीत एवं नाट्य प्रभाग नैनीताल के प्रशिक्षक रहे जस्सी राम आर्य ने कहा कि युवा पीढ़ी को लोक संस्कृति, लोक गीत और लोक नृत्य के प्रति सजग करना होगा। सरकार को भी लोक गायकों और संस्कृति कर्मियों को पर्याप्त सुविधाएं देनी चाहिए। हिमालय संगीत शोध समिति के निदेशक डॉ. पंकज उप्रेती ने कहा कि मेले, ठेलों की परंपरा कामर्शियल होकर गिरोहबंद लोगों के हाथों में चली गई है। असली विद्या समाप्त हो रही है।
आकाशवाणी नजीबाबाद की संगीत निर्देशिका रहीं डॉ. माधुरी बड़थ्वाल ने कहा कि हमारी संस्कृति को दिल्ली के चश्मे से देखा जा रहा है। हमारे जागर गायक दो जून की रोटी को तरस गए हैं। उन्हें सहारा देने की जरूरत है।
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जौनसारी जनजाति भाषा के लोकगीतों और हिमालय गंधर्व प्रथा के विशेषज्ञ नंदलाल भारती ने कहा कि सरकार लोक संस्कृति, लोक गीतों का स्वरूप बिगाड़ रही है। लोक संस्कृति के सरकारी करण से लोक संस्कृति गायब हो रही है। यह आंगन से गायब है और नकली व दिखावे के मंचों पर पहुंच गई है। धरातल पर काम नहीं हो रहा है। जो भी काम हो रहा है वह आर्टिफिशियल हो रहा है। सिने अभिनेता हेमंत पांडे ने कहा कि संस्कृति संरक्षण के लिए सरकार की नहीं बल्कि संस्कार की जरूरत है। गोष्ठी में चारु तिवारी, मनोज चंदोला, प्रकाश भट्ट, भावना पंत, डीके पंत, आशिमा पांडे, खुशाल चंदोला, हिमाद्रि आदि थे।
विशेषज्ञों का परिचय
जस्सी राम आर्या: झोड़े, चांचरी, बैर, भगनौल के मर्मज्ञ, लोकगीतों के संरक्षण का बड़ा कलेक्शन है। गीत एवं नाट्य प्रभाग नैनीताल में प्रशिक्षक रहे।
डॉ. माधुरी बड़थ्वाल: संस्कार गीतों पर काम किया है। आकाशवाणी नजीबाबाद में 32 वर्ष सेवा की है। गढ़वाली लोकगीतों की राग रागिनियों पर एक वैज्ञानिक अध्ययन विषय पर शोध किया। 10 वर्ष तक लैंसडाउन और कोटद्वार में शिक्षिका रहीं। वर्तमान में विलुप्त हो रहे लोकगीतों के संरक्षण के लिए जगह-जगह प्रशिक्षण दे रही हैं।
डॉ. पंकज उप्रेती: कुमाऊंनी होली पर शोध। रामलीलाओं, नाटकों पर शोधपरक कार्य। हिमालय संगीत शोध समिति के निदेशक। शास्त्रीय संगीत और कुमाऊंनी होली की उत्कृष्ट परंपरा को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।
नंद लाल भारती: जौनसारी जनजाति के लोकगीतों के विशेषज्ञ, जौनसारी लोक गीतों को जौनसार के बाहर लाने का काम किया। वादी परंपरा, हिमालय गंधर्व का गहराई से अध्ययन। जौनसार की सभी विधाओं के जानकार।
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लोक संस्कृति: दिल्ली ने समझा, देहरादून ने की उपेक्षा
हल्द्वानी। उत्तराखंड की लोक संस्कृति को दिल्ली सरकार में महत्व दिए जाने के बाद प्रदेश के लोक कलाकारों और संस्कृति कर्मियों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि प्रदेश सरकार ने राज्य गठन के 19 साल बाद भी प्रदेश की संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में कोई कारगर कदम नहीं उठाए हैं।
अभिव्यक्ति कार्यशाला के लोक उत्सव आवाहन 2019 में शिरकत करने आए संस्कृति कर्मियों और लोक गायकों ने दिल्ली सरकार की सराहना की है। उनका कहना था कि दिल्ली सरकार द्वारा हाल में उत्तराखंड के लोक गायक हीरा सिंह राणा को कुमाऊंनी, गढ़वाली, जौनसारी अकादमी का उपाध्यक्ष बनाया गया है। सिने अभिनेता हेमंत पांडे, लोक जौनसारी भाषा के विशेषज्ञ नंद लाल भारती, हिमालय संगीत शोध समिति के निदेशक डा. पंकज उप्रेती, लोक विधा के संरक्षण में जुटे जस्सी राम आर्या का कहना है कि प्रदेश सरकार को दिल्ली सरकार से सीख लेते हुए प्रदेश की लोक भाषाओं के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।
संस्कार से आएगी संस्कृति: हेमंत पांडे
हल्द्वानी। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के मूल निवासी सिने अभिनेता हेमंत पांडे का कहना है कि संस्कृति का संरक्षण सरकारों से संभव नहीं है। जहां संस्कार होते हैं वहीं संस्कृति जीवंत होती है। बच्चों को संस्कारवान बनाने की जरूरत है ताकि वह अपनी संस्कृति को सजा संवार सकें।
आवाहन 2019 में पहुंचे हेमंत पांडे ने बताया कि उनकी नई फिल्म टाइम पास रिलीज हुई है जो सभी थियेटरों में लगी है। अभी पांच-छह फिल्मों में अभिनय कर रहे हैं। अभी एक फिल्म क्या मस्ती क्या धूम की शूटिंग विदेश में चल रही है। इसमें उनके अलावा विजय राज, संजय मिश्रा, जॉनी लीवर ने अभिनय किया है। फिल्म के निर्देशक चंद्रकांत हैं।
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लोक उत्सव आवाहन 2019 के दूसरे दिन वानिकी प्रशिक्षण अकादमी में ‘उत्तराखंड के लोकनृत्य, लोकगीतों की परंपरा और भविष्य’ विषय पर हुई गोष्ठी में गीत एवं नाट्य प्रभाग नैनीताल के प्रशिक्षक रहे जस्सी राम आर्य ने कहा कि युवा पीढ़ी को लोक संस्कृति, लोक गीत और लोक नृत्य के प्रति सजग करना होगा। सरकार को भी लोक गायकों और संस्कृति कर्मियों को पर्याप्त सुविधाएं देनी चाहिए। हिमालय संगीत शोध समिति के निदेशक डॉ. पंकज उप्रेती ने कहा कि मेले, ठेलों की परंपरा कामर्शियल होकर गिरोहबंद लोगों के हाथों में चली गई है। असली विद्या समाप्त हो रही है।
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आकाशवाणी नजीबाबाद की संगीत निर्देशिका रहीं डॉ. माधुरी बड़थ्वाल ने कहा कि हमारी संस्कृति को दिल्ली के चश्मे से देखा जा रहा है। हमारे जागर गायक दो जून की रोटी को तरस गए हैं। उन्हें सहारा देने की जरूरत है।
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जौनसारी जनजाति भाषा के लोकगीतों और हिमालय गंधर्व प्रथा के विशेषज्ञ नंदलाल भारती ने कहा कि सरकार लोक संस्कृति, लोक गीतों का स्वरूप बिगाड़ रही है। लोक संस्कृति के सरकारी करण से लोक संस्कृति गायब हो रही है। यह आंगन से गायब है और नकली व दिखावे के मंचों पर पहुंच गई है। धरातल पर काम नहीं हो रहा है। जो भी काम हो रहा है वह आर्टिफिशियल हो रहा है। सिने अभिनेता हेमंत पांडे ने कहा कि संस्कृति संरक्षण के लिए सरकार की नहीं बल्कि संस्कार की जरूरत है। गोष्ठी में चारु तिवारी, मनोज चंदोला, प्रकाश भट्ट, भावना पंत, डीके पंत, आशिमा पांडे, खुशाल चंदोला, हिमाद्रि आदि थे।
विशेषज्ञों का परिचय
जस्सी राम आर्या: झोड़े, चांचरी, बैर, भगनौल के मर्मज्ञ, लोकगीतों के संरक्षण का बड़ा कलेक्शन है। गीत एवं नाट्य प्रभाग नैनीताल में प्रशिक्षक रहे।
डॉ. माधुरी बड़थ्वाल: संस्कार गीतों पर काम किया है। आकाशवाणी नजीबाबाद में 32 वर्ष सेवा की है। गढ़वाली लोकगीतों की राग रागिनियों पर एक वैज्ञानिक अध्ययन विषय पर शोध किया। 10 वर्ष तक लैंसडाउन और कोटद्वार में शिक्षिका रहीं। वर्तमान में विलुप्त हो रहे लोकगीतों के संरक्षण के लिए जगह-जगह प्रशिक्षण दे रही हैं।
डॉ. पंकज उप्रेती: कुमाऊंनी होली पर शोध। रामलीलाओं, नाटकों पर शोधपरक कार्य। हिमालय संगीत शोध समिति के निदेशक। शास्त्रीय संगीत और कुमाऊंनी होली की उत्कृष्ट परंपरा को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।
नंद लाल भारती: जौनसारी जनजाति के लोकगीतों के विशेषज्ञ, जौनसारी लोक गीतों को जौनसार के बाहर लाने का काम किया। वादी परंपरा, हिमालय गंधर्व का गहराई से अध्ययन। जौनसार की सभी विधाओं के जानकार।
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लोक संस्कृति: दिल्ली ने समझा, देहरादून ने की उपेक्षा
हल्द्वानी। उत्तराखंड की लोक संस्कृति को दिल्ली सरकार में महत्व दिए जाने के बाद प्रदेश के लोक कलाकारों और संस्कृति कर्मियों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि प्रदेश सरकार ने राज्य गठन के 19 साल बाद भी प्रदेश की संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में कोई कारगर कदम नहीं उठाए हैं।
अभिव्यक्ति कार्यशाला के लोक उत्सव आवाहन 2019 में शिरकत करने आए संस्कृति कर्मियों और लोक गायकों ने दिल्ली सरकार की सराहना की है। उनका कहना था कि दिल्ली सरकार द्वारा हाल में उत्तराखंड के लोक गायक हीरा सिंह राणा को कुमाऊंनी, गढ़वाली, जौनसारी अकादमी का उपाध्यक्ष बनाया गया है। सिने अभिनेता हेमंत पांडे, लोक जौनसारी भाषा के विशेषज्ञ नंद लाल भारती, हिमालय संगीत शोध समिति के निदेशक डा. पंकज उप्रेती, लोक विधा के संरक्षण में जुटे जस्सी राम आर्या का कहना है कि प्रदेश सरकार को दिल्ली सरकार से सीख लेते हुए प्रदेश की लोक भाषाओं के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।
संस्कार से आएगी संस्कृति: हेमंत पांडे
हल्द्वानी। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के मूल निवासी सिने अभिनेता हेमंत पांडे का कहना है कि संस्कृति का संरक्षण सरकारों से संभव नहीं है। जहां संस्कार होते हैं वहीं संस्कृति जीवंत होती है। बच्चों को संस्कारवान बनाने की जरूरत है ताकि वह अपनी संस्कृति को सजा संवार सकें।
आवाहन 2019 में पहुंचे हेमंत पांडे ने बताया कि उनकी नई फिल्म टाइम पास रिलीज हुई है जो सभी थियेटरों में लगी है। अभी पांच-छह फिल्मों में अभिनय कर रहे हैं। अभी एक फिल्म क्या मस्ती क्या धूम की शूटिंग विदेश में चल रही है। इसमें उनके अलावा विजय राज, संजय मिश्रा, जॉनी लीवर ने अभिनय किया है। फिल्म के निर्देशक चंद्रकांत हैं।

हल्द्वानी पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच में आयोजित लोक उत्सव आह्वान 2019 में लोगों को संबोधित क?

हल्द्वानी पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच में आयोजित लोक उत्सव आह्वान 2019 में कुमाऊंनी लोकनृत्य

हल्द्वानी पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच में आयोजित लोक उत्सव आह्वान 2019 में जौनसारी लोकनृत्य प

हल्द्वानी पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच में आयोजित लोक उत्सव आह्वान 2019 में जौनसारी लोकनृत्य प