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Nainital News: फूलों की खेती से गुलजार हो रही नर्सरी संचालकों की जिंदगी
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हल्द्वानी। भीमताल, भवाली, श्यामखेत की तरह हल्द्वानी भी नर्सरी का गढ़ बनते जा रहा है। वर्तमान में यहां 70 से अधिक नर्सरियां हैं। सबसे ज्यादा सजावट और फलों के पौधों की डिमांड है। औषधीय पौधे भी लोग अच्छी तादाद में खरीद रहे हैं। अधिकतर नर्सरी संचालकों का प्रतिदिन तीन से चार हजार रुपये का कारोबार है।
हल्द्वानी में रामपुर रोड, बरेली रोड, नैनीताल रोड समेत अलग-अलग जगह स्थापित नर्सरी के लिए अधिकतर पौधे पर्वतीय इलाकों से ही आते हैं। भीमताल क्षेत्र के पौधों की डिमांड सबसे ज्यादा रहती है। इस क्षेत्र में 250 से अधिक नर्सरी हैं। कारोबारियों के अनुसार साल में जिले से करीब 20 करोड़ का कारोबार होता है। यहां से पौधे दिल्ली, चंडीगढ़, मध्य प्रदेश सबसे ज्यादा जा रहे हैं। नर्सरी स्वामी डीएस नेगी के अनुसार आबादी बढ़ रही है और पेड़ कट रहे हैं। अब लोग अपने घर और आसपास के क्षेत्र को हरा-भरा करने के लिए नर्सरी के पौधों को तवज्जो दे रहे हैं। लोग किचन से लेकर टैरेस गार्डन सजाने के विभिन्न प्रजातियों के पौधे खरीद रहे हैं।
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हल्द्वानी में रामपुर रोड, बरेली रोड, नैनीताल रोड समेत अलग-अलग जगह स्थापित नर्सरी के लिए अधिकतर पौधे पर्वतीय इलाकों से ही आते हैं। भीमताल क्षेत्र के पौधों की डिमांड सबसे ज्यादा रहती है। इस क्षेत्र में 250 से अधिक नर्सरी हैं। कारोबारियों के अनुसार साल में जिले से करीब 20 करोड़ का कारोबार होता है। यहां से पौधे दिल्ली, चंडीगढ़, मध्य प्रदेश सबसे ज्यादा जा रहे हैं। नर्सरी स्वामी डीएस नेगी के अनुसार आबादी बढ़ रही है और पेड़ कट रहे हैं। अब लोग अपने घर और आसपास के क्षेत्र को हरा-भरा करने के लिए नर्सरी के पौधों को तवज्जो दे रहे हैं। लोग किचन से लेकर टैरेस गार्डन सजाने के विभिन्न प्रजातियों के पौधे खरीद रहे हैं।
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