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याचिकाकर्ताओं पर लगाया 50-50 हजार का जुर्माना
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Wooden gavel and books on wooden table, law concept
- फोटो : Court-00000.jpg
नैनीताल। हाईकोर्ट ने राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित होकर दायर की गई दो अलग-अलग जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के बाद दोनों याचिकाकर्ताओं पर पचास-पचास हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने यह जुर्माना दो सप्ताह के भीतर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन में जमा करने को कहा है। जुर्माना जमा न करने पर डीएम हरिद्वार को उनकी संपत्ति से जुर्माना वसूलना होगा। कोर्ट ने इसी के साथ दोनों जनहित याचिकाओं को खारिज कर दिया।
मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति एनएस धानिक की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। पहले मामले में देहरादून निवासी उमेश कुमार ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि खानपुर हरिद्वार के विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, उनके पुत्र व पत्नी अपने काफिले में हूटर व लाल बत्ती लगा कर मंगलोर, खानपुर, रुड़की सहित कई स्थानों में जाते हैं जिससे कि इस क्षेत्र में भय का माहौल बना रहता है।
याची का कहना था कि हूटर बजाने से स्कूल, घरों, हॉस्पिटलों का माहौल खराब हो रहा है इस पर रोक लगाई जाए। पूर्व में कोर्ट ने इस तरह के सायरन बजाने पर रोक लगाई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि यह जनहित याचिका राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित होकर दायर की गई है। विधायक 2017 से हैं, पहले यह जनहित याचिका दायर क्यों नहीं की गई।
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दूसरी जनहित याचिका रुड़की निवासी संजीव कुमार ने महापौर गौरव गोयल के खिलाफ दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि महापौर गौरव गोयल ने वित्तीय अनियमितताएं की हैं। उनके द्वारा कराए गए निर्माण कार्यों में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है, इसलिए इसकी जांच कराई जाए और उनके वित्तीय अधिकार सीज किए जाएं। इस जनहित याचिका को भी कोर्ट ने राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित मानते हुए खारिज कर दिया।
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मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति एनएस धानिक की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। पहले मामले में देहरादून निवासी उमेश कुमार ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि खानपुर हरिद्वार के विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, उनके पुत्र व पत्नी अपने काफिले में हूटर व लाल बत्ती लगा कर मंगलोर, खानपुर, रुड़की सहित कई स्थानों में जाते हैं जिससे कि इस क्षेत्र में भय का माहौल बना रहता है।
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याची का कहना था कि हूटर बजाने से स्कूल, घरों, हॉस्पिटलों का माहौल खराब हो रहा है इस पर रोक लगाई जाए। पूर्व में कोर्ट ने इस तरह के सायरन बजाने पर रोक लगाई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि यह जनहित याचिका राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित होकर दायर की गई है। विधायक 2017 से हैं, पहले यह जनहित याचिका दायर क्यों नहीं की गई।
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दूसरी जनहित याचिका रुड़की निवासी संजीव कुमार ने महापौर गौरव गोयल के खिलाफ दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि महापौर गौरव गोयल ने वित्तीय अनियमितताएं की हैं। उनके द्वारा कराए गए निर्माण कार्यों में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है, इसलिए इसकी जांच कराई जाए और उनके वित्तीय अधिकार सीज किए जाएं। इस जनहित याचिका को भी कोर्ट ने राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित मानते हुए खारिज कर दिया।