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‘मौन पालकों को उचित पहचान दिलाएगा महोत्सव’

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 19 Dec 2021 02:39 AM IST
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'Festival will give proper recognition to silent parents'
हल्द्वानी। मौन पालकों के उत्पादों को उचित पहचान दिलाते हुए उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्लेटफार्म उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की ओर से तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय हनी-बी महोत्सव और संगोष्ठी शुरू हो गई है। विभिन्न तकनीकी सत्रों में वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों ने मौन पालन के लाभ, तकनीक और कम लागत में किसानों के मुनाफे को कैसे चार गुना बढ़ाया सकता है, इसकी जानकारी दी।
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सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि शहद आजीविका का प्रमुख साधन बन सकता है। सरकार शहद और इससे बनने वाले उत्पादों के लिए मधु ग्राम योजना भी चला रही है। ज्योलीकोट में आधुनिक प्रसंस्करण इकाई स्थापित की जा रही है। सरकार इससे पूर्व सेव, मशरूम और मसालों पर इस तरह की कार्यशाला कर चुकी है। इससे पूर्व प्रथम सत्र में निदेशक उद्यान डॉ. एचएस बाजवा ने मौन पालन से शहद उत्पादन व अन्य उत्पादों के विपणन व्यवस्था पर प्रकाश डाला।
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कुलपति वीसीएसजी भरसार पौड़ी डॉ. एक कर्नाटक, निदेशक डीआरडीओ डॉ. मधुबाला ने मधुमक्खी पालन के माध्यम से आय दोगुनी करने के तरीके बताए। ऑनलाइन के माध्यम से अमेरिका से डॉ. प्रीतम सिंह ने मधु की गुणवत्ता, डॉ. सतीश कुमार शर्मा ने एफएसएसएआई के लाइसेंस पर चर्चा की। सहायक निदेशक सीबीआटीआई पुणे डॉ. लक्ष्मी राव, डॉ. मनोज कुमार शर्मा, कार्यकारी निदेशक कृषक कल्याण मंत्रालय भारत सरकार नवीन कुमार पाटले, अपर सचिव डॉ. रामविलास यादव, संयुक्त निदेशक डॉ. हरीश चंद्र तिवारी ने भी विचार रखे।
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द्वितीय तकनीकी सत्र में संयुक्त निदेशक उद्यान डॉ. एससी तिवारी ने उद्यान विभाग द्वारा मधु मधुमक्खी पालन मे किये जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला। निदेशक शिवालिक नेचुरल प्रोडक्ट अतर सिंह, मैनेजिंग डाइरेक्टर योगेन्दर पुनिया, निर्मल कुमार वार्ष्णेय, प्रगतिशील कृषक राजेंद्र सोलंकी, निदेशक रॉयल हनी एंड बी फार्मिंग सोसाईटी डॉ. नितिन कुमार सिह ने भी जानकारी दी। मध्यप्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश, अमेरिका सिगापुर एवं टर्की देशों के वैज्ञानिक ऑनलाइन और आफलाइन शामिल हुए। संगोष्ठी में अपर निदेशक उद्यान जगदीश, मुख्य उद्यान अधिकारी भावना जोशी, जिला उद्यान अधिकारी अल्मोड़ा एनके पांडे समेत 700 मौन पालकों ने प्रतिभाग किया।

महोत्सव में दिखे हनी उत्पादों के स्टाल
महोत्सव में हनी उत्पादों के करीब 35 स्टाल लगाए गए थे। बड़ी संख्या में विभिन्न जिलों से पहुंचे किसानों ने जानकारी ली और उपकरण भी खरीदे। सचिव कृषि और उद्यान डॉ. आर मीनाक्षी सुन्दरम ने भी स्टालों का निरीक्षण किया व मौन पालकों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि नवीनतम तकनीकी ज्ञान हेतु कृषक, महिलाओं को राजकीय व्यय पर राज्य के अंदर और बाहर प्रशिक्षण, भ्रमण कराया जाता है।
किसानों को प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित
महोत्सव में प्रत्येक जिले से पांच पांच उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित किया गया।
मंत्री का करते रहे इंतजार
महोत्सव का उद्घाटन कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल को करना था। लेकिन शाम तक उनके कार्यक्रम में नहीं पहुंचने से लोगों को निराशा हुई।
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