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Nainital News: नरभक्षी का खौफ, घुट-घुट कर जी रहे लोग

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 19 Dec 2023 01:19 AM IST
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Fear of cannibals, people living suffocated
भीमताल (नैनीताल)। भीमताल और धारी के गांवों में बीते 12 दिन से घूम रहे नरभक्षी की दहशत से जहां एक ओर ग्रामीण घरों से बाहर अकेले नहीं निकल पा रहे हैं। वहीं दूसरी और भीमताल और धारी क्षेत्र में प्राथमिक, जूनियर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट विद्यालयों के बंद होने से 700 से अधिक छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इससे अभिभावक परेशान हैं।
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सबसे अधिक परेशानी बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे इंटर और हाईस्कूल के विद्यार्थियों को उठानी पड़ रही है। हालांकि शिक्षा विभाग की ओर से ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही है लेकिन नेटवर्क की समस्या के चलते ऑनलाइन पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। वहीं ग्रामीणों ने कहा कि 12 दिन बाद भी वन विभाग की ओर से क्षेत्र में घूम रहे नरभक्षी को नहीं पकड़ा जा सका है। इसे लेकर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में विभाग के प्रति नाराजगी है।
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भीमताल और धारी ब्लॉक के गांवों में बंद पड़े हैं विद्यालय
भीमताल ब्लॉक के मलुवाताल के तोक कसाइल और पिनरों के तोक डोब गांव में नरभक्षी के हमले से दो महिलाओं की मौत हो गई थीं। इसके बाद वन विभाग ने शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन से सुरक्षा की दृष्टि से विद्यालय बंद रखने का आह्वान किया। इस पर शिक्षा विभाग ने मलुवाताल, पिनरों, ओखलढूंगा और जंगलियागांव के छह प्राथमिक विद्यालय, दो जूनियर हाईस्कूल और एक इंटर कॉलेज को सुरक्षा की दृष्टि से बंद कर दिया।
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विद्यालय बंद होने से 250 से अधिक बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विभाग की ओर से ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही है। इधर धारी ब्लॉक के बबियाड़ संकुल के विद्यालय बंद है जिसमें बबियाड़ इंटर कॉलेज, हाईस्कूल दुदुली, जूनियर हाईस्कूल बिरसिंगिया, प्राथमिक विद्यालय बबियाड़, दुदुली, अम्दौ, बिरसिंगिया, सुनपतला, कालागढ़ी, पोखरीफेर, किमतड़ धूरा और खपाल प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं। इन विद्यालयों के बंद होने से 400 से अधिक छात्र-छात्राएं ऑनलाइन पढ़ने के लिए मजबूर है। लेकिन नेटवर्क की कमी के चलते शिक्षा प्रभावित हो रही है।




ग्राम प्रधान तारा पलड़िया ने बताया स्कूल बंद होने से बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। वन विभाग की ओर से नरभक्षी को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन सफलता नहीं मिल रही है। विभाग जल्द नरभक्षी को पकड़े जिससे बच्चे स्कूल जा सके।



क्षेत्र पंचायत सदस्य यशपाल आर्य ने बताया नरभक्षी की दहशत में विद्यालय बंद होने से बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। दस दिन से वन विभाग नरभक्षी को नहीं पकड़ पाया है। विभाग को नरभक्षी को पकड़ने के जल्द ठोस रणनीति बनानी चाहिए।



उप शिक्षाधिकारी मान सिंह ने बताया विद्यालय बंद होने से बच्चों को परेशान न होना पड़े इसके लिए ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की हैं। अभिभावक नरभक्षी के खौफ से बच्चे विद्यालय नहीं भेज रहे हैं। विद्यालयों में शिक्षक रोज आ रहे हैं। बच्चे अगर विद्यालय आएंगे तो समय बदल सकते हैं।

बीईओ, धारी अंशुल बिष्ट ने बताया कि छात्र-छात्राओं की पढ़ाई के लिए ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की है। बच्चों की सुरक्षा दृष्टि के तहत ही विद्यालय बंद किए हैं। नरभक्षी के पकड़ते ही स्कूल खोल दिए जाएंगे।



वन क्षेत्राधिकारी नितिन पंत ने बताया कि हमारी टीम क्षेत्र में लगातार गश्त कर रही है। प्रयास है कि क्षेत्र में घूम रहे नरभक्षी को जल्द पकड़ लिया जाए जिससे स्कूली बच्चों, ग्रामीण और महिलाओं को परेशान न होना पड़े

कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने बताया वन विभाग को निर्देशित किया जाएगा की टीम की गश्त बढ़ाकर नरभक्षी को जल्द से जल्द पकड़ लिया जाए जिससे स्कूली बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो सके और ग्रामीणों में भी भय खत्म हो सके।


रामनगर के गर्जिया मंदिर के रास्ते में रोज दिख रहा बाघ
रामनगर (नैनीताल)। रामनगर क्षेत्र में बाघ की दहशत बढ़ रही है। ऐसे में वन कर्मचारी लगातार बैठक कर लोगों को जागरूक कर रहे हैं।
एक सप्ताह से गर्जिया मंदिर के रास्ते पर बाघ की दहशत है। पिछले दो दिन से लगातार बाघ दिख रहा है और यहां पर ग्रामीण दहशत में है। यह इलाका कॉर्बेट पार्क और रामनगर वन प्रभाग के कोसी रेंज के अंतर्गत आता है। इसके अलावा तराई पश्चिमी वन प्रभाग के आमपोखरा रेंज के हाथीडगर में बाघ ने दो दिन पहले बाइक सवार मालधन निवासी धर्मेश और जितेंद्र प्रसाद पर हमला किया था। यहां पर बाघ ने पिछले महीने नवंबर में पूजा देवी को मार दिया था। इसके अलावा ढेला रेंज के पटरानी में इस महीने अनीता देवी को भी बाघ ने मार दिया था। वहीं अक्तूबर में आमपोखरा रेंज में बाघ ने मालधन निवासी अंकित पर हमला कर घायल कर दिया था जिसका गुरुग्राम में इलाज चल रहा है।
किसान संघर्ष समिति के संयोजक ललित उप्रेती ने बताया कि एक महीने से बाघ आदमखोर हो चुका है। कॉर्बेट पार्क प्रशासन और स्थानीय प्रशासन ने आश्वासन दिया था कि आदमखोर बाघ को तुरंत पकड़ लेंगे, लेकिन अब और दो घटनाएं हो चुकी हैं। कहा कि आखिर कॉर्बेट प्रशासन किसी बड़ी घटना होने का इंतजार कर रहा है क्या? उत्तराखंड जन अधिकार संगठन के सदस्य ललित मोहन पांडे ने कहा कि बाघ को तुरंत पकड़ा जाए अब यह बाघ आदमखोर हो चुका है।

संगठन के सदस्य नेता संजय मेहता ने कहा कि कॉर्बेट प्रशासन और वन विभाग दोनों सोए हुए हैं इन्हें जनता की कोई फिक्र नहीं है। ऐसे में जल्द ही ग्रामीण आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

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