नीतू पाल की कहानी: इकलौते बेटे की धड़कनें बचाते-बचाते थम गईं पिता की सांसें; मासूम पुत्र को थी ये बीमारी
रामनगर में आर्थिक तंगी और इकलौते बेटे के महंगे इलाज के बोझ से परेशान एक पिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा है जबकि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
विस्तार
रामनगर में आर्थिक तंगी और लाचारी के चलते एक पिता ने रविवार को अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। मोहल्ला ऊंटपड़ाव निवासी व्यक्ति ने मासूम बेटे की बीमारी और उसके महंगे इलाज से परेशान होकर फांसी लगा ली। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मोहल्ला ऊंटपड़ाव निवासी नीतू पाल (46) पुत्र पिताराम रामनगर के ही एक स्थानीय क्लीनिक में काम करते थे। उनके सात वर्षीय इकलौते बेटे प्रिंस की दोनों किडनियां खराब हैं जिसका लंबे समय से काशीपुर के निजी अस्पताल डायलिसिस चल रहा था। बच्चे की गंभीर स्थिति के कारण लगातार इलाज में महंगा खर्च आ रहा था। नीतू पाल क्लीनिक की सीमित आय में बेटे के इलाज का भारी-भरकम खर्च उठाने में असमर्थ महसूस कर रहे थे। आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव से जूझते हुए उन्होंने रविवार को अपने घर में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की भनक लगते ही बदहवास परिजन नीतू को फंदे से उतारकर नजदीकी अस्पताल ले गए। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद से पत्नी और दिव्यांग मां बेसुध है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। कोतवाल सुशील कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला मासूम बच्चे की बीमारी का इलाज न करा पाने के अवसाद और आर्थिक तंगी से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
दिव्यांग मां और पत्नी बेसुध
घटना की भनक लगते ही बदहवास परिजन नीतू को फंदे से उतारकर नजदीकी अस्पताल ले गए। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद से पत्नी और दिव्यांग मां बेसुध है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची।
प्रथम दृष्टया मामला मासूम बच्चे की बीमारी का इलाज न करा पाने के अवसाद और आर्थिक तंगी से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। -सुशील कुमार, कोतवाल