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Nainital News: 10 दिन बाद भी काठगोदाम-हैडाखान सड़क बंद होने से भड़के ग्रामीण, काठगोदाम बैरियर पर दिया धरना,
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हल्द्वानी। काठगोदाम-हैड़ाखान मार्ग 10 दिनों से बंद होने पर प्रभावित ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया। शुक्रवार को ग्रामीणों ने मुख्य सड़क को जल्द खोलने के लिए काठगोदाम बैरियर पर सांकेतिक धरना दिया। प्रभावितों को मनाने के लिए धरनास्थल पर पहुंचे केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट का ग्रामीणों ने घेराव किया। इस पर उन्होंने ग्रामीणों को एक सप्ताह के भीतर समस्या का हल कराने का आश्वासन दिया है। इस पर करीब दो घंटे बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया।
काठगोदाम-हैड़ाखान मार्ग बंद होने से करीब 120 गांवों की 50,000 से अधिक आबादी 10 दिनों से अलग-थलग पड़ी है। इससे प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीण शुक्रवार को दस किमी पैदल चलकर काठगोदाम बैरियर पहुंचे और उन्होंने सांकेतिक धरना देकर जाम लगा दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की।
प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन सिर्फ वैकल्पिक मार्गों को खोलने में जुटा है जबकि मुख्य सड़क को खोलने के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहा। इसका सबसे अधिक खामियाजा किसानों और बीमार लोगों को उठाना पड़ रहा है। बीमार और गर्भवती महिलाओं को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाना चुनौती बना हुआ है।
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हल्द्वानी मंडी में फल, सब्जी और अनाज बेचने वाले किसानों को कई किमी दूर जाना पड़ रहा है। क्षेत्र में गैस सिलिंडर, एंबुलेंस आदि आवश्यक सेवाएं बाधित हो गई हैं। सिलिंडर और सामान सिर पर लादकर दो किमी की खड़ी चढ़ाई पार करनी पड़ रही है। किराए-भाड़े के साथ ही जरूरी वस्तुओं के दाम भी आसमान छू रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल्द मुख्य सड़क को नहीं खोला गया तो क्षेत्र की जनता उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि रौशिल-जमरानी और विजयपुर-ओखलढूंगा मार्ग के साथ ही प्रशासन को काठगोदाम-हैड़ाखान मुख्य मार्ग को सुचारु करने के प्रयास करने की जरूरत है। कहा कि जिन वैकल्पिक मार्गों को प्रशासन तैयार कर रहा है वह बरसात में बंद रहते है। दोनों मार्गों के बीच में नदी हैं और पुल की व्यवस्था भी नहीं है।
इस दौरान ललित मोहन, इंदर सिंह मेहता, मयंक बोरा, निक्की महतोलिया, चांदनी बोरा, मुन्नी देवी, बीना भनवाल, भावना सुयाल, उमा देवी, कमला भनवाल, मीरा मनराल आदि मौजूद रहीं।
10,000 से अधिक किसान परिवार हो रहे प्रभावित
मार्ग बंद होने से ओखलकांडा, भीमताल, धारी और पाटी ब्लॉक के 120 गांवों के किसान प्रभावित हैं। यहां 10,000 से अधिक किसान परिवार हैं जो अपनी फसलों को मंडी नहीं पहुंचा पा रहे। प्रतिदिन करीब 13 ट्रक और 40 पिकअप माल हल्द्वानी मंडी में भेजा जाता था। इसके अलावा 800 परिवार दुग्ध उत्पादन करते हैं जिनका करीब 35,000 लीटर प्रतिदिन दूध बिकता था जो मार्ग बंद होने से बर्बाद हो रहा है।
ये गांव हो रहे प्रभावित
हल्द्वानी। काठगोदाम-हैडाखान मार्ग बंद होने से पसोली, रौशिल, कुमाल गांव, पनिया मेहता, पनिया बोर, ओखलढूंगा, बढेत, हैडाखान, उडवा, लुवडगांजा, चमोली, खन्स्यों, बढोन, लाल कन्या, पतलोट, बाड़डोबा, हरीशताल, चकडोबा, बरमधार, भीड़ापानी, करायल, गरगड़ी, कालागर समेत 120 गांव प्रभावित हो रहे हैं।
आसमान छू रहे जरूरी वस्तुओं के दाम
प्रभावित क्षेत्र में जरूरी वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार गैस सिलिंडर 2500, टमाटर 150 रुपये किलो, आलू और चीनी 80 रुपये किलो बिक रही है। इसी तरह अन्य जरूरी वस्तुओं के दाम दोगुने हो गए हैं। वाहनों का किराया बढ़ने से 1500 रुपये घर से आने जाने में चुकाने पड़ रहे हैं। काठगोदाम से भूस्खलन वाले क्षेत्र तक दो किमी तक का 50 रुपये किराया देना पड़ रहा है। मगर प्रशासन अंधाधुंध बढ़ते किराए और जरूरी वस्तुओं के बढ़ते दामों पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है।
मार्ग बंद होने से 400 शादियां प्रभावित
शादियों का सीजन है लेकिन मार्ग बंद होने से प्रभावित क्षेत्र में 400 से अधिक शादियां प्रभावित हो गई है। इसमें से 50 शादियाें के दिन आगे बढ़ा दिए गए हैं। अधिकतर परिवार गांव से शादी नहीं कर पा रहे हैं। हल्द्वानी के आसपास मंदिरों में या बैंक्वेट हॉल में उन्हें शादियां करवानी पड़ रही हैं।
सीएम धामी की विधानसभा के 17 गांव प्रभावित
हल्द्वानी। काठगोदाम-हैड़ाखान मार्ग बंद होने से सीएम पुष्कर सिंह धामी की विधानसभा के 17 गांवों के ग्रामीण भी प्रभावित हैं। पाटी ब्लॉक में आने वाले रीठा साहिब, टुडनी, रमक गांव, दुनाघाट, मछाड़, खरई, मिडार, परेवा, बमोरा, विनवाल गांव, कुल्याल गांव, चमोली, चंद्रकोट, नोलिया गांव, तोला, गोल डांड़ा, डुडानी, चोथिया, विरगुला और घिघराड़ आदि गांव शामिल हैं। इन ग्रामीणों का मुख्य बाजार हल्द्वानी है। मार्ग बंद होने से ग्रामीणों को अब 60 किमी अधिक आवाजाही करनी पड़ रही है। इसके अलावा यहां हल्द्वानी से आवाजाही करने वाले कर्मचारियों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
हैड़ाखान मार्ग पर बनेगा वैकल्पिक मार्ग: भट्ट
हल्द्वानी। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने शुक्रवार को काठगोदाम-हैड़ाखान क्षतिग्रस्त मार्ग का निरीक्षण किया। भट्ट ने बताया कि भू-वैज्ञानिकों की रिपोर्ट के आधार पर भूस्खलन वाली जगह पर सड़क बनाना उचित नहीं है। इसे देखते हुए मुख्य सड़क को जोड़ने के लिए ढाई किमी का वैकल्पिक मार्ग बनाया जाएगा।
इसकी प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर जल्द शासन को भेजने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। बीआरओ डीजीपी से दूरभाष पर वार्ता कर वैकल्पिक मार्ग के सर्वे के लिए बीआरओ अभियंताओं के साथ लोनिवि अभियंताओं की शीघ्र बैठक कराने के निर्देश दिए हैं। वैकल्पिक मार्ग की स्वीकृति के लिए सचिव वन एवं लोनिवि आरके सुधांशु से दूरभाष पर वार्ता कर समस्या का शीघ्र हल कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (टीएचडीसी) की टीम सोमवार को स्थलीय निरीक्षण करेगी। टीम की रिपोर्ट के आधार पर वन विभाग की अनापत्ति मिलने पर वैकल्पिक मार्ग बनाने का कार्य शुरू किया जाएगा।
इसके बाद मंत्री अजय भट्ट ने वैकल्पिक मार्ग के कार्यों का निरीक्षण किया। भट्ट ने सीडीओ डॉ. संदीप तिवारी को ग्रामीण क्षेत्रों में रसोई गैस, राशन, औषधि और अन्य जरूरी वस्तुओं को भेजने के निर्देश दिए। कहा कि भविष्य में हेलीकॉप्टर की आवश्यकता पड़ने पर उसकी भी तैनाती की जाएगी।
इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह, एसडीएम राहुल साह, लोनिवि के अधिशासी अभियंता दीपक गुप्ता, मनोज पांडेे, सचिन साह, मनोज पाठक, रेवाधर बृजवासी, कृपाल सिंह मेहरा आदि मौजूद रहे।
कोट
क्षेत्र की जनता को हो रही परेशानी को देखते हुए जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में सांकेतिक धरना दिया गया है। सांसद ने सड़क खोलने का आश्वासन दिया है। अगर मार्ग नहीं खुला तो क्षेत्र की जनता अनशन करने को बाध्य होगी। - प्रेम बल्लभ जोशी, जिला पंचायत सदस्य
वैकल्पिक मार्गों के साथ ही काठगोदाम-हैड़ाखान मोटरमार्ग को प्राथमिकता से खोला जाए। यह मुख्य मार्ग क्षेत्र की लाइफलाइन है। इसके बंद होने से जरूरी सेवाएं प्रभावित हो रही है। - नवीन चंद्र पलडिया, अध्यक्ष, जमरानी बांध संघर्ष समिति
मार्ग बंद होने से आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हो गई है। रोजगार चौपट हो गया है। उत्पादित फसलें मंडी में नहीं पहुंच पा रही हैं। - मुन्नी राणा, प्रभावित
मार्ग बंद होने से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था चौपट हो गई है। किसानों का प्रतिदिन हजारों लीटर दूध बर्बाद हो रहा है। किसान मंडी में फसलें नहीं ला पा रहे हैं। प्रशासन को मार्ग खोलने के लिए शीघ्र कार्यवाही करनी चाहिए। - चंद्रावती देवी, प्रभावित
यातायात बंद होने से ग्रामीणों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। जरूरी वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं। बीमार और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो गया है। सड़क जल्द खोली जाए। - दीवान सिंह सम्मल, प्रभावित
10 दिन बीतने के बाद भी सड़क नहीं खुल पाई है। इससे साबित होता है कि शासन-प्रशासन को ग्रामीणों की रत्ती भर भी चिंता नहीं है। जल्द सड़क नहीं खुली तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करेंगे। - ममता सिरोलिया, प्रभावित
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काठगोदाम-हैड़ाखान मार्ग बंद होने से करीब 120 गांवों की 50,000 से अधिक आबादी 10 दिनों से अलग-थलग पड़ी है। इससे प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीण शुक्रवार को दस किमी पैदल चलकर काठगोदाम बैरियर पहुंचे और उन्होंने सांकेतिक धरना देकर जाम लगा दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की।
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प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन सिर्फ वैकल्पिक मार्गों को खोलने में जुटा है जबकि मुख्य सड़क को खोलने के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहा। इसका सबसे अधिक खामियाजा किसानों और बीमार लोगों को उठाना पड़ रहा है। बीमार और गर्भवती महिलाओं को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाना चुनौती बना हुआ है।
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हल्द्वानी मंडी में फल, सब्जी और अनाज बेचने वाले किसानों को कई किमी दूर जाना पड़ रहा है। क्षेत्र में गैस सिलिंडर, एंबुलेंस आदि आवश्यक सेवाएं बाधित हो गई हैं। सिलिंडर और सामान सिर पर लादकर दो किमी की खड़ी चढ़ाई पार करनी पड़ रही है। किराए-भाड़े के साथ ही जरूरी वस्तुओं के दाम भी आसमान छू रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल्द मुख्य सड़क को नहीं खोला गया तो क्षेत्र की जनता उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि रौशिल-जमरानी और विजयपुर-ओखलढूंगा मार्ग के साथ ही प्रशासन को काठगोदाम-हैड़ाखान मुख्य मार्ग को सुचारु करने के प्रयास करने की जरूरत है। कहा कि जिन वैकल्पिक मार्गों को प्रशासन तैयार कर रहा है वह बरसात में बंद रहते है। दोनों मार्गों के बीच में नदी हैं और पुल की व्यवस्था भी नहीं है।
इस दौरान ललित मोहन, इंदर सिंह मेहता, मयंक बोरा, निक्की महतोलिया, चांदनी बोरा, मुन्नी देवी, बीना भनवाल, भावना सुयाल, उमा देवी, कमला भनवाल, मीरा मनराल आदि मौजूद रहीं।
10,000 से अधिक किसान परिवार हो रहे प्रभावित
मार्ग बंद होने से ओखलकांडा, भीमताल, धारी और पाटी ब्लॉक के 120 गांवों के किसान प्रभावित हैं। यहां 10,000 से अधिक किसान परिवार हैं जो अपनी फसलों को मंडी नहीं पहुंचा पा रहे। प्रतिदिन करीब 13 ट्रक और 40 पिकअप माल हल्द्वानी मंडी में भेजा जाता था। इसके अलावा 800 परिवार दुग्ध उत्पादन करते हैं जिनका करीब 35,000 लीटर प्रतिदिन दूध बिकता था जो मार्ग बंद होने से बर्बाद हो रहा है।
ये गांव हो रहे प्रभावित
हल्द्वानी। काठगोदाम-हैडाखान मार्ग बंद होने से पसोली, रौशिल, कुमाल गांव, पनिया मेहता, पनिया बोर, ओखलढूंगा, बढेत, हैडाखान, उडवा, लुवडगांजा, चमोली, खन्स्यों, बढोन, लाल कन्या, पतलोट, बाड़डोबा, हरीशताल, चकडोबा, बरमधार, भीड़ापानी, करायल, गरगड़ी, कालागर समेत 120 गांव प्रभावित हो रहे हैं।
आसमान छू रहे जरूरी वस्तुओं के दाम
प्रभावित क्षेत्र में जरूरी वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार गैस सिलिंडर 2500, टमाटर 150 रुपये किलो, आलू और चीनी 80 रुपये किलो बिक रही है। इसी तरह अन्य जरूरी वस्तुओं के दाम दोगुने हो गए हैं। वाहनों का किराया बढ़ने से 1500 रुपये घर से आने जाने में चुकाने पड़ रहे हैं। काठगोदाम से भूस्खलन वाले क्षेत्र तक दो किमी तक का 50 रुपये किराया देना पड़ रहा है। मगर प्रशासन अंधाधुंध बढ़ते किराए और जरूरी वस्तुओं के बढ़ते दामों पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है।
मार्ग बंद होने से 400 शादियां प्रभावित
शादियों का सीजन है लेकिन मार्ग बंद होने से प्रभावित क्षेत्र में 400 से अधिक शादियां प्रभावित हो गई है। इसमें से 50 शादियाें के दिन आगे बढ़ा दिए गए हैं। अधिकतर परिवार गांव से शादी नहीं कर पा रहे हैं। हल्द्वानी के आसपास मंदिरों में या बैंक्वेट हॉल में उन्हें शादियां करवानी पड़ रही हैं।
सीएम धामी की विधानसभा के 17 गांव प्रभावित
हल्द्वानी। काठगोदाम-हैड़ाखान मार्ग बंद होने से सीएम पुष्कर सिंह धामी की विधानसभा के 17 गांवों के ग्रामीण भी प्रभावित हैं। पाटी ब्लॉक में आने वाले रीठा साहिब, टुडनी, रमक गांव, दुनाघाट, मछाड़, खरई, मिडार, परेवा, बमोरा, विनवाल गांव, कुल्याल गांव, चमोली, चंद्रकोट, नोलिया गांव, तोला, गोल डांड़ा, डुडानी, चोथिया, विरगुला और घिघराड़ आदि गांव शामिल हैं। इन ग्रामीणों का मुख्य बाजार हल्द्वानी है। मार्ग बंद होने से ग्रामीणों को अब 60 किमी अधिक आवाजाही करनी पड़ रही है। इसके अलावा यहां हल्द्वानी से आवाजाही करने वाले कर्मचारियों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
हैड़ाखान मार्ग पर बनेगा वैकल्पिक मार्ग: भट्ट
हल्द्वानी। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने शुक्रवार को काठगोदाम-हैड़ाखान क्षतिग्रस्त मार्ग का निरीक्षण किया। भट्ट ने बताया कि भू-वैज्ञानिकों की रिपोर्ट के आधार पर भूस्खलन वाली जगह पर सड़क बनाना उचित नहीं है। इसे देखते हुए मुख्य सड़क को जोड़ने के लिए ढाई किमी का वैकल्पिक मार्ग बनाया जाएगा।
इसकी प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर जल्द शासन को भेजने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। बीआरओ डीजीपी से दूरभाष पर वार्ता कर वैकल्पिक मार्ग के सर्वे के लिए बीआरओ अभियंताओं के साथ लोनिवि अभियंताओं की शीघ्र बैठक कराने के निर्देश दिए हैं। वैकल्पिक मार्ग की स्वीकृति के लिए सचिव वन एवं लोनिवि आरके सुधांशु से दूरभाष पर वार्ता कर समस्या का शीघ्र हल कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (टीएचडीसी) की टीम सोमवार को स्थलीय निरीक्षण करेगी। टीम की रिपोर्ट के आधार पर वन विभाग की अनापत्ति मिलने पर वैकल्पिक मार्ग बनाने का कार्य शुरू किया जाएगा।
इसके बाद मंत्री अजय भट्ट ने वैकल्पिक मार्ग के कार्यों का निरीक्षण किया। भट्ट ने सीडीओ डॉ. संदीप तिवारी को ग्रामीण क्षेत्रों में रसोई गैस, राशन, औषधि और अन्य जरूरी वस्तुओं को भेजने के निर्देश दिए। कहा कि भविष्य में हेलीकॉप्टर की आवश्यकता पड़ने पर उसकी भी तैनाती की जाएगी।
इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह, एसडीएम राहुल साह, लोनिवि के अधिशासी अभियंता दीपक गुप्ता, मनोज पांडेे, सचिन साह, मनोज पाठक, रेवाधर बृजवासी, कृपाल सिंह मेहरा आदि मौजूद रहे।
कोट
क्षेत्र की जनता को हो रही परेशानी को देखते हुए जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में सांकेतिक धरना दिया गया है। सांसद ने सड़क खोलने का आश्वासन दिया है। अगर मार्ग नहीं खुला तो क्षेत्र की जनता अनशन करने को बाध्य होगी। - प्रेम बल्लभ जोशी, जिला पंचायत सदस्य
वैकल्पिक मार्गों के साथ ही काठगोदाम-हैड़ाखान मोटरमार्ग को प्राथमिकता से खोला जाए। यह मुख्य मार्ग क्षेत्र की लाइफलाइन है। इसके बंद होने से जरूरी सेवाएं प्रभावित हो रही है। - नवीन चंद्र पलडिया, अध्यक्ष, जमरानी बांध संघर्ष समिति
मार्ग बंद होने से आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हो गई है। रोजगार चौपट हो गया है। उत्पादित फसलें मंडी में नहीं पहुंच पा रही हैं। - मुन्नी राणा, प्रभावित
मार्ग बंद होने से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था चौपट हो गई है। किसानों का प्रतिदिन हजारों लीटर दूध बर्बाद हो रहा है। किसान मंडी में फसलें नहीं ला पा रहे हैं। प्रशासन को मार्ग खोलने के लिए शीघ्र कार्यवाही करनी चाहिए। - चंद्रावती देवी, प्रभावित
यातायात बंद होने से ग्रामीणों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। जरूरी वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं। बीमार और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो गया है। सड़क जल्द खोली जाए। - दीवान सिंह सम्मल, प्रभावित
10 दिन बीतने के बाद भी सड़क नहीं खुल पाई है। इससे साबित होता है कि शासन-प्रशासन को ग्रामीणों की रत्ती भर भी चिंता नहीं है। जल्द सड़क नहीं खुली तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करेंगे। - ममता सिरोलिया, प्रभावित

हल्द्वानी काठगोदाम हैड़ाखान रोड में धंसी सड़क का निरीक्षण करने पहुंचे रक्षा राज्यमंत्री अजय भट?