{"_id":"6043ed0a8ebc3ec8be5558bd","slug":"english-officer-s-grave-is-in-ramnagar-ramnagar-news-hld417291755","type":"story","status":"publish","title_hn":"रामनगर में है अंग्रेज अफसर की कब्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रामनगर में है अंग्रेज अफसर की कब्र
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामनगर (नैनीताल)। उद्यान विभाग परिसर में एक पुरानी कब्र हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचती है। मगर वर्षों से चिरनिद्रा में लीन उस शख्स के बारे में जानने की कम ही लोग कोशिश करते हैं। उम्दा ढंग से बनी इस कब्र के पास जाकर पता चलता है कि यह कब्र एक अंग्रेज अफसर की है, जिनकी मृत्यु सीताबनी क्षेत्र में 1915 में हुई थी। हालांकि आज तक इनके वंशजों की जानकारी किसी को नहीं है।
यह कब्र इयोन डगलस फिट्ज गेरोल्ड कैम्पबेल नाम के अंग्रेज अफसर की है, जिनकी मृत्यु करीब 106 साल पहले 6 दिसंबर 1915 को सीतावनी के आसपास हुई थी। ये अंग्रेज अफसर 1901 से लेकर 1915 तक तराई और भाबर एस्टेट के सुपरिटेंडेंट (अधीक्षक) थे। कब्र में अंग्रेजी में उनका परिचय लिखा है। इस ब्रिटिश की स्थानीय प्रशासन में क्या भूमिका रही होगी, यह शोध का विषय है। यह भी कि उनके किसी उत्तराधिकारी ने उनको अब तक याद क्यों नहीं किया। अकेली कब्र इसलिए है कि उस दौर में यहां ईसाई लोगों का कोई कब्रिस्तान नहीं रहा होगा।
इतिहासकार प्रो. अजय रावत ने कहा कि तत्कालीन समय में तराई और भाबर एस्टेट के अधीन भाबर क्षेत्र में खाम भूमि का प्रबंधन होता था। इसका अधिकारी खाम सुपरिटेंडेंट होता था। खाम भूमि का अर्थ सरकारी जमीन से होता था। इयोन डगलस उसी समय खाम सुपरिटेंडेंट रहे होंगे। यह पद आजादी के बाद 1951-52 तक जारी रहा और भवान सिंह आखिरी खाम सुपरिटेंडेंट रहे। 1850 में उत्तर पश्चिमी प्रांत के ले. गवर्नर जेम्स थोमासन ने हेनरी रैम्जे को भाबर और चिलकिया एस्टेट में भूमि कर वसूलने की जिम्मेदारी दी थी, रैमजे ने यहां नगरीकरण को बढ़ावा दिया, जिसके बाद रामनगर जैसे नगरों ने आकार लिया।
विज्ञापन
ट्विटर पर डाली गई थी कब्र की फोटो
समाजसेवी गणेश रावत ने बताया कि फिबिस ट्विटर पर एक समुदाय है, जो भारतीय उपमहाद्वीप में रह चुके अपने पूर्वजों की खोज में बनाई गई है। फैमिली इन ब्रिटिश इंडिया सोसायटी नाम के इस समुदाय के जरिये नई पीढ़ी के कई ब्रितानी लोग अपने पुरखों और उनसे जुड़ी यादों को खोज चुके हैं। ट्विटर से जुड़े इस समुदाय ने रामनगर में इस कब्र से जुड़े तथ्यों को स्वीकार कर लिया है। परंतु अब तक कोई उत्तराधिकारी सामने नहीं आया है।
उद्यान विभाग करता है देखरेख
अंग्रेज अफसर इयोन डगलस फिट्ज गेरोल्ड कैम्पबेल की कब्र की देखरेख उद्यान विभाग द्वारा की जाती है। प्रभारी उद्यान विभाग अर्जुन सिंह परवाल ने बताया कि समय-समय पर कब्र की साफ सफाई, चुने से पुताई कराई जाती है। कब्र पर समय-समय में भेंट व प्रसाद की चढ़ाया जाता है।
विज्ञापन
यह कब्र इयोन डगलस फिट्ज गेरोल्ड कैम्पबेल नाम के अंग्रेज अफसर की है, जिनकी मृत्यु करीब 106 साल पहले 6 दिसंबर 1915 को सीतावनी के आसपास हुई थी। ये अंग्रेज अफसर 1901 से लेकर 1915 तक तराई और भाबर एस्टेट के सुपरिटेंडेंट (अधीक्षक) थे। कब्र में अंग्रेजी में उनका परिचय लिखा है। इस ब्रिटिश की स्थानीय प्रशासन में क्या भूमिका रही होगी, यह शोध का विषय है। यह भी कि उनके किसी उत्तराधिकारी ने उनको अब तक याद क्यों नहीं किया। अकेली कब्र इसलिए है कि उस दौर में यहां ईसाई लोगों का कोई कब्रिस्तान नहीं रहा होगा।
विज्ञापन
इतिहासकार प्रो. अजय रावत ने कहा कि तत्कालीन समय में तराई और भाबर एस्टेट के अधीन भाबर क्षेत्र में खाम भूमि का प्रबंधन होता था। इसका अधिकारी खाम सुपरिटेंडेंट होता था। खाम भूमि का अर्थ सरकारी जमीन से होता था। इयोन डगलस उसी समय खाम सुपरिटेंडेंट रहे होंगे। यह पद आजादी के बाद 1951-52 तक जारी रहा और भवान सिंह आखिरी खाम सुपरिटेंडेंट रहे। 1850 में उत्तर पश्चिमी प्रांत के ले. गवर्नर जेम्स थोमासन ने हेनरी रैम्जे को भाबर और चिलकिया एस्टेट में भूमि कर वसूलने की जिम्मेदारी दी थी, रैमजे ने यहां नगरीकरण को बढ़ावा दिया, जिसके बाद रामनगर जैसे नगरों ने आकार लिया।
विज्ञापन
ट्विटर पर डाली गई थी कब्र की फोटो
समाजसेवी गणेश रावत ने बताया कि फिबिस ट्विटर पर एक समुदाय है, जो भारतीय उपमहाद्वीप में रह चुके अपने पूर्वजों की खोज में बनाई गई है। फैमिली इन ब्रिटिश इंडिया सोसायटी नाम के इस समुदाय के जरिये नई पीढ़ी के कई ब्रितानी लोग अपने पुरखों और उनसे जुड़ी यादों को खोज चुके हैं। ट्विटर से जुड़े इस समुदाय ने रामनगर में इस कब्र से जुड़े तथ्यों को स्वीकार कर लिया है। परंतु अब तक कोई उत्तराधिकारी सामने नहीं आया है।
उद्यान विभाग करता है देखरेख
अंग्रेज अफसर इयोन डगलस फिट्ज गेरोल्ड कैम्पबेल की कब्र की देखरेख उद्यान विभाग द्वारा की जाती है। प्रभारी उद्यान विभाग अर्जुन सिंह परवाल ने बताया कि समय-समय पर कब्र की साफ सफाई, चुने से पुताई कराई जाती है। कब्र पर समय-समय में भेंट व प्रसाद की चढ़ाया जाता है।