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डायरिया की दवाएं खत्म
Thu, 20 Jun 2019 01:44 AM IST
naveen chandra joshi
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी
Published by: naveen chandra joshi
Updated Thu, 20 Jun 2019 01:44 AM IST
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बेस अस्पताल में भर्ती डायरिया ग्रस्त बच्चा
- फोटो : अमर उजाला
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स्वास्थ्य महकमे की बदहाल व्यवस्थाओं का भगवान ही मालिक है। डायरिया के सीजन में डायरिया की दवाएं खत्म हो गई है। शुगर की दवा भी केंद्रीय औषधि भंडारण गृह में नहीं है।
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केंद्रीय औषधि भंडारण गृह से जिले की 54 सीएचसी, पीएचसी और राजकीय एलोपैथिक अस्पतालों में दवाओं की आपूर्ति होती है। डायरिया के मरीज प्रतिदिन जिला अस्पतालों के अलावा सीएचसी, पीएचसी और राजकीय एलोपैथिक अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं। खास बात यह है कि एंटी डायरियल दवाएं (मेटरोजिल और नारफलाक्स टीजेड), डीएनएस (डैक्सटोज प्लस नार्मल स्लाइन डायरिया मरीजों को चढ़ाई जाने वाली ड्रिप) और शुगर की दवाएं (मेटमारफिन एवं ग्लिमप्राइड) का स्टाक खत्म हो गया है। सीएचसी, पीएचसी और राजकीय एलोपैथिक अस्पतालों से डिमांड आने पर केंद्रीय औषधि भंडारण गृह दवाएं नहीं दे पाएगा। सूत्रों की मानें तो सितंबर तक के लिए दवाओं का स्टाक रखा जाता है।
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पिछले महीने दवाएं सीएचसी, पीएचसी और राजकीय एलोपैथिक अस्पतालों को दी गई थी। देहरादून को डिमांड भेजी गई है, जल्द ही दवाएं मिल जाएंगी
-डॉ. तरुण टम्टा, प्रभारी सीएमओ
डायरिया पीड़ित 12 बच्चे भर्ती
हल्द्वानी। सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल में डायरिया पीड़ित मरीज प्रतिदिन आ रहे हैं। बाल रोग वार्ड में बुधवार को डायरिया पीड़ित 12 बच्चों को भर्ती कराया गया। जबकि तीन वयस्क भी डायरिया से ग्रस्त थे। उनको बी वार्ड में भर्ती किया गया है। बाल रोग वार्ड में एनएचएम के तहत दो एसी लगे हैं मगर काम एक भी नहीं करता है। बाल रोग वार्ड में डायरिया पीड़ित बच्चों और उनके परिजनों को पंखे में रहना पड़ता है।
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50 को फिर कुत्तों ने काटा, डीएम नहीं भिजवा पाएं एंटी रैबीज वैक्सीन
हल्द्वानी। आवारा कुत्तों ने बुधवार को फिर 50 लोगों को नोंच लिया। आवारा कुत्तों का शिकार हुए लोगों ने बेस अस्पताल पहुंचकर एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाएं। दूसरी ओर डीएम के दावे के बाद भी आज एंटी रैबीज वैक्सीन बेस अस्पताल नहीं भिजवा पाए।
बेस अस्पताल में प्रतिदिन 55 से 100 लोग एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने आते हैं। दो माह से बेस अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन नहीं है। लोगों को बाहर से महंगे दामों पर एंटी रैबीज वैक्सीन खरीदनी पड़ रही है। बुधवार को बेस अस्पताल में 50 लोगों ने पहुंचकर एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाई, जबकि 23 पुराने मरीजों ने एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाई। इंदिरा नगर और बनभूलपुरा में बुधवार को 15 बच्चों को आवारा कुत्ते ने नोच लिया था। डीएम विनोद कुमार सुमन ने बेस अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन मुहैया कराने का आश्वासन दिया था मगर एक भी एंटी रैबीज वैक्सीन नहीं पहुंची।
महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं हुई ठीक
हल्द्वानी। महिला अस्पताल में खराब होने के कारण बुधवार को दूसरे दिन भी अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाए। 22 महिलाओं को निजी डायग्नोस्कि सेंटर में महंगे कीमतों पर अल्ट्रासाउंड कराना पड़ा। महिला अस्पताल की नई अल्ट्रासाउंड की मशीन मंगलवार को खराब हो गई थी। महिला अस्पताल में एक दिन में 40 से 55 गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड होते हैं। सीएमएस डॉ. भागीरथी जोशी ने बताया कि मशीन ठीक होने में एक-दो दिन का समय लगेगा।
आईसीयू में पंखों और ताजी हवा के सहारे रहेंगे मरीज
हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल के आईसीयू में मरीजों को कुछ दिन ताजी हवा और पंखों के सहारे काटने होंगे। सेंट्रालाइज एसी को ठीक होने में तीन से चार दिन का समय लग सकता है। आईसीयू में 25 मरीज भर्ती हैं और प्राचार्य ने 15 अतिरिक्त पेडस्टल फैन मंगवाए हैं।
सुशीला तिवारी अस्पताल के मेडिसिन, सर्जरी, बर्न और एनस्थीसिया आईसीयू के एसी फेल हो गए हैं। डाक्टर से लेकर मरीज तक गर्मी झेलने को विवश हैं। मेडिसिन आईसीयू में 11, सर्जरी आईसीयू में 6, बर्न आईसीयू में 6 और एनस्थीसिया आईसीयू में 6 बेड हैं। चारों आईसीयू में 25 मरीज भर्ती हैं। आईसीयू में पंखों के सहारे मरीजों को रखा गया है और खिड़कियां खोल दी गई हैं। राउंड लेने जा रहे डाक्टर पसीने से तर बदतर हो जा रहे हैं। तो सहज ही अंदाज लगाया जा सकता है कि 12 घंटे ड्यूटी करने वाले डाक्टर समेत अन्य स्टाफ और मरीज गर्मी कैसे झेल रहे होंगे। बड़ा सवाल यह भी है कि आईसीयू में किसी को चप्पल या जूते पहनकर जाने की इजाजत नहीं होती है और खिड़की खोलकर मरीजों को रखा गया है। प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा, एमएस डॉ. अरुण जोशी के साथ रवि पाल, केके जोशी और आलोक उप्रेेती समेत अन्य डाक्टरों ने मौका मुआयना किया। प्राचार्य ने बताया कि 15 पेडस्टल पंखे और मंगाए गए हैं। साथ ही कंपनी के इंजीनियर ने पार्ट्स बाहर से मंगाया है। आईसीयू के सेंट्रलाइज एसी ठीक होने में तीन से चार दिन का समय लगेगा।