{"_id":"63da97052a63304b0279d9cd","slug":"elephant-corridor-will-be-declared-eco-sensitive-zone-haldwani-news-hld490045414-2023-02-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Nainital News: हाथी कॉरिडोर ईको सेसिंटिव जोन घोषित होंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Nainital News: हाथी कॉरिडोर ईको सेसिंटिव जोन घोषित होंगे
विज्ञापन
रामनगर के रिंगौडा कॉरिडोर से सड़क से गुजरता हाथियों को झुंड, जिसकी वजह से लगा जाम। फोटो वाइल्ड ला?
- फोटो : RAMNAGAR
रामनगर। हाईकोर्ट के आदेश पर कॉर्बेट और रामनगर वन प्रभाग के अंतर्गत आने वाले हाथी कॉरिडोर को ईको सेंसिटिव जोन घोषित होंगे। ईको सेंसिटिव जोन घोषित होने के बाद कॉरिडोर में हुए अवैध निर्माणो को हटाया जाएगा ताकि हाथियों की आवाजाही में किसी भी तरह का व्यवधान नहीं हो। राजाजीए कॉर्बेट पार्क से नेपाल तक हाथी आते जाते हैं।
सितंबर 2022 में नैनीताल हाईकोर्ट ने इंडिपेंडेंट मेडिकल इनीशिएटिव संस्था की 2019 की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाथी कॉरिडोर को ईको सेंसिटिव जोन का दर्जा देने का निर्देश दिया था। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद कॉर्बेट टाइगर रिजर्व ने हाथी कॉरिडोर को ईको सेंसिटिव जोन घोषित करने की कार्यवाही शुरू कर दी थी, जो अब पूर्ण हो चुकी है। सेटेलाइट मानचित्र के आधार पर हाथियों के आवागमन के रास्तों की पहचान कर ली गई है। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के अलावा रामनगर वन प्रभाग भी इस पर कार्यवाही कर रहा है और पहले चरण का काम शुरू हो चुका है। बता दें कि हाथी कॉरिडोर वाले रास्ते पर हुए अंधाधुंध व्यावसायिक निर्माण और बढे़ मानवीय दखल से हाथियों को रास्ता नहीं मिलता और आक्त्रसमक हो जाते हैं।
ये हैं प्रमुख हाथी कॉरिडोर
- रिंगौड़ा-बिजरानी कॉरिडोर
- चिल्किया-कोटा कॉरिडोर
- मोहान-कुमेरिया-कोसी कॉरिडोर
- रवासन-सोना नदी-कालागढ़ कॉरिडोर
मोहान तक बने एलीवेटेड पुल
रामनगर। मोहन मार्ग पर अत्यधिक यातायात है। रामनगर से कुमाऊं और गढ़वाल के लिए बसेंए ट्रक और टैक्सी जाते हैंए ऐसे में कई बार जब हाथियों का झुंड सड़क पर आता है तो जाम लग जाता है। वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर दीप रजवार ने बताया कि हाथियों सहित अन्य वन्यजीवों के आवागमन में बाधा न होए इसके लिए सरकार को रामनगर के आमडंडा से मोहान तक एलीवेटेड पुल बनाने चाहिए। एलीवेटेड पुल बनने के बाद वन्यजीव इन पुलों के नीचे से आसानी से इधर-उधर जा सकेंगे।
विज्ञापन
कोट
हाईकोर्ट के आदेश पर हाथी कॉरिडोर को ईको सेंसिटिव जोन घोषित करने के प्रथम चरण का कार्य शुरू हो चुका है। सेटेलाइट मानचित्र से हाथियों के आवागमन के रास्तो को चिन्हित किया जा रहा है। उम्मीद है कि इस कार्य को जल्द पूर्ण कर लिया जाएगा।
-डॉ. धीरज पांडेय, निदेशक कॉर्बेट टाइगर रिजर्व
विज्ञापन
सितंबर 2022 में नैनीताल हाईकोर्ट ने इंडिपेंडेंट मेडिकल इनीशिएटिव संस्था की 2019 की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाथी कॉरिडोर को ईको सेंसिटिव जोन का दर्जा देने का निर्देश दिया था। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद कॉर्बेट टाइगर रिजर्व ने हाथी कॉरिडोर को ईको सेंसिटिव जोन घोषित करने की कार्यवाही शुरू कर दी थी, जो अब पूर्ण हो चुकी है। सेटेलाइट मानचित्र के आधार पर हाथियों के आवागमन के रास्तों की पहचान कर ली गई है। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के अलावा रामनगर वन प्रभाग भी इस पर कार्यवाही कर रहा है और पहले चरण का काम शुरू हो चुका है। बता दें कि हाथी कॉरिडोर वाले रास्ते पर हुए अंधाधुंध व्यावसायिक निर्माण और बढे़ मानवीय दखल से हाथियों को रास्ता नहीं मिलता और आक्त्रसमक हो जाते हैं।
विज्ञापन
ये हैं प्रमुख हाथी कॉरिडोर
- रिंगौड़ा-बिजरानी कॉरिडोर
- चिल्किया-कोटा कॉरिडोर
- मोहान-कुमेरिया-कोसी कॉरिडोर
- रवासन-सोना नदी-कालागढ़ कॉरिडोर
मोहान तक बने एलीवेटेड पुल
रामनगर। मोहन मार्ग पर अत्यधिक यातायात है। रामनगर से कुमाऊं और गढ़वाल के लिए बसेंए ट्रक और टैक्सी जाते हैंए ऐसे में कई बार जब हाथियों का झुंड सड़क पर आता है तो जाम लग जाता है। वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर दीप रजवार ने बताया कि हाथियों सहित अन्य वन्यजीवों के आवागमन में बाधा न होए इसके लिए सरकार को रामनगर के आमडंडा से मोहान तक एलीवेटेड पुल बनाने चाहिए। एलीवेटेड पुल बनने के बाद वन्यजीव इन पुलों के नीचे से आसानी से इधर-उधर जा सकेंगे।
विज्ञापन
कोट
हाईकोर्ट के आदेश पर हाथी कॉरिडोर को ईको सेंसिटिव जोन घोषित करने के प्रथम चरण का कार्य शुरू हो चुका है। सेटेलाइट मानचित्र से हाथियों के आवागमन के रास्तो को चिन्हित किया जा रहा है। उम्मीद है कि इस कार्य को जल्द पूर्ण कर लिया जाएगा।
-डॉ. धीरज पांडेय, निदेशक कॉर्बेट टाइगर रिजर्व