{"_id":"58024f974f1c1b6c6128ed22","slug":"each-plan-review-report-dm-commissioner","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रत्येक योजना की समीक्षा कर रिपोर्ट दें डीएम : आयुक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रत्येक योजना की समीक्षा कर रिपोर्ट दें डीएम : आयुक्त
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी
Updated Sun, 16 Oct 2016 12:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंडलायुक्त डी सेंथिल पांडियन ने मंडल भर के डीएम और सीडीओ को निर्देश दिए हैं कि वह सरकार द्वारा चलाई जा रही प्रत्येक योजना की गहन समीक्षा कर हर माह रिपोर्ट भेजना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि वार्षिक मूल्यांकन के दौरान इस समीक्षा का संज्ञान लिया जाएगा।
विज्ञापन
मंडलायुक्त ने डीएम को निर्देश दिए कि वह मासिक समीक्षा बैठक में प्रत्येक विभाग की गहन समीक्षा के साथ ही निर्धारित लक्ष्य एवं प्राप्त परिणाम की भी समीक्षा करें। कहा कि जिला स्तर पर उत्तरदायी अधिकारी का मूल्यांकन भी इसी समीक्षा के आधार पर करें।
विज्ञापन
पांडियन का कहना है कि जिला स्तर पर जो भी अभिनव प्रयास किए जा रहे हैं, उन्हें भी इंगित किया जाए। आयुक्त ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग आम जन से जुड़ा महत्वपूर्ण विभाग है। इसके द्वारा कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।
विज्ञापन
इनकी समीक्षा विभागीय अधिकारियों के साथ ही डीएम स्तर पर हो। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित मोबाइल मेडिकल वैन का रूट चार्ट, कितने गांव कवर किए गए, रोगियों की संख्या, परीक्षण, जांच, इलाज, शिविरों की संख्या, एंबुलेंसों की संख्या और स्थिति, चिकित्सा प्रबंध समिति की बैठक, पीएचसी, सीएचसी की स्थिति, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, जेनेरिक औषधि स्टोरों में दवाओं का वितरण एवं उपलब्धता की भी समीक्षा हो।
उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं आंगनबाड़ी में कुपोषित बच्चों का चिन्हीकरण एवं उनका तुरंत इलाज किया जाए। उन्होंने मध्याह्न भोजन, एलपीजी कनेक्शन, मॉडल स्कूलों की स्थिति, छात्रवृत्ति, कन्याधन आदि की भी समीक्षा के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत नौ नवंबर तक प्रदेश को खुले में शौच से मुक्त किया जाना है। निर्देश दिए कि प्रत्येक जिला इस लक्ष्य को पांच नवंबर तक पूरा कर ले।