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Nainital News: बिना बारिश खेतों में सूखने लगी फसलें
Thu, 25 Jan 2024 04:40 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Thu, 25 Jan 2024 04:40 AM IST
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भीमताल/भवाली/गरमपानी/मुक्तेश्वर(नैनीताल)। पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी नहीं होने से किसानों के खेतों में लगी फसलें सूखने लगी हैं। इससे किसानों को फसलों का उत्पादन गिरने का भय होने के साथ आर्थिक रूप से नुकसान उठाने की चिंता है। जनवरी अंत तक बारिश और बर्फबारी नहीं होने से गेहूं, जौ, सरसों, आलू, प्याज और लहसुन की फसलों का उत्पादन 60 प्रतिशत तक गिर सकता है।
जिले के रामगढ़, मुक्तेश्वर, नथुवाखान, धानाचूली, हरतोला क्षेत्र के सेब उत्पादक किसान बर्फबारी नहीं होने से परेशान हैं। इन क्षेत्रों में अधिकतर बागबान सेब का उत्पादन करते हैं। नवंबर से फरवरी तक बर्फबारी होने से सेब के उत्पादन को लाभ मिलता है। जिले में 1027 हेक्टेयर भूमि पर 4543 मीट्रिक टन सेब का उत्पादन होता है लेकिन इस बार बर्फबारी नहीं होने पर सेब का उत्पादन 50 प्रतिशत तक गिरने का अनुमान है। सेब के लिए 46 दिन की चिलिंग जरूरी होती है। एक माह तक बर्फ का जमा होना और माइनस चार डिग्री सेल्सियस तापमान भी सेब की अच्छी पैदावार के लिए जरूरी है।
इन प्रजातियों के हैं सेब
जिले में गाला, जीरो मान, रेडलम गाला, ग्रीन स्मिथ, रेवीड गाला, डेलीसस समेत अन्य प्रजातियों का सेब होता है। दिल्ली, मुंबई, हरियाणा, पंजाब, यूपी समेत अन्य राज्यों में सेब की ये किस्म 200 रुपये किलो तक बिकती है।
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गेहूं, सरसों, जौ, प्याज, आलू में पड़ेगा असर
जिले में 48 हजार से अधिक किसान खेतीबाड़ी कर आजीविका चलाते हैं। इसमें 25 हजार हेक्टेयर पर रवि फसल में किसानों ने गेहूं, सरसों, जौ, प्याज, आलू की फसल किसानों ने लगाई है। लेकिन बारिश नहीं होने से फसल के उग नहीं पाने से किसानों को उत्पादन की चिंता है। बारिश नहीं होने का सबसे अधिक प्रभाव भीमताल, ओखलकांडा, धारी, रामगढ़, बेतालघाट के किसान परेशान हैं।
हरेंद्र सिंह ने कहा बर्फबारी नहीं होने से सेब के उत्पादन पर बहुत असर पड़ेगा। सेब का आकार छोटा होने के अलावा किसानों को आर्थिक रूप से नुकसान उठाना पड़ सकता है।
खीम सिंह बिष्ट ने कहा बारिश और बर्फबारी नहीं होने से किसानों के खेतों में लगी फसलें सूखने लगी है। गेहूं, जौ, सरसों, प्याज, आलू की फसलों के उत्पादन पर 50 प्रतिशत से अधिक असर पड़ सकता है।
मुख्य उद्यान अधिकारी आरके सिंह ने कहा बर्फबारी नहीं होने से सेब के उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। सेब को औसतन बर्फबारी नहीं मिलने से उत्पादन पर भी असर पड़ेगा। बर्फबारी होने से सेब के उत्पादन में वृद्धि हो पाएगी।
मुख्य उद्यान अधिकारी डॉ. वीके यादव ने कहा बारिश नहीं होने से पर्वतीय क्षेत्रों में गेहूं, जौ, सरसों की फसल पर असर पड़ेगा। फसलों को पानी मिलने से उत्पादन बढ़ने से किसानों को नुकसान नहीं उठना पड़ेगा।
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जिले के रामगढ़, मुक्तेश्वर, नथुवाखान, धानाचूली, हरतोला क्षेत्र के सेब उत्पादक किसान बर्फबारी नहीं होने से परेशान हैं। इन क्षेत्रों में अधिकतर बागबान सेब का उत्पादन करते हैं। नवंबर से फरवरी तक बर्फबारी होने से सेब के उत्पादन को लाभ मिलता है। जिले में 1027 हेक्टेयर भूमि पर 4543 मीट्रिक टन सेब का उत्पादन होता है लेकिन इस बार बर्फबारी नहीं होने पर सेब का उत्पादन 50 प्रतिशत तक गिरने का अनुमान है। सेब के लिए 46 दिन की चिलिंग जरूरी होती है। एक माह तक बर्फ का जमा होना और माइनस चार डिग्री सेल्सियस तापमान भी सेब की अच्छी पैदावार के लिए जरूरी है।
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इन प्रजातियों के हैं सेब
जिले में गाला, जीरो मान, रेडलम गाला, ग्रीन स्मिथ, रेवीड गाला, डेलीसस समेत अन्य प्रजातियों का सेब होता है। दिल्ली, मुंबई, हरियाणा, पंजाब, यूपी समेत अन्य राज्यों में सेब की ये किस्म 200 रुपये किलो तक बिकती है।
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गेहूं, सरसों, जौ, प्याज, आलू में पड़ेगा असर
जिले में 48 हजार से अधिक किसान खेतीबाड़ी कर आजीविका चलाते हैं। इसमें 25 हजार हेक्टेयर पर रवि फसल में किसानों ने गेहूं, सरसों, जौ, प्याज, आलू की फसल किसानों ने लगाई है। लेकिन बारिश नहीं होने से फसल के उग नहीं पाने से किसानों को उत्पादन की चिंता है। बारिश नहीं होने का सबसे अधिक प्रभाव भीमताल, ओखलकांडा, धारी, रामगढ़, बेतालघाट के किसान परेशान हैं।
हरेंद्र सिंह ने कहा बर्फबारी नहीं होने से सेब के उत्पादन पर बहुत असर पड़ेगा। सेब का आकार छोटा होने के अलावा किसानों को आर्थिक रूप से नुकसान उठाना पड़ सकता है।
खीम सिंह बिष्ट ने कहा बारिश और बर्फबारी नहीं होने से किसानों के खेतों में लगी फसलें सूखने लगी है। गेहूं, जौ, सरसों, प्याज, आलू की फसलों के उत्पादन पर 50 प्रतिशत से अधिक असर पड़ सकता है।
मुख्य उद्यान अधिकारी आरके सिंह ने कहा बर्फबारी नहीं होने से सेब के उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। सेब को औसतन बर्फबारी नहीं मिलने से उत्पादन पर भी असर पड़ेगा। बर्फबारी होने से सेब के उत्पादन में वृद्धि हो पाएगी।
मुख्य उद्यान अधिकारी डॉ. वीके यादव ने कहा बारिश नहीं होने से पर्वतीय क्षेत्रों में गेहूं, जौ, सरसों की फसल पर असर पड़ेगा। फसलों को पानी मिलने से उत्पादन बढ़ने से किसानों को नुकसान नहीं उठना पड़ेगा।