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Nainital News: डॉ. मनीष नाजा एरीज के निदेशक बने, कार्यभार संभाला
Wed, 23 Oct 2024 12:02 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Wed, 23 Oct 2024 12:02 AM IST
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नैनीताल। नगर से सटे मनोरा पीक पपर स्थित आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान एवं शोध संस्थान (एरीज) के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मनीष नाजा ने मंगलवार को एरीज के पूर्णकालिक निदेशक का पदभार ग्रहण कर लिया है। डॉ. नाजा ने एरीज में स्ट्रेटोस्फीयर ट्रोपोस्फेरिक रडार (एस्ट्राड) सुविधा और वायुमंडलीय अनुसंधान के क्षेत्र में कई अन्य सहयोगी परियोजनाओं की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
मंगलवार को डॉ. नाजा ने एरीज के प्रभारी निदेशक डॉ. बृजेश कुमार से एरीज के पूर्णकालिक निदेशक का पदभार ग्रहण किया। डॉ. नाजा की नियुक्ति वर्ष 2006 में एरीज में हुई थी। निदेशक का पद भार संभालने से पहले वह सीनियर वैज्ञानिक के पद पर कार्यरत थे और बीते चार वर्षों से संस्थान के वायुमंडलीय विज्ञान विभाग का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने लगभग 90 शोध पत्रों का सह-लेखन किया है और आठ छात्रों का पीएचडी के लिए मार्गदर्शन किया है।
उनका शोध प्राथमिक रूप से निचले वायुमंडल के विभिन्न उपक्षेत्रों जैसे अल्प मात्रा की गैसों, एरोसोल, मौसम विज्ञान, पवन गतिकी, वायु प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन पर केंद्रित है। वह भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (एमओईएस) की वायुमंडलीय विज्ञान संबंधी विशेषज्ञ समिति के सदस्य भी हैं। उन्होंने अहमदाबाद स्थित भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (पीआरएल) में पीएचडी का अनुसंधान कार्य किया और जापान के प्रतिष्ठित संस्थानों में पोस्ट-डॉक्टरल शोध किया है।
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मंगलवार को डॉ. नाजा ने एरीज के प्रभारी निदेशक डॉ. बृजेश कुमार से एरीज के पूर्णकालिक निदेशक का पदभार ग्रहण किया। डॉ. नाजा की नियुक्ति वर्ष 2006 में एरीज में हुई थी। निदेशक का पद भार संभालने से पहले वह सीनियर वैज्ञानिक के पद पर कार्यरत थे और बीते चार वर्षों से संस्थान के वायुमंडलीय विज्ञान विभाग का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने लगभग 90 शोध पत्रों का सह-लेखन किया है और आठ छात्रों का पीएचडी के लिए मार्गदर्शन किया है।
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उनका शोध प्राथमिक रूप से निचले वायुमंडल के विभिन्न उपक्षेत्रों जैसे अल्प मात्रा की गैसों, एरोसोल, मौसम विज्ञान, पवन गतिकी, वायु प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन पर केंद्रित है। वह भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (एमओईएस) की वायुमंडलीय विज्ञान संबंधी विशेषज्ञ समिति के सदस्य भी हैं। उन्होंने अहमदाबाद स्थित भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (पीआरएल) में पीएचडी का अनुसंधान कार्य किया और जापान के प्रतिष्ठित संस्थानों में पोस्ट-डॉक्टरल शोध किया है।
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