विश्व अल्जाइमर दिवस: बार-बार भूलना सामान्य नहीं, डिमेंशिया का हो सकता है संकेत; जाने विशेषज्ञों की सलाह
उम्र बढ़ने के साथ कभी-कभार चीजें भूलना सामान्य है, लेकिन हाल की घटनाएं बार-बार भूलना, परिचित रास्ता भूल जाना या रोजमर्रा के कामों में परेशानी होना डिमेंशिया या अल्जाइमर का शुरुआती संकेत हो सकता है।
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उम्र बढ़ने के साथ चीजें भूलना सामान्य माना जाता है लेकिन हर भूलने को उम्र का असर समझकर नजरअंदाज करना ठीक नहीं। बार-बार हाल की घटनाएं भूलना, परिचित जगह का रास्ता भूल जाना, बातचीत के दौरान सही शब्द याद न आना या रोजमर्रा के काम करने में परेशानी होने लगे तो यह डिमेंशिया या अल्जाइमर का शुरुआती संकेत हो सकता है। विशेषज्ञ के अनुसार ऐसे लक्षणों के प्रति जागरूक रहने की जरूरत है।
डिमेंशिया केवल याददाश्त को ही प्रभावित नहीं करता बल्कि सोचने, निर्णय लेने, बातचीत करने और रोजमर्रा के काम करने की क्षमता पर भी असर डाल सकता है। सुशीला तिवारी अस्पताल के न्यूरो सर्जन डॉ. अखिलेश जोशी के अनुसार उनकी ओपीडी में हर रोज छह से सात मरीज अल्जाइमर के आते हैं। अल्जाइमर रोग डिमेंशिया का सबसे आम कारण है। कभी कभार कोई चीज भूलना अल्जाइमर नहीं है जब भूलने की समस्या लगातार बढ़ने लगे और उसका असर रोजमर्रा के जीवन पर पड़ने लगे तो यह चिंता की बात है।
65 साल के बाद खतरा अधिक, ऐसे करें नियंत्रण
उम्र डिमेंशिया का सबसे बड़ा ज्ञात जोखिम कारक है और बीमारी 65 वर्ष से अधिक उम्र में ज्यादा दिखाई देती है। हालांकि कम उम्र में भी डिमेंशिया हो सकता है। डॉ. अखिलेश जोशी के अनुसार बीपी-शुगर नियंत्रित रखना, धूम्रपान, शराब सेवन, सामाजिक अलगाव, मधुमेह और बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल जैसे कारकों के कारण अल्जामर होने का खतरा रहता है। अल्जाइमर का फिलहाल पूर्ण इलाज उपलब्ध नहीं है लेकिन नियमित शारीरिक व्यायाम, संतुलित भोजन, सामाजिक रूप से सक्रिय रहने से इस जोखिम को कम किया जा सकता है।
न करें नजरअंदाज
हाल की बातें या घटनाएं बार-बार भूलना, परिचित रास्ते या जगह पर भटक जाना, सामान बार-बार खोना या गलत जगह रखना, बातचीत में सामान्य शब्द याद न आना, व्यवहार या व्यक्तित्व में लगातार बदलाव दिखें या यह समस्या ज्यादा बढ़ रही हो तो न्यूरोलॉजिस्ट या संबंधित चिकित्सक से जांच कराएं।