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डा. बीसी जोशी को जेल जाने से राहत
ब्यूरो/अमर उजाला, नैनीताल
Updated Sun, 12 Apr 2015 02:01 AM IST
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प्रभारी जज (रिमांड) रिंकी साहनी ने शनिवार को विजिलेंस टीम की ओर से ड्यूटी के समय निजी प्रैक्टिस करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए काशीपुर सरकारी अस्पताल के सीएमएस डा.भुवन चंद्र जोशी की रिमांड खारिज कर दी है। इसके बाद सीएमएस पुलिस अभिरक्षा से मुक्त हुए। हालांकि, मामले में जांच जारी रहेगी। कोर्ट के सवालों का जवाब नहीं देने पर प्रभारी जज ने विजिलेंस पर नाराजगी भी व्यक्त की।
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शनिवार को विजिलेंस के निरीक्षक डीआर आर्या अन्य कर्मियों के सहयोग से सीएमएस डा. जोशी को लेकर न्यायालय पहुंचे। अपर सिविल जज तथा प्रभारी जज (रिमांड) रिंकी साहनी ने विजिलेंस टीम से कहा कि सुप्रीम कोर्ट की रूलिंग के अनुरूप 1 से 7 वर्ष की सजा संबंधी अपराधों में सुनवाई के दौरान कारण स्पष्ट करने का उल्लेख है। यही नहीं सीआरपीसी की धारा 41 में भी विवेचना के दौरान अपराधी के भाग जाने से जांच को खतरा होने के संबंध में उल्लेख करने का नियम है।
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ऐसे में विजिलेंस के अधिकारी जज को उत्तर नहीं दे सके, जिस पर उन्होंने नाराजगी भी व्यक्त की। बचाव पक्ष की ओर से बहादुर सिंह पाल, कैलाश जोशी, अनिल रजवार ने भी सुप्रीम कोर्ट की रूलिंग एवं सीआरपीसी का हवाला देते हुए रिमांड का विरोध किया। अभियोजन पक्ष की ओर से संयुक्त निदेशक अभियोजन एस पांडे ने पक्ष रखा। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद प्रभारी जज (रिमांड) रिंकी साहनी ने रिमांड खारिज कर दी।
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इधर, सीएमएस की गिरफ्तारी के विरोध में कुमाऊं और गढ़वाल के सरकारी अस्पतालों में इमरजेंसी, वीआईपी ड्यूटी और पोस्टमार्टम सेवाओं को छोड़कर डाक्टरों ने ओपीडी का बहिष्कार कर हड़ताल की। केवल जो मरीज इमरजेंसी वार्ड में आए उन्हें अटेंड किया गया। डाक्टरों ने विजिलेंस के इस रवैये के खिलाफ प्रदर्शन कर आक्रोश जताया तथा सोमवार से पूरे प्रदेश में आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। इस बारे में स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य महानिदेशक को भी सूचित कर दिया गया है।
शनिवार दोपहर हल्द्वानी बेस अस्पताल के सभागार में प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ की बैठक हुई। बैठक में सीएमएस की गिरफ्तारी पर रोष जताया गया। उधर, देहरादून में डाक्टरों ने काली पट्टी बांधकर काम किया।
क्या है मामला
विजिलेंस टीम ने शुक्रवार को काशीपुर सरकारी अस्पताल के सीएमएस डा. जोशी को ड्यूटी के समय निजी प्रैक्टिस करते हिरासत में लिया था। डाक्टर से मरीज से बतौर फीस लिए गए 350 रुपए भी बरामद किए गए थे। इसके अलावा, डाक्टर के आवास की तलाशी लेने पर टीम ने 6,99,711 रुपए नगद, लाकर में 18 तोला सोना और परिजनों के 17 खातों में 22 लाख रुपया जमा पाया। जांच में कुल 50 लाख रुपए की संपत्ति मिली थी।
सीएमएस के घर लोहाघाट में भी विजिलेंस ने छानबीन
विजिलेंस की टीम ने शनिवार को नगर में स्थित काशीपुर के राजकीय अस्पताल के सीएमएस डा. बीसी जोशी के आवास में लगभग दो घंटे तक छानबीन की। विजिलेंस के इंस्पेक्टर बीआर आर्या के नेतृत्व में की गई छानबीन में कोई आपत्तिजनक सामग्री पुलिस को नहीं मिली। इंस्पेक्टर आर्या के अनुसार डा. जोशी कभी-कभार शादी विवाहों में शामिल होेने और अपनी मां का हाल चाल जानने के लिए यहां आया करते थे। यहां उनकी सारी संपत्ति पैतृक है। घर में कोई नकदी नहीं मिली। पैतृक संपत्ति का भाइयों में अभी बंटवारा भी नहीं हुआ है। निरीक्षण के दौरान लोहाघाट थाने की एसआई मीनाक्षी नौटियाल, राजस्व निरीक्षक चंद्र प्रकाश और राजस्व उप निरीक्षक जगदीश प्रसाद ने भी सहयोग किया।