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कुत्ते को बचाने गए किसान पर झपट पड़ा गुलदार

Tue, 16 May 2017 02:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 16 May 2017 02:09 AM IST
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Dog swallowed on a farmer saved
leopard - फोटो : amar ujala

खेत में पानी लगा रहे किसान पर सोमवार सुबह गुलदार ने हमला कर घायल कर दिया। किसान अपने कुत्ते को गुलदार से बचाने का प्रयास कर रहा था। खेतों में काम कर रहे लोगों के शोरगुल से गुलदार गन्ने के खेत में छिप गया।

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वन विभाग की टीम रेस्क्यू के लिए पहुंची तो गुलदार ने वन कर्मी और दो शिकारियों पर भी हमला कर दिया। दस घंटे से ज्यादा की मशक्कत के बाद गुलदार पिंजरे में आ सका। बाद में उसे जंगल में छोड़ दिया गया। 
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घटना तराई पश्चिमी वन प्रभाग के रामनगर रेंज के गांव जीतपुर टांडा गांव की है। सोमवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे सुखदेव सिंह खेतों में पानी लगा रहे थे। पास में उनका कुत्ता भी था। अचानक गुलदार ने कुत्ते पर हमला कर दिया।
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सुखदेव ने कुत्ते को बचाने का प्रयास किया तो गुलदार उन्हें पर हमलावर हो गया। यह देख आसपास खेतों में काम कर रहे चिल्लाते हुए वहां पहुंचे तो गुलदार सुखदेव को छोड़कर गन्ने के खेत मे छिप गया। आनन-फानन में सुखदेव को रामनगर चिकित्सालय लाया गया।

उधर, ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी। इसके बाद चार वनकर्मी वहां पहुंच गए। लेकिन ग्रामीणों ने कहा कि इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी कोई अधिकारी क्यों नहीं पहुंचा। उन्होंने हंगामा कर दिया। इसके बाद फोन कर एसडीओ कलम सिंह बिष्ट को बुलाया गया।

मामला गंभीर देख उनकी अगुवाई में गुलदार को पकड़ने का अभियान चलाया गया। वन कर्मचारी गन्ने के खेतों की ओर गए तो गुलदार की दहाड़ सुनकर लौट आए। इसके बाद चारों तरफ खेत की निगरानी करने के साथ ही तुरंत इट्टवा (बाजपुर) से जाल वाले शिकारियों को बुलाया गया।

अभियान शुरू हुआ तो गुलदार ने वन दरोगा बसंत बल्लभ पंत और दो शिकारियों पर पंजा मार दिया। मामला बिगड़ता देख तीन ट्रैक्टरों की मदद से हांका लगाया गया जिस पर गुलदार खेत से भागने लगा। लेकिन जाल में फंसने से नहीं बच सका। बाद में लाठी-डंडों के जरिए उस पर काबू पा लिया गया।


पिंजरे में डालने में आधा घंटा लग गया। डॉक्टरी परीक्षण के लिए तराई पश्चिमी के फांटो रेंज ले जाया गया। जहां से उसे जंगल में छोड़ दिया गया। इस दौरान तराई पश्चिमी वन प्रभाग के एसडीओ कलम सिंह बिष्ट, रेंजर लक्ष्मण सिंह बिष्ट, ललित आर्या, एसडीएम पारितोष वर्मा, कोतवाल विक्रम सिंह राठौर सहित पुलिस बल और वन विभाग के कर्मचारी मौजूद थे।

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