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डॉक्टरों ने उठाए क्वालिटी सवाल, दो हजार मास्क वापस
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प्रतीकातमक फोटो।
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हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल और राजकीय मेडिकल कालेज में महंगे दामों पर खरीदे गए मास्क वापस कर दिए गए हैं। मास्क की क्वालिटी को लेकर डाक्टरों ने विरोध कर दिया था।
राजकीय मेडिकल कालेज में खरीदारी में खेल शुरू हो गया था। बिना किसी अन्य डाक्टर को बैठाए सिर्फ प्राचार्य की मौजूदगी में प्रबंधन से जुड़े कुछ लोगों ने 400 रुपये प्रति मास्क की दर से दो हजार मास्क की खरीद फाइनल कर दी थी। खरीद के लिए आर्डर भी दे दिया गया था जबकि पिछले मास्क 135 रुपये प्रति मास्क की दर से खरीदे गए थे।
महंगे दामों पर मास्क खरीद की खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। मास्क की क्वालिटी देखकर डाक्टरों ने इन्हें लगाए से इंकार कर दिया था। डाक्टरों के विरोध और महंगे दरों को लेकर मेडिकल कालेज प्रबंधन बैकफुट पर चला गया। कालेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने बताया कि दो हजार मास्क कंपनी को वापस भेज दिए गए हैं।
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डाक्टरों ने डोरी वाले मास्क की डिमांड की
सुशीला तिवारी अस्पताल में थ्री लेयर मास्क लगाने को लेकर डाक्टर के इंकार के बाद मास्क कंपनी को वापस भेज दिए गए। साथ ही पीपीई किट भी खत्म हो चुकी है। एसटीएच में 30 हजार थ्री लेयर मास्क आए थे। बताया जा रहा है मास्क की लास्टिक काफी टाइट हो रही थी और डाक्टर समेत स्टाफ को दिक्कत हो रही थी। मास्क ठीक न होने के कारण डाक्टरों और स्टाफ ने डोरी वाले मास्क मंगाने की बात कही। बताया जा रहा है कि कंपनी से बात कर 30 हजार मास्क वापस कर दिए गए हैं। कंपनी डोरी वाले थ्री लेयर मास्क भेजेगी। दूसरी ओर एसटीएच में स्टाक में महज दस पीपीई किट बची हैं। पीपीई किट अभी तक नहीं आ पाई है। पीपीई किट अगर कल तक नहीं पहुंची तो कोरोना संदिग्ध और संक्रमित मरीजों के इलाज करने में समस्या आ सकती है।
कंपनी से बात हो गई है और 30 हजार लास्टिक वाले मास्क बदलकर डोरी वाले मास्क आएंगे। 15 सौ पीपीई किट का आर्डर किया गया है। पांच सौ किट बृहस्पतिवार को आ जाएंगी।
-डॉ. सीपी भैसोड़ा प्राचार्य राजकीय मेडिकिल
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राजकीय मेडिकल कालेज में खरीदारी में खेल शुरू हो गया था। बिना किसी अन्य डाक्टर को बैठाए सिर्फ प्राचार्य की मौजूदगी में प्रबंधन से जुड़े कुछ लोगों ने 400 रुपये प्रति मास्क की दर से दो हजार मास्क की खरीद फाइनल कर दी थी। खरीद के लिए आर्डर भी दे दिया गया था जबकि पिछले मास्क 135 रुपये प्रति मास्क की दर से खरीदे गए थे।
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महंगे दामों पर मास्क खरीद की खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। मास्क की क्वालिटी देखकर डाक्टरों ने इन्हें लगाए से इंकार कर दिया था। डाक्टरों के विरोध और महंगे दरों को लेकर मेडिकल कालेज प्रबंधन बैकफुट पर चला गया। कालेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने बताया कि दो हजार मास्क कंपनी को वापस भेज दिए गए हैं।
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डाक्टरों ने डोरी वाले मास्क की डिमांड की
सुशीला तिवारी अस्पताल में थ्री लेयर मास्क लगाने को लेकर डाक्टर के इंकार के बाद मास्क कंपनी को वापस भेज दिए गए। साथ ही पीपीई किट भी खत्म हो चुकी है। एसटीएच में 30 हजार थ्री लेयर मास्क आए थे। बताया जा रहा है मास्क की लास्टिक काफी टाइट हो रही थी और डाक्टर समेत स्टाफ को दिक्कत हो रही थी। मास्क ठीक न होने के कारण डाक्टरों और स्टाफ ने डोरी वाले मास्क मंगाने की बात कही। बताया जा रहा है कि कंपनी से बात कर 30 हजार मास्क वापस कर दिए गए हैं। कंपनी डोरी वाले थ्री लेयर मास्क भेजेगी। दूसरी ओर एसटीएच में स्टाक में महज दस पीपीई किट बची हैं। पीपीई किट अभी तक नहीं आ पाई है। पीपीई किट अगर कल तक नहीं पहुंची तो कोरोना संदिग्ध और संक्रमित मरीजों के इलाज करने में समस्या आ सकती है।
कंपनी से बात हो गई है और 30 हजार लास्टिक वाले मास्क बदलकर डोरी वाले मास्क आएंगे। 15 सौ पीपीई किट का आर्डर किया गया है। पांच सौ किट बृहस्पतिवार को आ जाएंगी।
-डॉ. सीपी भैसोड़ा प्राचार्य राजकीय मेडिकिल