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Haldwani: रेलवे और परिवहन विभाग में गौला रोखड़ की जमीन पर विवाद, पेयजल निगम और उसके ठेकेदार पर केस दर्ज किया
Tue, 11 Jun 2024 04:26 PM IST
हीरा मेहरा
हरीश पांडे, संवाद
हरीश पांडे, संवाद
Published by: हीरा मेहरा
Updated Tue, 11 Jun 2024 04:26 PM IST
सार
Haldwani: गौला रोखड़ में वन विभाग की ओर से परिवहन विभाग को आवंटित जमीन के स्वामित्व को लेकर विवाद शुरू हो गया है। रेलवे ने इस जमीन को अपना बताते हुए कार्यदायी संस्था पेयजल निगम और उसके ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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रेलवे और परिवहन विभाग में गौला रोखड़ की जमीन पर विवाद
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हल्द्वानी के गौला रोखड़ में वन विभाग की ओर से परिवहन विभाग को आवंटित जमीन के स्वामित्व को लेकर विवाद शुरू हो गया है। रेलवे ने इस जमीन को अपना बताते हुए कार्यदायी संस्था पेयजल निगम और उसके ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब आरटीओ ने सीनियर इंजीनियर को पत्र भेजकर पूछा है कि रेलवे इस जमीन को कैसे अपनी बता रहा है, उसके अभिलेख मानचित्र उपलब्ध कराए। कहा कि ऐसा नहीं करने पर सरकारी कार्य में बाधा डालने की श्रेणी में संज्ञान लेते हुए कार्रवाई के लिए शासन को पत्र प्रेषित किया जाएगा।
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गौला रोखड़ में परिवहन विभाग को ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक एवं ड्राइविंग स्कूल कैंपस निर्माण के लिए वन विभाग से जमीन आवंटित हुई है। वन विभाग ने इसे चिह्नित कर परिवहन विभाग को हस्तांरित कर दिया था। ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक एवं ड्राइविंग स्कूल कैंपस निर्माण का कार्य पेयजल निगम को सौंपा गया है। पेयजल निगम ने इसे ठेके पर दिया है। 23 मई को ठेकेदार जेसीबी से यहां काम कर रहा था। इस दौरान रेलवे पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई, उसने इस जमीन को रेलवे की बताकर काम रुकवा दिया। साथ ही जेसीबी सीज कर चालक को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पेयजल निगम और ठेकेदार पर केस दर्ज किया।
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तीन जून को आरटीओ संदीप सैनी ने इस संबंध में सीनियर सेक्शन इंजीनियर उत्तर पूर्व रेलवे को पत्र भेजा है। पत्र में कहा कि उन्हें यह जमीन वन विभाग से आवंटित हुई है। पूछा कि किस आधार पर इसे रेलवे की भूमि बताया जा रहा है। जमीन संबंधी अभिलेख, मानचित्र उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने पूछा कि चयनित ठेकेदार की जेसीबी िकस आरोपों में सीज की गई है और ठेकेदार एवं पेयजल निर्माण निगम पर किन प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज किया है। प्रकरण तथ्यों को तुरंत प्रस्तुत करें वरना सरकारी कार्य में बाधा की श्रेणी में संज्ञान लेते हुए मामले को अग्रिम कार्रवाई के लिए शासन को भेज दिया जाएगा।
निर्माण कार्य के दौरान जेसीबी चालक से रेलवे की सिग्नल वायर कट गई थी। रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर जेसीबी वाहन चालक के खिलाफ संबंधित धारा में कार्रवाई की गई। इस मामले की फिलहाल जांच चल रही है।
-डीएस कश्यप, सब इंस्पेक्टर, आरपीएफ