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Ajay Bhatt: कभी बेची चाय, सब्जी और चूड़ी-बिंदी...जनता का सहयोग मिलने पर भी हाईकमान के गणित में नहीं हुए फिट?
Tue, 11 Jun 2024 12:07 PM IST
हीरा मेहरा
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
Published by: हीरा मेहरा
Updated Tue, 11 Jun 2024 12:07 PM IST
सार
अजय भट्ट का जीवन संघर्षों से भरा रहा। वे कभी आजीविका के लिए चाय बेचते थे, दूनागिरि मंदिर में चूड़ी बिंदी सहित कभी सब्जी की दुकान भी चलाते थे। कम उम्र में पिता के निधन के बाद पारिवारिक जिम्मेदारी के चलते उन्होंने ये सब किया।
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अजय भट्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नैनीताल- ऊधमसिंह नगर लोकसभा सीट पर रिकॉर्ड मतों से लगातार दूसरी बार चुनाव जीतने वाले अजय भट्ट का पूर्व में बतौर रक्षा और पर्यटन राज्य मंत्री कार्यकाल बेहद सफल रहा। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में विकास के बड़े- बड़े कार्य करवाए। वे सर्वश्रेष्ठ सांसद भी चुने गए और उन्होंने शालीन व्यवहार, जनता से जुड़ाव, तमाम समस्याओं के समाधान से अपनी एक विशिष्ट छवि भी बनाई।
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कभी बेची चाय, सब्जी और चूड़ी-बिंदी
भट्ट का जीवन संघर्षों से भरा रहा। वे कभी आजीविका के लिए चाय बेचते थे, दूनागिरि मंदिर में चूड़ी बिंदी सहित कभी सब्जी की दुकान भी चलाते थे। कम उम्र में पिता के निधन के बाद पारिवारिक जिम्मेदारी के चलते उन्होंने ये सब किया लेकिन समाज सेवा का जज्बा उन्हें राजनीति में ले आया। 1985 में वे भाजयुमो से जुड़े और राज्य आंदोलन में भी सक्रिय रहे। 1996 से 2007 तक वे विधायक रहे। भाजपा अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष भी रहे। संगठन में सक्रियता और जनता पर पकड़ देखते हुए भाजपा ने 2019 में लोकसभा का टिकट दिया और वे दिग्गज नेता हरीश रावत को रिकॉर्ड 339096 मतों से पराजित कर सांसद बने। 2024 में भी उन्होंने रिकॉर्ड 3,34,548 मतों के अंतर से चुनाव जीता।
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