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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Disposed of a petition to intervene on the ground

भूमि पर हस्तक्षेप करने  वाली याचिका निस्तारित   

Tue, 19 Jul 2016 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, नैनीताल।
अमर उजाला ब्यूरो, नैनीताल। Updated Tue, 19 Jul 2016 12:41 AM IST
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हाईकोर्ट ने याची की भूमि पर एसडीएम रुड़की द्वारा हस्तक्षेप करने के मामले में सुनवाई के बाद याचिका निस्तारित कर दी। कोर्ट को एसडीएम द्वारा आश्वासन दिया गया कि भूमि विवाद में वह किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।
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 ग्राम मेहवडकला थाना पिरान कलियर जिला हरिद्वार निवासी अनिल कुमार राणा ने हाईकोर्ट में एसडीएम रुड़की के खिलाफ याचिका दायर कर कहा था कि एसडीएम द्वारा याचिकाकर्ता को बेवजह परेशान किया जा रहा है और भूमि विवाद में अनावश्यक रूप से हस्तक्षेप किया जा रहा है। याची के मुताबिक उसकी भूमि पर कुछ लोग कब्जा करना चाहते हैं।
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कोर्ट ने पूर्व में एसडीएम को अपना पक्ष रखने के निर्देश देते हुए स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए थे। कोर्ट के आदेश के क्रम में सरकार ने कोर्ट को बताया कि दूरभाष पर सूचना प्राप्त की गई तो एसडीएम द्वारा यह आश्वासन दिया गया कि वह किसी भी याचिकाकर्ता के भूमि विवाद में हस्तक्षेप नहीं करेंगे। न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की एकलपीठ ने सोमवार को पक्षों की सुनवाई के दौरान एसडीएम रुड़की के कथन को रिकार्ड करने के साथ ही याचिका को निस्तारित कर दिया। 
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जरूरत होने पर याची को सुरक्षा प्रदान करें : हाईकोर्ट 
नैनीताल। हाईकोर्ट ने एसएसपी हरिद्वार को आदेशित किया है कि वह याचिकाकर्ता ग्राम मेहवडकला थाना पिरान कलियर जिला हरिद्वार निवासी अनिल कुमार राणा को जरूरत होने पर पुलिस सुरक्षा प्रदान करें।

अनिल कुमार राणा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपनी जान की सुरक्षा के लिए गुहार लगाते हुए उसे पुलिस सुरक्षा देने की प्रार्थना की थी। याचिका में कहा गया था कि ग्राम मेहवडकला में उसकी 170 गाटा संख्या की भूमि पर विपक्षी रिक्खम, पहारी, ईश्वर, महिपाल, पाल सिंह, जगपाल, अब्दुल, इसरार, अनिल, व धर्मवीर की बुरी नियत है और वे उस भूमि को हासिल करने व कब्जाने की नीयत से उसे जान से मारने की धमकी देते हैं।


विपक्षीगणों के अधिवक्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया कि वे याचिकाकर्ता को किसी भी प्रकार से जानमाल की हानि नहीं पहुंचाएंगे। इस आधार पर न्यायमूर्ति वीके बिष्ट एवं न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की खंडपीठ ने याचिका निस्तारित करते हुए एसएसपी हरिद्वार को आदेशित किया है कि जब भी याचिकाकर्ता को सुरक्षा की आवश्यकता होगी वह उसे तुरंत सुरक्षा प्रदान करें। 
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