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बदले मौसम में बढ़ गए डायरिया और टायफाइड के मरीज

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jun 2022 11:57 PM IST
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Diarrhea and typhoid patients increased in the changed season
हल्द्वानी। मौसम में आए बदलाव के साथ ही लोग बीमारियों की गिरफ्त में आने लगे हैं। दूषित खानपान, पेय पदार्थों के असर से उल्टी, दस्त, टायफाइड और पीलिया से पीड़ित लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं। इनमें बच्चों की संख्या ज्यादा है। एसटीएच और बेस अस्पताल की ओपीडी और आईपीडी में मरीजों की भीड़ लग रही है। डॉक्टरों ने खानपान में एहतियात बरतने की सलाह दी है।
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अभी मानसून तो नहीं आया, लेकिन प्री-मानसूनी बारिश होने लगी है। मौसम में बदलाव के दौरान थोड़ी से लापरवाही सेहत पर भारी पड़ती दिखाई दे रही है। बच्चों के प्रति विशेष ध्यान देने की जरूरत है, क्योंकि सुशीला तिवारी अस्पताल के बाल रोग विभाग में लगभग 80 से 90 मरीज हर रोज आ रहे हैं जिनमें डायरिया, टायफायड, पीलिया, बुखार, उल्टी-दस्त की शिकायत के मामले ज्यादा हैं।
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हफ्तेभर में यह आंकड़ा 650 से 700 तक पहुंच रहा है। इन दिनों हर रोज डायरिया के 30 से 35 मामले, टायफाइड के 10 से 12 और खांसी, निमोनिया के पांच से सात और हीट स्ट्रोक के पांच मामले प्रतिदिन आ रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ऋतु रखोलिया ने बताया कि इनके अलावा निमोनिया और हीट स्ट्रोक के केस भी हैं।
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समय पर समुचित इलाज नहीं मिलने पर बीमारी जानलेवा तक साबित हो सकती है। बताया कि किसी भी बच्चे में उपरोक्त बीमारी के लक्षण दिखाई दें तो अभिभावक बच्चे को लेकर तुरंत अस्पताल पहुंचे। ऐसा ही हाल बेस अस्पताल का भी है। यहां भी मरीजों की संख्या में इस सप्ताह बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
बीमारी के लक्षण
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ऋतु रखोलिया के अनुसार, डायरिया : बच्चे को उल्टी दस्त होते हैं, जिससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है। डी हाइड्रेशन के खतरे से बचने के लिए बच्चे को ओआरएस का घोल, हलका और पतला भोजन दें।
टाइफाइड : दस्त के साथ बुखार भी आता है। पहले हल्का बुखार रहता है फिर धीरे-धीरे बढ़ने लगता है। लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर की सलाह लें।
पीलिया : यह दूषित पानी पीने से होता हे। इसके लिए बरसात में बच्चों को नियमित उबला पानी पिलाएं और आसपास गंदा पानी जमा न होने दें। इससे डेंगू के खतरे से भी बचा जा सकता है। इस दौरान बाहर से खुली खाद्य सामग्री के सेवन से भी परहेज रखें।

हीट स्ट्रोक : धूप में ज्यादा देर रहने से हीट स्ट्रोक का खतरा रहता है जिसमें सिर दर्द, चक्कर आना, बेचैनी और घबराहट की दिक्कत हो सकती है। बच्चे को पानी के साथ समय-समय पर ओआरएस, नींबू पानी, गन्ने का रस, शिकंजी आदि दे सकते हैं।
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