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हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में डीएफओ हरिद्वार कोर्ट में पेश
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प्रतीकात्मक फोटो।
नैनीताल। हाईकोर्ट के पूर्व आदेश के क्रम में हरिद्वार के डीएफओ आकाश कुमार वर्मा सोमवार को कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने कोर्ट को बताया कि उन्होंने कोर्ट के आदेश का पालन कर लिया है। इसके बाद कोर्ट ने अवमानना याचिका को निस्तारित कर दिया।
न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। हरिद्वार निवासी रतिराम ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर कहा था कि कोर्ट ने पूर्व में उनकी ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद उनकी समस्त सेवाओं को जोड़ते हुए पेंशनरी बेनिफिट के समस्त लाभ देने के आदेश दिए थे।
कोर्ट के आदेश के बाद भी डीएफओ हरिद्वार ने इसका पालन नहीं किया और कहा कि उनकी रेगुलर सर्विस 10 साल से कम है इसलिए उनको पेंशनरी बेनिफिट के समस्त लाभ नहीं दिया जा सकते हैं। पूर्व में कोर्ट ने आदेश का पालन नहीं करने पर डीएफओ हरिद्वार को कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए थे। कोर्ट के पूर्व आदेश के क्रम में वह कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने कोर्ट को बताया कि पूर्व में पारित कोर्ट के आदेश का पालन कर दिया गया है। जिसके बाद अवमानना याचिका को निस्तारित कर दिया गया।
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न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। हरिद्वार निवासी रतिराम ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर कहा था कि कोर्ट ने पूर्व में उनकी ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद उनकी समस्त सेवाओं को जोड़ते हुए पेंशनरी बेनिफिट के समस्त लाभ देने के आदेश दिए थे।
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कोर्ट के आदेश के बाद भी डीएफओ हरिद्वार ने इसका पालन नहीं किया और कहा कि उनकी रेगुलर सर्विस 10 साल से कम है इसलिए उनको पेंशनरी बेनिफिट के समस्त लाभ नहीं दिया जा सकते हैं। पूर्व में कोर्ट ने आदेश का पालन नहीं करने पर डीएफओ हरिद्वार को कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए थे। कोर्ट के पूर्व आदेश के क्रम में वह कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने कोर्ट को बताया कि पूर्व में पारित कोर्ट के आदेश का पालन कर दिया गया है। जिसके बाद अवमानना याचिका को निस्तारित कर दिया गया।
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