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नींद की गोलियां खाकर छात्रा ने दी जान देने की कोशिश

Sat, 06 Jun 2015 02:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नैनीताल
ब्यूरो/अमर उजाला, नैनीताल Updated Sat, 06 Jun 2015 02:09 AM IST
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बीडी पांडे महिला अस्पताल में तैनात एक नर्स के कथित उत्पीड़न से परेशान होकर बीडी पांडे स्कूल आफ नर्सिंग की छात्रा ने अत्यधिक मात्रा में नींद की गोलियां खाकर जान देने की कोशिश की। हालांकि साथी छात्र-छात्राओं और स्टाफ की तत्परता से उसे त्वरित बीडी पांडे जिला अस्पताल लाया गया, जहां उसकी हालत ठीक है। इधर, पीड़िता ने कोतवाली पुलिस को अत्यधिक नींद की गोलियां खाने की बात ही कही है, लेकिन मीडिया के समक्ष उसने अस्पताल की स्टाफ नर्स पर उत्पीड़न का आरोप लगाया।

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बीती रात अस्पताल में ड्यूटी के बाद जवाहर नगर, नगला (यूएस नगर) निवासी 20 वर्षीय जीएनएम पाठ्यक्रम की द्वितीय वर्ष की छात्रा रैमजे परिसर स्थित छात्रावास पहुंची। सुबह करीब नौ बजे छात्रा ने ढेर सारी नींद की गोलियां खा लीं। हालत बिगड़ने पर विद्यार्थियों ने इसकी जानकारी प्रधानाचार्या मीनाक्षी नयाल को दी। छात्रा को तत्काल 108 सेवा के माध्यम से बीडी पांडे अस्पताल लाया गया। डा. एमएस दुग्ताल के नेतृत्व में डाक्टरों ने छात्रा का इलाज किया, थोड़ी देर बाद छात्रा को होश आ गया। पूछताछ में उसने बताया कि जीएनएम कोर्स के दौरान प्रयोगात्मक प्रशिक्षण के लिए उन्हें बीडी पांडे अस्पताल भेजा जाता है। रात्रि कालीन सेवा में बीती रात वह महिला अस्पताल में थी। आरोप है कि वहां तैनात स्टाफ नर्स उसका उत्पीड़न करती है।
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छात्रा ने बताया कि अपने परिवार की स्थिति को लेकर वैसे ही वह परेशान है। उसके पिता की पूर्व में मौत हो चुकी है और कुछ समय पहले भाई की एक्सीडेंट में मौत हो गई। वह यहां अपने जीजा की मदद से पढ़ाई कर रही है। छात्रा ने बताया कि यहां बार-बार डांट, प्रताड़ना, उत्पीड़न से परेशान होकर उसे यह कदम उठाया। डाक्टरों के मुताबिक उसकी हालत अब खतरे से बाहर है। वहीं बाद में नर्सिंग स्कूल की छात्राओं ने अस्पताल परिसर में उत्पीड़न की शिकायत करते हुए प्रदर्शन भी किया।
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आज तुम चुप मत रहना
अस्पताल में नर्सिंग स्कूल की प्रधानाचार्या समेत अन्य स्टाफ सभी छात्राओं से छात्रावास जाने के लिए दबाव बना रहा था। पीड़िता छात्रा को भी भविष्य में सब कुछ ठीक होने का हवाला देते हुए विरोधी बयान न देने को कहा जा रहा था, लेकिन मौका पाने पर नर्सिंग की छात्राएं पीड़िता से कहती देखी गईं कि आज तुम चुप मत रहना, हम सब तुम्हारे साथ हैं।

किसी ने नहीं की शिकायत
नर्सिंग स्कूल की प्रधानाचार्या मीनाक्षी नयाल ने बताया कि छात्रा या किसी भी प्रशिक्षणार्थी की ओर से उनसे इस संबंध में कोई शिकायत नहीं की गई थी। मामले के बाद बीडी पांडे अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. जीबी बिष्ट और महिला चिकित्सालय की सीएमएस डा. विनीता साह को लिखित रूप से इसकी जानकारी दी जा चुकी है।


जांच के लिए कमेटी गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए बीडी पांडे अस्पताल में आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें पीएमएस डा. जीबी बिष्ट, सीएमएस डा. विनीता साह, प्रभारी सीएमएस डा. संजीव खर्कवाल समेत अन्य डाक्टर मौजूद रहे। बैठक में डा. वीके पुनेरा की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति का गठन किया गया, जिसमें नर्सिंग स्टाफ और सिस्टम इंचार्ज भी शामिल हैं। जांच रिपोर्ट के बाद आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।

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