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पुलिस रही मुगालते में, विवाद ने लिया बड़ा रूप
अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी
Updated Thu, 28 Jul 2016 11:08 PM IST
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बाजार बंद
- फोटो : अमर उजाला
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कोतवाली पुलिस बुधवार रात हुए बवाल के बाद तहरीर लेकर मुगालते में रही कि सुबह दोनों पक्षों के बीच समझौता हो जाएगा। इसी कारण पुलिस ने एफआईआर और कार्रवाई करना उचित नहीं समझा। सुबह विवाद बढ़ने पर पुलिस ने क्रास रिपोर्ट दर्ज कर मामले को सुलझाने का प्रयास किया। इसके बाद भी दोनों पक्ष नहीं माने।
बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे कोतवाली में भीड़ जुटने के बाद भी पुलिस हिंदूवादी संगठनों को हल्के में ले रही थी। कोतवाली के घेराव के बाद भीड़ बाजार की तरफ निकल गयी। हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता बाजार बंद कराने लगे। इतना ही नहीं दोनों पक्ष एक दूसरे को पीटने के लिए आमादा थे। बवाल के चलते शहर के अन्य बाजार भी बंद हो गए। लोग बिना खरीददारी के घरों को लौट गए।
घटना की सूचना मिलने पर एसपी सिटी सुबह रामनगर से पहुंचे और हालात का जायजा लेने खुद ही बाजार में निकल पड़े। उधर लोगों का कहना था कि कानून से ऊपर न तो सपा नेता हैं और न ही व्यवसायी। क्या आम आदमी को इतनी छूट पुलिस देती है। पुलिस 452 में भी गिरफ्तारी कर सकती है। अन्य धाराओं का प्रयोग भी गिरफ्तारी के लिए किया जा सकता था।
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पुलिस उचित धाराओं का प्रयोग कर कानून तोड़ने वालों को सबक सिखा सकती थी। फिर भी पुलिस ने आरोपियों को थाने में लाने की हिम्मत भी नहीं जुटाई। उल्टे आरोपी वर्दीधारियों से शहर के हालात की खोज खबर लेते रहे।
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बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे कोतवाली में भीड़ जुटने के बाद भी पुलिस हिंदूवादी संगठनों को हल्के में ले रही थी। कोतवाली के घेराव के बाद भीड़ बाजार की तरफ निकल गयी। हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता बाजार बंद कराने लगे। इतना ही नहीं दोनों पक्ष एक दूसरे को पीटने के लिए आमादा थे। बवाल के चलते शहर के अन्य बाजार भी बंद हो गए। लोग बिना खरीददारी के घरों को लौट गए।
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घटना की सूचना मिलने पर एसपी सिटी सुबह रामनगर से पहुंचे और हालात का जायजा लेने खुद ही बाजार में निकल पड़े। उधर लोगों का कहना था कि कानून से ऊपर न तो सपा नेता हैं और न ही व्यवसायी। क्या आम आदमी को इतनी छूट पुलिस देती है। पुलिस 452 में भी गिरफ्तारी कर सकती है। अन्य धाराओं का प्रयोग भी गिरफ्तारी के लिए किया जा सकता था।
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पुलिस उचित धाराओं का प्रयोग कर कानून तोड़ने वालों को सबक सिखा सकती थी। फिर भी पुलिस ने आरोपियों को थाने में लाने की हिम्मत भी नहीं जुटाई। उल्टे आरोपी वर्दीधारियों से शहर के हालात की खोज खबर लेते रहे।