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हर साल बढ़ रही जमीन जालसाज
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी
Updated Sun, 28 Aug 2016 12:02 AM IST
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एसआईटी की जांच से पता चला है कि जिले में हर साल जमीन के जालसाजों की संख्या बढ़ती जा रही है। जालसाज इतने चालाक हैं कि वे कानून को मात देने के लिए तरह तरह के रास्ते अपना लेते हैं।
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जालसाजी में सजा की अवधि कम होने के कारण आरोपी कोर्ट से स्थगनादेश लेकर आराम से घूम रहे हैं। इधर जमीन के खरीददार पैसा गवांकर दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं।
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एसआईटी की रिपोर्ट के अनुसार 2014 में जमीन की जालसाजी का एक मुकदमा दर्ज हुआ था। 2015 में 13 मुकदमे दर्ज हुए लेकिन 2016 में सिर्फ आठ माह में 15 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।
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पुलिस को आठ माह के दौरान जमीन विवाद से संबंधित 72 शिकायतें मिल चुकी हैं। 15 मामलों में मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। एसआईटी की जांच पर रामनगर के आकृति प्रापर्टी डीलर सोहन सिंह रावत के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
अभी दो अन्य मामलों की जांच चल रही है। स्थानीय पुलिस से भी लोगों ने सोहन के खिलाफ पैसा लेने की शिकायतें की हैं। पता चला है कि वह घर छोड़कर फरार चल रहा है। सोहन पर कई लोगों का पैसा लेकर भागने का आरोप है।
इसी प्रकार नीलियम कालोनी के समीप एक अन्य कालोनी में जालसाजी का मामला उजागर होने के बाद आरोपी अदालत से स्थगनादेश लेकर घूम रहे हैं। मुखानी क्षेत्र के योगेश सुयाल के खिलाफ चार मुकदमे दर्ज हैं।
आरोप है कि योगेश ने दूसरे व्यक्तियों की जमीन को अपना बताकर बेच दिया है। अब पैसा गंवाने के बाद जमीन क्रेता परेशान हैं। जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतें काफी आई हैं।
पुलिस की मजबूरी
पुलिस का कहना है कि जालसाजी में सात साल से कम की सजा का प्रावधान है। अधिकतर मामलों में पुलिस जांच कर चार्जशीट कोर्ट में दायर कर चुकी है। कई आरोपी स्थगनादेश आदेश लेकर घूम रहे हैं।
होगी बड़ी कार्रवाई : डीआईजी
डीआईजी अजय रौतेला ने बताया कि एसआईटी में इंस्पेक्टर के रिक्त पद पर नियुक्ति मुख्यालय से होनी है। मुख्यालय को इंस्पेक्टर की नियुक्ति के लिए पत्र भेजा गया है। इंस्पेक्टर की नियुक्ति होने के बाद एसआईटी के मामलों की समीक्षा कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जालसाजी करने वालों को कानून के शिकंजे में लाया जाएगा।