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वन कर्मियों ने पकड़ा वन्यजीव तस्कर
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, लालकुआं/हल्दूचौड़(नैनीताल)।
Updated Thu, 28 Jan 2016 01:23 AM IST
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तराई केंद्रीय वन प्रभाग के जंगलों में पिछले लंबे समय से वन्य जीवों की तस्करी के अलावा शिकार किया जा रहा है। बीते मंगलवार की मध्य रात्रि वन गूजरों, ग्रामीणों के सहयोग से वन कर्मियों ने एक वन्य जीव तस्कर को हल्दूचौड़ बीट के प्लांट संख्या 67 से चार 315 बोर के जिंदा कारतूस, भारी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ के साथ मौके से धर दबोचा जबकि अन्य मौके से भागने में सफल रहे।
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वन विभाग ने पकड़े गए तस्कर को पुलिस के हवाले कर दिया। जिसे पुलिस ने वन्य जीव तस्करी में जेल भेज दिया। लंबे समय से हल्दूचौड़ बीट के प्लाट संख्या 67 में वन्य जीवों की तस्करी की जा रही है। जंगल में वन्य जीव तस्कर आटे के गोले बनाकर विस्फोटक पदार्थ रख रहे हैं।
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अब तक विस्फोटक पदार्थ खाने से कई वन्य जीवों और स्थानीय ग्रामीणों के मवेशियों की मौत हो चुकी है। वन्य जीवों के विस्फोटक युक्त भोजन के खाने से विस्फोट होने से उनकी मौके पर ही मौत हो जाती है। वन्य जीव तस्करों का यह खेल बेखौफ चल रहा था।
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इधर, वन विभाग ने लंबे समय से वन्य जीव तस्करों को पकड़ने का प्रयास कर रहा था लेकिन उसे सफलता नहीं मिल रही थी। मंगलवार को वन्य जीव तस्कर बिजेंदर विश्वास पुत्र सुरेंद्र विश्वास निवासी नेतानगर कालीनगर दिनेशपुर (ऊधमसिंह नगर) ( 57)को जंगल से भारी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ और चार 315 बोर के जिंदा कारतूस के साथ पकड़ा गया। अन्य वन्य जीव तस्कर भागने में सफल रहे।
पुलिस ने आरोपी को वन्य जीव तस्करी अधिनियम 1972 धारा 9, 16 ख विस्फोट पदार्थ अधिनियम 9 ख 1884 व आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। फरार अन्य वन्य जीव तस्करों को पकड़ने के लिए पुलिस ने अभियान तेज कर दिया है।
वन कर्मियों ने भी गश्त तेज कर दी है। इस दौरान बीट अधिकारी संपूर्णानंद कांडपाल, वन दरोगा किशन सिंह बिष्ट, आरपी जोशी, कैलाश सिंह विष्ट, दिवान सिंह, त्रिलोक सिंह रावत, हेम चंद्र बेलवाल, दयाकिशन जोशी आदि थे।