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हत्यारोपी अख्तर का जिंदा भाई रामपुर में मृत घोषित
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
Updated Tue, 28 Feb 2017 01:52 AM IST
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डबल मर्डर मामले की तहकीकात के दौरान ही यह खुलासा हुआ है कि आरोपी अख्तर अली का जिंदा भाई शकील रामपुर (यूपी) पुलिस के रिकॉर्ड में मृत घोषित है। हल्द्वानी पुलिस को यह जानकारी मिलने पर पुलिस ने रामपुर पुलिस को शकील के कारनामों का रिकॉर्ड भेजा है। पुलिस अब रिकॉर्ड के आधार पर आरोपी के भाई शकील पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है।
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पुलिस के मुताबिक डबल मर्डर का आरोपी अख्तर अली मूल रूप से रामपुर जिले के अजीमनगर हरेठा का रहने वाला है। चौकी प्रभारी प्रताप सिंह नगरकोटी की जांच से पता चला कि अख्तर अली अपने भाई शकील और वसीम के साथ गांव में रहता था। वर्ष 1993 में पड़ोसी के मैंथा की फसल में आग लगाने और गुंडागर्दी करने पर ग्रामीणों ने मुकदमा दर्ज कराया था।
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गांव वालों के दबाव में तीनों भाइयों ने अपने मामा के गांव गद्दीमजली में शरण ली। ननिहाल में भी खुराफात करने पर ग्रामीणों ने तीनों भाइयों को भगा दिया। इसके बाद तीनों हल्द्वानी आकर रहने लगे। वर्ष 2001 में शकील का नाम बाजपुर में हुई डकैती में आया था और इस प्रकरण में उसे पुलिस ने उसे 2003 में गिरफ्तार कर लिया था।
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इधर, रामपुर थाने से वारंट आने पर अख्तर ने कह दिया कि शकील की मौत हो गई है। इसी कारण अदालत के वारंट वापस हो जाते थे। शकील के खिलाफ अजीमनगर थाने में दो मुकदमे दर्ज हैं। सीओ लोकजीत सिंह का कहना है कि शकील और अख्तर के बारे में रामपुर पुलिस से रिपोर्ट मांगी गई है। रामपुर पुलिस को अवगत कराया गया है कि शकील हल्द्वानी में जिंदा घूम रहा है।
आरोपी मल्लू का स्केच जारी
पुलिस ने डबल मर्डर के आरोप में गिरफ्तार बटमैन महेंद्र नाथ गोस्वामी और अख्तर अली से पूछताछ के आधार पर तीसरे आरोपी मल्लू का स्केच तैयार कराया। जिला पुलिस ने स्केच जारी कर दिया है। इसी आधार पर पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है। आरोप है मल्लू लूटकांड के जेवरात लेकर फरार है।
फिंगर प्रिंट बनेगा मजबूत साक्ष्य
अदालत में डबल मर्डर के हत्यारोपियों का फिंगर प्रिंट सजा के लिए मजबूत साक्ष्य बनेगा। सुनवाई के दौरान अदालत के निर्देश पर ही फिंगर प्रिंट का मिलान किया जाएगा। सीओ लोकजीत सिंह ने बताया कि आरोपियों के फिंगर प्रिंट और मौके पर उपलब्ध साक्ष्य को पुलिस ने सीलबंद कर दिया है। अदालत के निर्देश पर सील बंद साक्ष्य को प्रयोगशाला भेजा जाएगा। प्रयोगशाला से फिंगर प्रिंट मिलान होने पर साक्ष्य मजबूत बन जाएगा। डबल मर्डर के मामले में पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से डीएल और अन्य कागजात बरामद किए हैं।