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नैनीताल एटीएम के जालसाज नहीं पकड़े गए
Updated Sun, 17 Dec 2017 02:24 AM IST
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हल्द्वानी। नैनीताल में एटीएम के सहारे दिल्ली से पैसा उड़ाने वाले अपराधियों की फुटेज मिलने के बाद भी जालसाज पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सके। दो साल से पुलिस जॉलसाजों की तलाश कर रही है। जांच से पता लगा कि डिवाइस लगाने वाले और पैसा निकालने वाले अलग-अलग हैं।
पुलिस की जांच से पता चला कि नैनीताल में हैकर्स ने 11 दिसंबर को कई एटीएम में डिवाइस लगाई थी। इसके लिए वे नैनीताल के एक होटल में रुके थे। हैकर्स ने दिल्ली के खिचड़ीपुर और कनाट प्लेस के एटीएम से पैसे निकाले थे। इधर नैनीताल में खाताधारकों के खातों से लगातार पैसे गायब होने की जानकारी मिलने पर पुलिस ही नहीं बैंक अधिकारियों के होश उड़ गए थे। दो साल पहले एसएसपी रही स्वीटी अग्रवाल ने घटना की जांच करने के लिए एसआईटी गठित की।
दिल्ली भेजी गई एसआईटी जॉलसाजों के संदर्भ में जानकारियां साझा की। टीम ने बताया कि किस प्रकार नैनीताल में डिवाइस लगाकर हैकर्स ने एटीएम के पासवर्ड हासिल किए। दिल्ली पुलिस से एटीएम से पैसे निकालने वालों के फुटेज भी नैनीताल पुलिस को उपलब्ध कराए गए। दोनों के मिलान से पता चला कि डिवाइस लगाने वाली और पैसा निकालने वाले हैकर्स अलग-अलग हैं। बता दें कि नैनीताल और भीमताल क्षेत्रों के खाताधारकों के एटीएम से हैकर्स लाखों रुपये निकाल चुके हैं। एसएसपी के तबादले के बावजूद जॉलसाज पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सके।
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एटीएम से निकाले गए 29 लाख का भी पता नहीं चला
आईसीआईसीआई बैंक की तरफ से मुखानी थाने में पिछले साल मुकदमा दर्ज कराया गया था। बताया गया कि जनवरी में लालडाठ एटीएम से करीब साढ़े 29 लाख रुपये निकाले गए हैं। 15 मार्च 16 को बैंक के लीगल एडवाइजर सतवीर सिंह ने मुखानी थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। जांच से पता चला कि चीनपुर एटीएम से 16 लाख रुपये, लालडाठ से पांच लाख और पार्वती मोहल्ला बाजपुर स्टैंड से आठ लाख 40 हजार रुपये निकाले गए थे। फुटेज में तीन लोगों के चेहरे सामने आए थे। फिर भी जालसाज पुलिस द्वारा नहीं पकड़े गए।
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पुलिस की जांच से पता चला कि नैनीताल में हैकर्स ने 11 दिसंबर को कई एटीएम में डिवाइस लगाई थी। इसके लिए वे नैनीताल के एक होटल में रुके थे। हैकर्स ने दिल्ली के खिचड़ीपुर और कनाट प्लेस के एटीएम से पैसे निकाले थे। इधर नैनीताल में खाताधारकों के खातों से लगातार पैसे गायब होने की जानकारी मिलने पर पुलिस ही नहीं बैंक अधिकारियों के होश उड़ गए थे। दो साल पहले एसएसपी रही स्वीटी अग्रवाल ने घटना की जांच करने के लिए एसआईटी गठित की।
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दिल्ली भेजी गई एसआईटी जॉलसाजों के संदर्भ में जानकारियां साझा की। टीम ने बताया कि किस प्रकार नैनीताल में डिवाइस लगाकर हैकर्स ने एटीएम के पासवर्ड हासिल किए। दिल्ली पुलिस से एटीएम से पैसे निकालने वालों के फुटेज भी नैनीताल पुलिस को उपलब्ध कराए गए। दोनों के मिलान से पता चला कि डिवाइस लगाने वाली और पैसा निकालने वाले हैकर्स अलग-अलग हैं। बता दें कि नैनीताल और भीमताल क्षेत्रों के खाताधारकों के एटीएम से हैकर्स लाखों रुपये निकाल चुके हैं। एसएसपी के तबादले के बावजूद जॉलसाज पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सके।
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एटीएम से निकाले गए 29 लाख का भी पता नहीं चला
आईसीआईसीआई बैंक की तरफ से मुखानी थाने में पिछले साल मुकदमा दर्ज कराया गया था। बताया गया कि जनवरी में लालडाठ एटीएम से करीब साढ़े 29 लाख रुपये निकाले गए हैं। 15 मार्च 16 को बैंक के लीगल एडवाइजर सतवीर सिंह ने मुखानी थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। जांच से पता चला कि चीनपुर एटीएम से 16 लाख रुपये, लालडाठ से पांच लाख और पार्वती मोहल्ला बाजपुर स्टैंड से आठ लाख 40 हजार रुपये निकाले गए थे। फुटेज में तीन लोगों के चेहरे सामने आए थे। फिर भी जालसाज पुलिस द्वारा नहीं पकड़े गए।