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दोनों हत्यारोपी भेजे गए जेल
Updated Mon, 20 Aug 2018 01:48 AM IST
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हल्द्वानी। कोतवाली पुलिस ने किशन हत्याकांड के दोनों आरोपियों को अदालत मेें पेश किया। अदालत के निर्देश पर दोनों को नैनीताल जेल भेज दिया। पुलिस का कहना है कि किशन के परिजनों ने उसकी फटी शर्ट देखकर कंकाल की शिनाख्त की है।
टांडा भूड़ाखत्ता निवासी 30 वर्षीय किशन राम उर्फ कल्लू 28 अक्तूबर 2015 को लापता हो गया था। एक सप्ताह पहले किशन के भाई बाबूराम को पड़ोसी महिला ने बताया कि उसके भाई को गांव के कल्लू सिंह और श्याम सिंह ने मारा है। इसके बाद बाबूराम ने कोतवाली पुलिस से लिखित शिकायत की। पुलिस ने कल्लू सिंह और श्याम सिंह को पकड़ लिया। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने टांडा जंगल स्थित एक गड्ढे से नर कंकाल और कपड़े बरामद कर लिया। दोनों ने बताया कि वे कल्लू के दोस्त थे। तीनों एक साथ शराब पीते थे। किशन ने तीन शराब पीकर उन्हें मारा था। इसका बदला लेने के लिए दोनों ने उसी को ठिकाने लगाने की योजना बनाई।
घटना के दिन शराब पिलाने के बाद किशन पर संबल और पत्थर से वारकर दोनों ने उसकी हत्या कर दी और शव को ठिकाने लगाया। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल से बरामद किशन के फटे टीशर्ट और शर्ट से परिजनों ने नर-कंकाल की शिनाख्त की।
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सिर पर चोट के चलते हुई मौत
पुलिस ने नर कंकाल को मोर्चरी में भेज दिया। राजकीय मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा सहित दो डाक्टरों की टीम ने काफी देर तक फोरेंसिक जांच की। टीम को जांच करनी थी कि कंकाल नर का है या मादा का है, कितना पुराना है। किस कारण मौत हुई। जांच में पाया गया कि कंकाल नर का है। सिर पर चोट के चलते उसकी मौत हुई है। कंकाल एक साल से अधिक पुराना है।
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टांडा भूड़ाखत्ता निवासी 30 वर्षीय किशन राम उर्फ कल्लू 28 अक्तूबर 2015 को लापता हो गया था। एक सप्ताह पहले किशन के भाई बाबूराम को पड़ोसी महिला ने बताया कि उसके भाई को गांव के कल्लू सिंह और श्याम सिंह ने मारा है। इसके बाद बाबूराम ने कोतवाली पुलिस से लिखित शिकायत की। पुलिस ने कल्लू सिंह और श्याम सिंह को पकड़ लिया। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने टांडा जंगल स्थित एक गड्ढे से नर कंकाल और कपड़े बरामद कर लिया। दोनों ने बताया कि वे कल्लू के दोस्त थे। तीनों एक साथ शराब पीते थे। किशन ने तीन शराब पीकर उन्हें मारा था। इसका बदला लेने के लिए दोनों ने उसी को ठिकाने लगाने की योजना बनाई।
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घटना के दिन शराब पिलाने के बाद किशन पर संबल और पत्थर से वारकर दोनों ने उसकी हत्या कर दी और शव को ठिकाने लगाया। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल से बरामद किशन के फटे टीशर्ट और शर्ट से परिजनों ने नर-कंकाल की शिनाख्त की।
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सिर पर चोट के चलते हुई मौत
पुलिस ने नर कंकाल को मोर्चरी में भेज दिया। राजकीय मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा सहित दो डाक्टरों की टीम ने काफी देर तक फोरेंसिक जांच की। टीम को जांच करनी थी कि कंकाल नर का है या मादा का है, कितना पुराना है। किस कारण मौत हुई। जांच में पाया गया कि कंकाल नर का है। सिर पर चोट के चलते उसकी मौत हुई है। कंकाल एक साल से अधिक पुराना है।