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बिहार के गैंग ने किया था मोबाइल शोरूम में चोरी
Updated Wed, 18 Apr 2018 02:04 AM IST
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chori
- फोटो : amarujala
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हल्द्वानी। ठंडी सड़क स्थित मोबाइल शो रूम में लाखों की चोरी बिहार के चेलुवा बेलवा गैंग ने की थी। पुलिस ने ढाई महीने बाद गैंग के एक सदस्य को गिरफ्तार कर यह खुलासा किया है। हालांकि गैंग के सरगना सहित सात सदस्य अभी फरार हैं। गिरफ्तार सदस्य के पास चोरी के तीन मोबाइल को बरामद किया है। पता चला कि गिरोह का एक सदस्य इंटरनेट पर मोबाइल शोरूम को सर्च करता है। गिरोह के लोग दुकान की रेकी करने के बाद घटना को अंजाम देते है।
एसएसपी जन्मेजय खंडूरी ने बहुउद्देश्यीय भवन में पत्रकारों को बताया कि मोबाइल शो रूम में 30 जनवरी की रात चोरों ने शटर का तालों को तोड़कर 20 लाख रुपये कीमत के मोबाइल चुराए थे। इस मामले में एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव के निर्देशन में सीओ दिनेश चंद्र ढौडियाल ने एसओजी सहित दो टीमें गठित की थी। सर्विलांस के आधार पर पुलिस ने पता लगाया कि शोरूम में चोरी करने वाले गिरोह का सदस्य मंगलवार को रोडवेज परिसर आया है। पुलिस टीम ने आरोपी को धर दबोचा। पकड़ा गया अनवर देवान पुत्र स्वर्गीय भिखारी देवान बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के घोड़ासहन वीरता चौक वार्ड नंबर चार का रहने वाला है। पता चला कि गिरोह का सरगना समीर उर्फ चेलुवा और बेलुवा सगे भाई है। गैंग के अन्य सदस्य रेसाज, सुरेंद्र, अख्तर, ओसिया सहित छह के नाम प्रकाश में आए हैं। ठंडी सड़क में चोरी करने के लिए गिरोह के सदस्य रेकी करने के लिए दो दिन पहले हल्द्वानी रेलवे स्टेशन पर आए थे। घटना के बाद बरेली से लखनऊ और सीतापुर होते हुए घर चले गए।
एक को पकड़ा, सरगना सहित सात अन्य की तलाश, चोरी के तीन मोबाइल सेट बरामद
नेट पर सर्च करते हैं मोबाइल शोरूम, उसके बाद होती है रेकी
घोड़ासन में पांच गिरोह सक्रिय
पुलिस के अनुसार घोड़ासन गांव में चेलुवा बेलवा गैंग के अलावा मेराज, नईम देवान, इम्तियाज और वीर जायसवाल का गिरोह सक्रिय है। चेलुवा गैंग के अन्य सदस्य छत्तीसगढ़, हरियाणा, कोयंबटूर, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, मध्यप्रदेश की जेलों में बंद हैं। यह गिरोह चोरी करने के बाद मोबाइल नेपाल और बांग्लादेश में बेचते हैं।
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दीपक करता है नेट सर्चिंग
अनवर ने बताया कि मोबाइल शो रूम की इंटरनेट से सर्चिंग संतोष उर्फ छोटू करता है। इंटरनेट से ढूंढने के बाद गिरोह रैकी के लिए तैयार होता है। शो रूम के तालों को चादर से ढककर तोड़ते हैं। अंदर घुसने वाले को प्लेयर कहा जाता है। प्लेयर का काम चेबुवा और बेलवा करते हैं।
आरजेडी का विधायक करता है सहयोग
गिरफ्तार अनवर देवान का दावा है कि उसके गिरोह के सरगना को आरजेडी का एक विधायक सहयोग करता है। गांव के काफी लोग चोरी करते हैं। उसने बताया कि 300 से अधिक मोबाइल सेट नेपाल जाकर आधे दामों पर बेचे जा चुके हैं। अधिक मोबाइल आने पर उनको बांग्लादेश बेचा जाता है कि ताकि पुलिस सर्विलांस से पकड़ न सके।
टीम को ढाई हजार का पुरस्कार
एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तारी में शामिल टीम को ढाई हजार का पुरस्कार दिया जाएगा। टीम में थाना प्रभारी केआर पांडे, एसओजी प्रभारी दिनेश पंत, चौकी प्रभारी प्रताप सिंह नगरकोटी, कुंदन रौतेला, सत्येंद्र सिंह गंगोला, चंद्रशेखर मल्होत्रा, पुष्कर रौतेला और किशन चंद्र शर्मा शामिल हैं।
पुलिस के दावे पर व्यवसायी ने उठाए सवाल
शो रूम के मालिक जसप्रीत सिंह उर्फ रिंकू ने बताया कि चोरों ने 200 सेट मोबाइल सेट चुराए थे। चोरी गए सेटों की कीमत करीब 45 लाख से अधिक थी। जबकि पुलिस सिर्फ 20 लाख कीमत के मोबाइल सेटों की चोरी का दावा कर रही है। बरामदगी सिर्फ तीन सेट की हुई है। व्यवसायी का कहना है कि घटना का खुलासा करते समय पुलिस ने उन्हें नहीं बुलाया था। रिंकू ने खुलासे और पुलिस के दावे पर सवाल उठाए हैं।
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एसएसपी जन्मेजय खंडूरी ने बहुउद्देश्यीय भवन में पत्रकारों को बताया कि मोबाइल शो रूम में 30 जनवरी की रात चोरों ने शटर का तालों को तोड़कर 20 लाख रुपये कीमत के मोबाइल चुराए थे। इस मामले में एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव के निर्देशन में सीओ दिनेश चंद्र ढौडियाल ने एसओजी सहित दो टीमें गठित की थी। सर्विलांस के आधार पर पुलिस ने पता लगाया कि शोरूम में चोरी करने वाले गिरोह का सदस्य मंगलवार को रोडवेज परिसर आया है। पुलिस टीम ने आरोपी को धर दबोचा। पकड़ा गया अनवर देवान पुत्र स्वर्गीय भिखारी देवान बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के घोड़ासहन वीरता चौक वार्ड नंबर चार का रहने वाला है। पता चला कि गिरोह का सरगना समीर उर्फ चेलुवा और बेलुवा सगे भाई है। गैंग के अन्य सदस्य रेसाज, सुरेंद्र, अख्तर, ओसिया सहित छह के नाम प्रकाश में आए हैं। ठंडी सड़क में चोरी करने के लिए गिरोह के सदस्य रेकी करने के लिए दो दिन पहले हल्द्वानी रेलवे स्टेशन पर आए थे। घटना के बाद बरेली से लखनऊ और सीतापुर होते हुए घर चले गए।
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एक को पकड़ा, सरगना सहित सात अन्य की तलाश, चोरी के तीन मोबाइल सेट बरामद
नेट पर सर्च करते हैं मोबाइल शोरूम, उसके बाद होती है रेकी
घोड़ासन में पांच गिरोह सक्रिय
पुलिस के अनुसार घोड़ासन गांव में चेलुवा बेलवा गैंग के अलावा मेराज, नईम देवान, इम्तियाज और वीर जायसवाल का गिरोह सक्रिय है। चेलुवा गैंग के अन्य सदस्य छत्तीसगढ़, हरियाणा, कोयंबटूर, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, मध्यप्रदेश की जेलों में बंद हैं। यह गिरोह चोरी करने के बाद मोबाइल नेपाल और बांग्लादेश में बेचते हैं।
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दीपक करता है नेट सर्चिंग
अनवर ने बताया कि मोबाइल शो रूम की इंटरनेट से सर्चिंग संतोष उर्फ छोटू करता है। इंटरनेट से ढूंढने के बाद गिरोह रैकी के लिए तैयार होता है। शो रूम के तालों को चादर से ढककर तोड़ते हैं। अंदर घुसने वाले को प्लेयर कहा जाता है। प्लेयर का काम चेबुवा और बेलवा करते हैं।
आरजेडी का विधायक करता है सहयोग
गिरफ्तार अनवर देवान का दावा है कि उसके गिरोह के सरगना को आरजेडी का एक विधायक सहयोग करता है। गांव के काफी लोग चोरी करते हैं। उसने बताया कि 300 से अधिक मोबाइल सेट नेपाल जाकर आधे दामों पर बेचे जा चुके हैं। अधिक मोबाइल आने पर उनको बांग्लादेश बेचा जाता है कि ताकि पुलिस सर्विलांस से पकड़ न सके।
टीम को ढाई हजार का पुरस्कार
एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तारी में शामिल टीम को ढाई हजार का पुरस्कार दिया जाएगा। टीम में थाना प्रभारी केआर पांडे, एसओजी प्रभारी दिनेश पंत, चौकी प्रभारी प्रताप सिंह नगरकोटी, कुंदन रौतेला, सत्येंद्र सिंह गंगोला, चंद्रशेखर मल्होत्रा, पुष्कर रौतेला और किशन चंद्र शर्मा शामिल हैं।
पुलिस के दावे पर व्यवसायी ने उठाए सवाल
शो रूम के मालिक जसप्रीत सिंह उर्फ रिंकू ने बताया कि चोरों ने 200 सेट मोबाइल सेट चुराए थे। चोरी गए सेटों की कीमत करीब 45 लाख से अधिक थी। जबकि पुलिस सिर्फ 20 लाख कीमत के मोबाइल सेटों की चोरी का दावा कर रही है। बरामदगी सिर्फ तीन सेट की हुई है। व्यवसायी का कहना है कि घटना का खुलासा करते समय पुलिस ने उन्हें नहीं बुलाया था। रिंकू ने खुलासे और पुलिस के दावे पर सवाल उठाए हैं।