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इमाद की मौत के मामले में मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश
Updated Sat, 29 Jul 2017 02:06 AM IST
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हल्द्वानी। एमतुल्ला और इमाद के असमय इस दुनिया से विदा होने के बाद शुक्रवार को प्रशासन हरकत में तो आया लेकिन प्रशासनिक जवाबदेही एमतुल्ला और इमाद को न्याय मिल पाने पर सवाल उठ रहे हैं। हल्द्वानी के इमाद की मौत के मामले में मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश हुए और राजस्थान की एमतुल्ला के मामले में राष्ट्रीय राजमार्ग पर तुरंत पैरापिट बनाने के आदेश जारी हुए। कड़वी हकीकत यह भी है कि शायद ही कोई मजिस्ट्रेटी जांच रही हो जो अंजाम तक पहुंची हो और नैनीताल में पैरापिट का न होना नहीं, बल्कि आवारा कुत्तों का हमला और दुर्घटना के बाद समय से सही उपचार न मिल पाना एमतुल्ला की मौत का वजह बना।
प्रभारी डीएम प्रकाश चंद्र ने बनभूलपुरा निवासी छह साल के इमाद की मौत के मामले में शुक्रवार को मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए। आदेश में कहा गया कि 15 दिन में जांच पूरी कर दोषियों के बारे में आख्या दें। उन्होंने नगर मजिस्ट्रेट, एसपी सिटी, एआरटीओ प्रवर्तन को संयुक्त रूप से निरीक्षण का भी आदेश दिया। इसी तरह राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड को नैनीताल-हल्द्वानी एनएच पर तत्काल पैरापिट बनाने का आदेश जारी किया गया। अपने मां-पिता के साथ राजस्थान से नैनीताल घूमने आई दस साल की एमतुल्ला 24 जुलाई को आवारा कुत्तों के हमले से बचने की कोशिश में कई फुट गहरी खाई में गिरकर घायल हो गई थी। उसे लेने केलिए एंबुलेंस करीब पौन घंटे देर से पहुंची थी और इलाज के लिए एमतुल्ला परिवार को नैनीताल से लेकर हल्द्वानी तक की दौड़भाग करनी पड़ी। जाहिर है कि एमतुल्ला का असमय दुनिया से विदा होने के पीछे स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली भी कम जिम्मेदार नहीं है। यहां प्रशासन की नजर सिर्फ पैरापिट पर ही गई। इसी तरह बनभूलपुरा के इमाद के मामले में घोषित की गई मजिस्ट्रेटी जांच की मंशा पर भी सवाल उठे हैं। कड़वी हकीकत यह भी है कि शायद ही कोई मजिस्ट्रेटी जांच रही हो जिसका परिणाम निकला हो।
कोट
जांच में पूरा सहयोग करूंगा। मैं चाहता हूं कि जैसा एमतुल्ला के साथ हुआ, वैसा किसी और के साथ न हो। नैनीताल जैसी जगह में एंबुलेंस पूरी तरह से चिकित्सीय उपकरणों से सुसज्जित हो और स्टाफ प्रशिक्षित हो। दोषियों को इसलिए भी सजा मिलनी चाहिए कि कोई और बच्चा एमतुल्ला की तरह असमय इस दुनिया से विदा न हो।
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- अब्बास, एमतुल्ला के पिता।
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प्रभारी डीएम प्रकाश चंद्र ने बनभूलपुरा निवासी छह साल के इमाद की मौत के मामले में शुक्रवार को मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए। आदेश में कहा गया कि 15 दिन में जांच पूरी कर दोषियों के बारे में आख्या दें। उन्होंने नगर मजिस्ट्रेट, एसपी सिटी, एआरटीओ प्रवर्तन को संयुक्त रूप से निरीक्षण का भी आदेश दिया। इसी तरह राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड को नैनीताल-हल्द्वानी एनएच पर तत्काल पैरापिट बनाने का आदेश जारी किया गया। अपने मां-पिता के साथ राजस्थान से नैनीताल घूमने आई दस साल की एमतुल्ला 24 जुलाई को आवारा कुत्तों के हमले से बचने की कोशिश में कई फुट गहरी खाई में गिरकर घायल हो गई थी। उसे लेने केलिए एंबुलेंस करीब पौन घंटे देर से पहुंची थी और इलाज के लिए एमतुल्ला परिवार को नैनीताल से लेकर हल्द्वानी तक की दौड़भाग करनी पड़ी। जाहिर है कि एमतुल्ला का असमय दुनिया से विदा होने के पीछे स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली भी कम जिम्मेदार नहीं है। यहां प्रशासन की नजर सिर्फ पैरापिट पर ही गई। इसी तरह बनभूलपुरा के इमाद के मामले में घोषित की गई मजिस्ट्रेटी जांच की मंशा पर भी सवाल उठे हैं। कड़वी हकीकत यह भी है कि शायद ही कोई मजिस्ट्रेटी जांच रही हो जिसका परिणाम निकला हो।
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जांच में पूरा सहयोग करूंगा। मैं चाहता हूं कि जैसा एमतुल्ला के साथ हुआ, वैसा किसी और के साथ न हो। नैनीताल जैसी जगह में एंबुलेंस पूरी तरह से चिकित्सीय उपकरणों से सुसज्जित हो और स्टाफ प्रशिक्षित हो। दोषियों को इसलिए भी सजा मिलनी चाहिए कि कोई और बच्चा एमतुल्ला की तरह असमय इस दुनिया से विदा न हो।
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- अब्बास, एमतुल्ला के पिता।