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मागसायसाय पुरस्कार विजेता
Updated Fri, 01 Dec 2017 01:54 AM IST
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रामनगर/हल्द्वानी। मैगसायसाय पुरस्कार प्राप्त वन संरक्षक संजीव चतुर्वेदी के साथ अब वन बीट आरक्षी, वन बीट अधिकारी संघ भी खड़ा हो गया है। संघ ने तराई पश्चिमी, रामनगर क्षेत्र में मारे गए हाथी की निष्पक्ष जांच चतुर्वेदी से कराने की मांग की है, जिस पर तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ ने सहमति जता दी है।
वन आरक्षी संघ भवन रामनगर में बृहस्पतिवार को वनकर्मियों की आपात बैठक हुई। इसमें वक्ताओं ने कहा कि आमपोखरा रेंज में अतिक्रमण कर रह रहे वन गुज्जर गुलाम रसूल ने विद्युत करंट लगाकर हाथी मारा था। इस मामले में बिना जांच के ही वनकर्मी राजेंद्र सिंह, हरी राम को निलंबित किया गया। कर्मियों को निलंबित कर तराई पश्चिमी, रामनगर के वनाधिकारी लीपापोती करने की कोशिश में जुटे हैं जबकि इस मामले में 15 वन अपराधी लिप्त हैं। उन्होंने एक सुर में इस पूरे प्रकरण की जांच वन अनुसंधान केंद्र के वन संरक्षक संजीव चतुर्वेदी से कराने की मांग की है जो कि निष्ठावान, ईमानदार अधिकारी हैं।
उन्होंने तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ डीके सिंह को ज्ञापन भी सौंपा। इस पर सिंह ने वन संरक्षक को पत्र लिखकर जांच करने का आश्वासन दिया। इस दौरान शेखर चंद्र तिवारी, वीरेंद्र प्रसाद पांडे, संजय पांडे, राकेश रत्नाकर, जमन सिंह भावड़ी, प्रताप सिंह अधिकारी, राजेंद्र सिंह, जगदीश पांडे, धर्मपाल सिंह नेगी आदि थे।
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वन आरक्षी संघ भवन रामनगर में बृहस्पतिवार को वनकर्मियों की आपात बैठक हुई। इसमें वक्ताओं ने कहा कि आमपोखरा रेंज में अतिक्रमण कर रह रहे वन गुज्जर गुलाम रसूल ने विद्युत करंट लगाकर हाथी मारा था। इस मामले में बिना जांच के ही वनकर्मी राजेंद्र सिंह, हरी राम को निलंबित किया गया। कर्मियों को निलंबित कर तराई पश्चिमी, रामनगर के वनाधिकारी लीपापोती करने की कोशिश में जुटे हैं जबकि इस मामले में 15 वन अपराधी लिप्त हैं। उन्होंने एक सुर में इस पूरे प्रकरण की जांच वन अनुसंधान केंद्र के वन संरक्षक संजीव चतुर्वेदी से कराने की मांग की है जो कि निष्ठावान, ईमानदार अधिकारी हैं।
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उन्होंने तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ डीके सिंह को ज्ञापन भी सौंपा। इस पर सिंह ने वन संरक्षक को पत्र लिखकर जांच करने का आश्वासन दिया। इस दौरान शेखर चंद्र तिवारी, वीरेंद्र प्रसाद पांडे, संजय पांडे, राकेश रत्नाकर, जमन सिंह भावड़ी, प्रताप सिंह अधिकारी, राजेंद्र सिंह, जगदीश पांडे, धर्मपाल सिंह नेगी आदि थे।
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