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हत्या नहीं आत्महत्या के लक्षण मिले
Updated Mon, 29 Jan 2018 02:20 AM IST
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हल्द्वानी। सिडकुल कर्मी विनोद की मौत मामले में हरिद्वार पुलिस की प्रारंभिक जांच खुदकुशी की ओर इशारा कर रही है। हल्द्वानी पुलिस की मानें तो पत्नी से विवाद होने के बाद उसने कमरा बंद कर फांसी लगाई थी। दोनों में हाथापाई भी हुई थी। इधर, पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट तीन दिन में मिलने की बात कह रही है।
थानाध्यक्ष संजय जोशी ने बताया कि विनोद चंद की मौत को लेकर उन्होंने हरिद्वार के सिडकुल थानाध्यक्ष से बात की थी। हरिद्वार पुलिस ने बताया कि घटना से पहले विनोद घर में शराब पीकर आया था। पति कोई काम नहीं करता था। पत्नी की कमाई पर वह शराब भी पीता था। घर में दोनों के बीच विवाद के बाद हाथापाई हुई। पत्नी दूसरे कमरे में चली गई। इस बीच विनोद ने अंदर से दरवाजा बंद कर फांसी लगा ली। पत्नी मंजू ने जब दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया तो कोई उत्तर नहीं मिला। पत्नी ने इस मामले में पास रहने वाले किराएदारों से मदद मांगी। किराएदारों ने अंदर झांककर देखा तो अंदर विनोद की गर्दन पंखे से लटक रही थी। पुलिस ने किराएदारों से भी पूछताछ की। इसके बाद पत्नी शव को लेकर हल्द्वानी के सुलतान नगरी गौलापार स्थित मायके आयी। विनोद मूल रूप से भीमताल के सैल्यूड़ा गांव का रहने वाला था। वह दस साल से हरिद्वार के सिड्कुल में परिवार के साथ रहता था। विनोद के परिजनों द्वारा हत्या का आरोप लगाने पर हल्द्वानी पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया। मुकदमा दर्ज होने पर इस घटना की जांच हरिद्वार पुलिस ही करेगी।
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थानाध्यक्ष संजय जोशी ने बताया कि विनोद चंद की मौत को लेकर उन्होंने हरिद्वार के सिडकुल थानाध्यक्ष से बात की थी। हरिद्वार पुलिस ने बताया कि घटना से पहले विनोद घर में शराब पीकर आया था। पति कोई काम नहीं करता था। पत्नी की कमाई पर वह शराब भी पीता था। घर में दोनों के बीच विवाद के बाद हाथापाई हुई। पत्नी दूसरे कमरे में चली गई। इस बीच विनोद ने अंदर से दरवाजा बंद कर फांसी लगा ली। पत्नी मंजू ने जब दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया तो कोई उत्तर नहीं मिला। पत्नी ने इस मामले में पास रहने वाले किराएदारों से मदद मांगी। किराएदारों ने अंदर झांककर देखा तो अंदर विनोद की गर्दन पंखे से लटक रही थी। पुलिस ने किराएदारों से भी पूछताछ की। इसके बाद पत्नी शव को लेकर हल्द्वानी के सुलतान नगरी गौलापार स्थित मायके आयी। विनोद मूल रूप से भीमताल के सैल्यूड़ा गांव का रहने वाला था। वह दस साल से हरिद्वार के सिड्कुल में परिवार के साथ रहता था। विनोद के परिजनों द्वारा हत्या का आरोप लगाने पर हल्द्वानी पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया। मुकदमा दर्ज होने पर इस घटना की जांच हरिद्वार पुलिस ही करेगी।
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