फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   जेल में बंदियों की संख्या देखकर घबरा गया था पीपी

जेल में बंदियों की संख्या देखकर घबरा गया था पीपी

Tue, 25 Sep 2018 01:44 AM IST
Updated Tue, 25 Sep 2018 01:44 AM IST
विज्ञापन
जेल में बंदियों की संख्या देखकर घबरा गया था पीपी
mumbai don
हल्द्वानी। जेल में बंदियों की अधिक संख्या देखकर प्रकाश पांडे (पीपी) घबरा गया था। सुरक्षा व्यवस्था के चलते उसे साथियों से मिलने में परेशानी होने लगी थी। शायद इसी कारण उसने जेल में यहां न रहने की इच्छा जताई थी।
विज्ञापन

पीपी दो साल पहले नैनीताल जेल में बंद था। उस समय तत्कालीन एसएसपी ने पीपी के खिलाफ रिपोर्ट दी थी। पुलिस ने बताया कि पीपी जेल में रहकर गिरोह संचालित करने की कोशिश कर रहा है। रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने उसे अल्मोड़ा जेल भेज दिया था। इस बार दो सितंबर को हल्द्वानी कारागार में आया तो बंदियों की संख्या देखकर घबरा गया। उसे अंदर टहलने और घूमने में दिक्कत हो रही थी। सुरक्षा व्यवस्था के चलते साथियों से मुलाकात नहीं हो रही थी। सभी बैरकों में ऊधमसिंह नगर के कैदी दिखाई दे रहे थे। एलआईयू भी उसकी गतिविधियों के बारे में जानकारी ले रही थी। पुलिस का कहना है कि वह डर गया था। एसएसपी जन्मेजय खंडूरी ने बताया कि पीपी ने वरिष्ठ जेल अधीक्षक को लिखित रूप से दिया कि वह यहां नहीं रह सकता है। इसी आधार पर डीएम ने उसे पौड़ी जेल स्थानांतरित करने का आदेश जेल अधीक्षक को दिया।
विज्ञापन



अंडरवर्ल्ड से नही मिला सहयोग
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम के खिलाफ गिरोह संचालित करने वाले मुंबई के छोटा राजन ने कभी पीपी गिरोह का सहयोग लिया था। नेपाल में अपनी बादशाहत कायम रखने के लिए छोटा राजन ने पीपी के गुर्गों को काफी कारगर मानता था। इसी गिरोह के बदौलत उसने नेपाल में अपने दुश्मनों को ठिकाने लगाया लेकिन राजन के जेल में बंद होने से दोनों के बीच संबंध टूट गए। सूत्रों का कहना है कि अब अंडरवर्ल्ड से पीपी को मिलने वाली आर्थिक मदद भी बंद हो गई है। नैनीताल जेल में बंद होने पर सफेदपोशों ने काफी मदद की थी। इसकी भनक मिलने पर पुलिस प्रशासन ने उसे हटाने का निर्णय लिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed