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गबन करने पर प्रिया को निकाला था
Updated Sun, 25 Mar 2018 02:44 AM IST
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हल्द्वानी। बिल्डर मोहन पाल का आरोप है कि प्रिया शर्मा ने उन्हें फंसाने के लिए इकरारनामे पर फर्जी दस्तखत किए थे। पुलिस के समक्ष उन्होंने असली दस्तखत किए। उन्होंने यह भी कहा कि गबन के आरोप में प्रिया को नौकरी से निकाला गया था।
पॉल कालोनी के डॉयरेक्टर मोहन पाल ने बताया कि उन्होंने प्रिया शर्मा को 2012 में प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में अपनी कंपनी में नौकरी दी थी। पहले उन्हें 12 हजार रुपये वेतन दिया जाता था। दो साल बाद काम देखकर वेतन बढ़ाकर 25 हजार कर दिया था। मोहन पाल के अनुसार इस बीच शिकायत मिली कि प्रिया ने रुद्रपुर के एक ढाबे वाले को जमीन देने के लिए 50 लाख रुपये लिए हैं। ऐसी जमीन की बात प्रिया ने की थी जो उनकी नहीं थी। जमीन नहीं मिलने पर ढाबे वाले ने उनसे संपर्क किया। उस समय वह चुनाव में व्यस्त थे इसी कारण विश्वास कर सारी जिम्मेदारी प्रिया पर छोड़ी थी। गबन का पता चलने पर 2015 में उन्होंने प्रिया को नौकरी से निकाल दिया। अब उसकी पुरानी कारगुजारियां सामने आ रही है। एनएच से उनका कोई मतलब नहीं था। फर्जी दस्तखत का मामला सामने आने पर वह दंग रह गए। बैंक में किए गए दस्तखत का नमूना उन्होंने रुद्रपुर पुलिस को सौंप दिया है। मोहन पाल के अनुसार राजनीतिक व्यक्ति होने के कारण उनकी व्यस्तता का प्रिया ने बेजा फायदा उठाया था।
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पॉल कालोनी के डॉयरेक्टर मोहन पाल ने बताया कि उन्होंने प्रिया शर्मा को 2012 में प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में अपनी कंपनी में नौकरी दी थी। पहले उन्हें 12 हजार रुपये वेतन दिया जाता था। दो साल बाद काम देखकर वेतन बढ़ाकर 25 हजार कर दिया था। मोहन पाल के अनुसार इस बीच शिकायत मिली कि प्रिया ने रुद्रपुर के एक ढाबे वाले को जमीन देने के लिए 50 लाख रुपये लिए हैं। ऐसी जमीन की बात प्रिया ने की थी जो उनकी नहीं थी। जमीन नहीं मिलने पर ढाबे वाले ने उनसे संपर्क किया। उस समय वह चुनाव में व्यस्त थे इसी कारण विश्वास कर सारी जिम्मेदारी प्रिया पर छोड़ी थी। गबन का पता चलने पर 2015 में उन्होंने प्रिया को नौकरी से निकाल दिया। अब उसकी पुरानी कारगुजारियां सामने आ रही है। एनएच से उनका कोई मतलब नहीं था। फर्जी दस्तखत का मामला सामने आने पर वह दंग रह गए। बैंक में किए गए दस्तखत का नमूना उन्होंने रुद्रपुर पुलिस को सौंप दिया है। मोहन पाल के अनुसार राजनीतिक व्यक्ति होने के कारण उनकी व्यस्तता का प्रिया ने बेजा फायदा उठाया था।
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